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केले के चिप्स या आलू के जानें सही विकल्प

Ratna Netam
17 Aug 2026 3:18 PM IST
केले के चिप्स या आलू के जानें सही विकल्प
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हेल्थ डेस्क। व्रत के दौरान सामान्य भोजन नहीं करने के कारण बीच-बीच में भूख लगना आम बात है। ऐसे में लोग फल, साबूदाना, मखाना, मेवे और चिप्स जैसी चीजों का सेवन करते हैं। केले और आलू के चिप्स व्रत में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले स्नैक्स में शामिल हैं। हालांकि, दोनों में से किसी एक को केवल उसके मुख्य घटक के आधार पर सेहतमंद मानना सही नहीं है। चिप्स बनाने में इस्तेमाल हुआ तेल, नमक की मात्रा, पकाने का तरीका और खाई जाने वाली मात्रा भी महत्वपूर्ण होती है।
केले में स्वाभाविक रूप से कार्बोहाइड्रेट, पोटैशियम और कुछ मात्रा में फाइबर पाया जाता है। कच्चे केले से तैयार चिप्स शरीर को ऊर्जा दे सकते हैं। यदि इन्हें कम तेल में सेंककर या एयर फ्राई करके बनाया गया हो और इनमें नमक सीमित रखा गया हो तो ये व्रत के दौरान अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प हो सकते हैं। फाइबर की मौजूदगी के कारण थोड़ी मात्रा में केले के चिप्स खाने से कुछ समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में मिलने वाले केले के सभी चिप्स सेहतमंद होते हैं। व्यावसायिक रूप से तैयार किए गए केले के चिप्स अक्सर अधिक तेल में तले जाते हैं। कई उत्पादों में नमक या दूसरे स्वाद बढ़ाने वाले पदार्थ भी ज्यादा मात्रा में हो सकते हैं। तलने के बाद उनकी कैलोरी बढ़ जाती है। ऐसे में केले से बने होने के बावजूद इनका अधिक सेवन वजन और पाचन से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकता है।
आलू में भी भरपूर कार्बोहाइड्रेट होता है, जिससे शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। व्रत के दौरान सीमित मात्रा में आलू या उससे तैयार व्यंजन खाने से कमजोरी और भूख को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। लेकिन आलू के चिप्स अधिक तेल में तले गए हों तो इनमें वसा और कैलोरी की मात्रा काफी बढ़ सकती है। अधिक नमक वाले चिप्स बार-बार खाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
दोनों प्रकार के चिप्स की तुलना करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात उन्हें तैयार करने का तरीका है। बहुत अधिक तेल में तले गए केले के चिप्स की तुलना में कम तेल में सेंके गए आलू के चिप्स बेहतर हो सकते हैं। इसी तरह कम तेल और कम नमक में तैयार केले के चिप्स ज्यादा तले हुए आलू के चिप्स से अच्छा विकल्प हो सकते हैं। इसलिए केवल केला या आलू देखकर किसी उत्पाद को पौष्टिक मानना ठीक नहीं है।
व्रत में सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, सेंधा नमक होने का मतलब यह नहीं है कि उसका अधिक सेवन किया जा सकता है। ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी रुकने, पेट फूलने और रक्तचाप बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या हृदय संबंधी समस्या वाले लोगों को नमक की मात्रा को लेकर विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
चिप्स खाते समय मात्रा नियंत्रित रखना भी जरूरी है। इन्हें पैकेट से सीधे और लगातार खाने के बजाय एक छोटी कटोरी में निकालकर सेवन करना बेहतर रहेगा। चिप्स को पूरे दिन का मुख्य भोजन बनाने के बजाय हल्के स्नैक के रूप में लेना चाहिए। बार-बार भूख लगने पर फल, दही, दूध, भुना मखाना और सीमित मात्रा में मेवे जैसे विकल्प चुने जा सकते हैं। इनमें चिप्स की तुलना में अधिक पोषण मिल सकता है।
घर पर बने चिप्स बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं क्योंकि उनमें तेल और नमक की मात्रा नियंत्रित की जा सकती है। केले या आलू को पतला काटकर एयर फ्रायर, ओवन या तवे पर कम तेल में सेंका जा सकता है। स्वाद के लिए थोड़ा सेंधा नमक और काली मिर्च इस्तेमाल की जा सकती है।
कुल मिलाकर, कम तेल और नमक में तैयार केले के चिप्स कुछ मामलों में आलू के चिप्स से बेहतर हो सकते हैं, लेकिन दोनों का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। मधुमेह, ब्लड प्रेशर, किडनी या अन्य बीमारी वाले लोगों को व्रत और आहार में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
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