लाइफ स्टाइल

हरे आलू से बचें, नहीं तो Health खतरे में

Harrison
11 Nov 2025 8:50 PM IST
हरे आलू से बचें, नहीं तो Health खतरे में
x
Lifestyle, लाइफस्टाइल : हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि घर में इस्तेमाल होने वाले आलू में अगर हरा रंग या अंकुर दिखाई दे, तो उसे तुरंत किचन से हटा देना चाहिए। हरे आलू में मौजूद सोलानिन नामक प्राकृतिक रसायन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। सोलानिन एक तरह का विष है, जो शरीर में सेवन होने पर उल्टी, दस्त, सिरदर्द और पेट दर्द जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या केवल अंकुरित या हरे आलू तक ही सीमित नहीं है; आलू का हल्का हरा रंग भी इसे खाने योग्य नहीं बनाता।
आलू के हरे पड़ने का कारण सूरज की रोशनी और आर्द्रता को बताया गया है। जब आलू को लंबे समय तक रोशनी में रखा जाता है, तो इसमें क्लोरोफिल का निर्माण होता है, जिससे हरा रंग दिखाई देता है। हालांकि क्लोरोफिल खुद हानिकारक नहीं है, लेकिन इसके साथ सोलानिन का निर्माण भी होता है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। सोलानिन के प्रभाव से पेट में दर्द, मतली, उल्टी, दस्त, और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में यह शरीर में न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी पैदा कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आलू को ठंडी, अंधेरी और सूखी जगह पर रखना चाहिए। भंडारण के दौरान आलू को किसी भी तरह की रोशनी या नमी से बचाना जरूरी है। साथ ही, कभी भी अंकुरित या हरे आलू को छीलकर भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि सोलानिन सिर्फ त्वचा में ही नहीं, बल्कि आलू के अंदर भी मौजूद होता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय और खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे बाजार से आलू खरीदते समय उनकी गुणवत्ता पर ध्यान दें। ऐसे आलू जिनमें हरी या अंकुरित गांठ हो, उन्हें न खरीदें। अगर घर में आलू हरे पड़ जाएं या अंकुरित हो जाएं, तो उन्हें तुरंत अलग कर देना चाहिए। वहीं, आलू का ताजा हिस्सा जो पूरी तरह सामान्य दिखे, उसे भी ध्यान से छीलकर ही खाना चाहिए।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोलानिन का असर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर अधिक गंभीर हो सकता है। इसलिए यह वर्ग विशेष रूप से इस खतरे से सजग रहें। सोलानिन की अधिक मात्रा का सेवन गंभीर रूप से स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, कभी-कभी अस्पताल में भर्ती की भी जरूरत पड़ सकती है।
आलू के सुरक्षित उपयोग के लिए कुछ सरल टिप्स भी दिए गए हैं। आलू को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर करें। किसी भी प्रकार की हरी पत्तियों वाली आलू की गांठों को तुरंत हटा दें। लंबे समय तक आलू को न रखकर समय-समय पर ताजा आलू खरीदें। यदि किसी पकाए हुए व्यंजन में भी आलू का हरा हिस्सा दिखाई दे, तो उसे हटा दें।
इस चेतावनी के बावजूद, बहुत से लोग हरे या अंकुरित आलू को सामान्य समझकर खा लेते हैं, जिससे उनकी सेहत प्रभावित होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बेहद खतरनाक हो सकता है और हल्के लक्षणों को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर समस्या का कारण बन सकता है।
अंत में, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का यही संदेश है कि हरे या अंकुरित आलू को कभी भी खाने के लिए इस्तेमाल न करें। सही भंडारण और सावधानी बरतने से सोलानिन से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। अगर किसी ने गलती से हरे आलू का सेवन कर लिया है और पेट दर्द, उल्टी या अन्य लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करना चाहिए।
इस प्रकार, आलू में दिखाई देने वाले हरे रंग और अंकुरों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह सिर्फ एक सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए एक चेतावनी है। सुरक्षित रहने के लिए हमेशा ताजा, हरा रहित और सही तरीके से भंडारित आलू का ही उपयोग करें।
Next Story