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आयुर्वेदिक दवाएं एनीमिया में आयरन-फोलिक एसिड जितनी प्रभावी

Lifestyle लाइफ स्टाइल ; भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) द्वारा संयुक्त रूप से किए गए एक बहु-केंद्रित क्लिनिकल परीक्षण में महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए हैं। अध्ययन के अनुसार, आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के उपचार में उपयोग की जाने वाली दो आयुर्वेदिक औषधियां मध्यम एनीमिया से पीड़ित महिलाओं में आयरन फोलिक एसिड सप्लीमेंटेशन के समान प्रभावी पाई गई हैं।
यह अध्ययन फेज-3 रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल (RCT) के तहत किया गया, जिसके परिणाम 20 मई को आयोजित “पहला ICMR वार्षिक क्लिनिकल ट्रायल मीट 2026” के दौरान प्रस्तुत किए गए। इस मीट में देशभर के चिकित्सा विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया।
रिपोर्ट के अनुसार, अध्ययन में शामिल महिलाओं पर पारंपरिक आयरन-फोलिक एसिड सप्लीमेंट और दो आयुर्वेदिक औषधियों के प्रभावों की तुलना की गई। निष्कर्षों में पाया गया कि आयुर्वेदिक उपचार लेने वाली महिलाओं में भी हीमोग्लोबिन स्तर और अन्य रक्त सूचकांक में सुधार देखा गया, जो मानक चिकित्सा उपचार के समान था।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अध्ययन भारत में पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली और आधुनिक चिकित्सा के बीच एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सेतु स्थापित करता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि यह परीक्षण कई केंद्रों पर किया गया ताकि परिणाम अधिक विश्वसनीय और व्यापक हों।
हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के परिणामों को व्यापक जन-स्वास्थ्य नीति में शामिल करने से पहले और अधिक अध्ययन तथा दीर्घकालिक निगरानी आवश्यक होगी। साथ ही, रोगियों की व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार उपचार का चयन किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने कहा कि भारत में एनीमिया एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है, विशेषकर महिलाओं में इसका प्रभाव अधिक देखा जाता है। ऐसे में वैकल्पिक और प्रभावी उपचार विकल्पों की खोज महत्वपूर्ण है।
ICMR और CCRAS के इस संयुक्त अध्ययन को स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में एनीमिया के उपचार के लिए नए विकल्पों का मार्ग खोल सकता है।





