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मुल्तानी मिट्टी लगाने से नहीं जाएगा हर मुंहासा, बिना डॉक्टर की सलाह के Skin पर एक्सपेरिमेंट पड़ सकता है भारी

Harrison
7 Oct 2025 8:08 PM IST
मुल्तानी मिट्टी लगाने से नहीं जाएगा हर मुंहासा, बिना डॉक्टर की सलाह के Skin पर एक्सपेरिमेंट पड़ सकता है भारी
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Lifestyle, लाइफस्टाइल : चेहरे पर निकले मुंहासे (Acne) को हटाने के लिए लोग तरह-तरह के घरेलू नुस्खे अपनाते हैं। इनमें सबसे आम उपाय है मुल्तानी मिट्टी लगाना। सोशल मीडिया, यूट्यूब और ब्यूटी ब्लॉग्स पर दावा किया जाता है कि मुल्तानी मिट्टी त्वचा से गंदगी और तेल निकालकर मुंहासों को जड़ से खत्म कर देती है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो यह उपाय हर किसी के लिए कारगर नहीं होता, और उल्टा नुकसान भी कर सकता है।
डर्मेटोलॉजिस्ट्स ने चेतावनी दी है कि बिना स्किन टाइप समझे मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करना, खासकर रोज़ या लंबे समय तक, त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। कई मामलों में तो इससे मुंहासे और ज्यादा बिगड़ जाते हैं या त्वचा में जलन, खुजली, ड्रायनेस और रेडनेस हो सकती है।
क्या है मुल्तानी मिट्टी?
मुल्तानी मिट्टी एक प्राकृतिक खनिज पदार्थ है जो वर्षों से स्किन केयर में इस्तेमाल होता आ रहा है। इसमें मैग्नीशियम क्लोराइड, कैल्शियम बेंटोनाइट और सिलिका जैसे तत्व होते हैं, जो त्वचा से अतिरिक्त तेल और अशुद्धियां हटाने में मदद करते हैं।
लेकिन हर प्राकृतिक चीज़ हर स्किन टाइप पर सूट करे ये ज़रूरी नहीं। यही कारण है कि डर्मेटोलॉजिस्ट इसे “सावधानी से और सीमित मात्रा में उपयोग” करने की सलाह देते हैं।
क्यों नहीं है हर किसी के लिए फायदेमंद?
1. ड्राई और सेंसिटिव स्किन के लिए हानिकारक
मुल्तानी मिट्टी अत्यधिक तेल शोषित करती है, जिससे ड्राई या सेंसिटिव स्किन और ज्यादा सूख सकती है। इसका परिणाम होता है –
त्वचा में जलन
पपड़ी बनना
लालिमा और खुजली
2. हर मुंहासा एक जैसा नहीं होता
मुंहासों के कई प्रकार होते हैं – व्हाइटहेड्स, ब्लैकहेड्स, सिस्टिक एक्ने आदि। मुल्तानी मिट्टी केवल हल्के तेलीय त्वचा वाले मुंहासों पर ही असरदार हो सकती है।
गहरे, हार्मोनल या इंफेक्शन वाले एक्ने पर इसका इस्तेमाल स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
3. संक्रमण फैलने का खतरा
अक्सर लोग एक ही पेस्ट को कई बार उपयोग करते हैं या इसे गलत तरीके से स्टोर करते हैं। इससे बैक्टीरियल इन्फेक्शन फैलने का खतरा रहता है।
डॉक्टर क्या कहते हैं?
"लोग सोचते हैं कि घरेलू नुस्खे साइड इफेक्ट्स से मुक्त होते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि बिना त्वचा के प्रकार और समस्या की गंभीरता को समझे कोई भी चीज़ लगाना बड़ा जोखिम हो सकता है। मुल्तानी मिट्टी से कुछ लोगों को फायदा होता है, लेकिन यह कोई यूनिवर्सल इलाज नहीं है।"
अगर इस्तेमाल करना ही है, तो ध्यान रखें ये बातें:
पैच टेस्ट करें: पहले हाथ पर या गर्दन के किसी हिस्से पर थोड़ा लगाकर जांचें कि कोई एलर्जी तो नहीं।
स्किन टाइप जानें: तैलीय त्वचा वाले लोग सप्ताह में 1 बार मुल्तानी मिट्टी का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन ड्राय या सेंसिटिव स्किन वालों को इससे बचना चाहिए।
मॉइश्चराइजर ज़रूरी: फेस पैक के बाद अच्छी क्वालिटी का मॉइश्चराइज़र जरूर लगाएं।
देर तक न लगाएं: 10–15 मिनट से ज्यादा मुल्तानी मिट्टी चेहरे पर न रखें।
इन्फ्लेम्ड एक्ने पर न लगाएं: जिन मुंहासों में सूजन या पस हो, उन पर मुल्तानी मिट्टी लगाना खतरनाक हो सकता है।
क्या करें जब मुंहासे बार-बार हों?
डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलें: बार-बार मुंहासे होना शरीर के अंदरूनी हार्मोनल असंतुलन या त्वचा रोग का संकेत हो सकता है।
लाइफस्टाइल पर ध्यान दें: ज्यादा पानी पीएं, ऑयली फूड से बचें और पर्याप्त नींद लें।
केमिकल पील्स या मेडिकेशन: डॉक्टर की सलाह पर दवाएं या ट्रीटमेंट लें जैसे – सलिसिलिक एसिड, बेंजोयल पेरॉक्साइड, रेटिनॉल इत्यादि।
मुल्तानी मिट्टी कोई जादुई इलाज नहीं है, और इसका अंधाधुंध उपयोग करने से स्किन और ज्यादा खराब हो सकती है। चेहरे पर कुछ भी लगाने से पहले ये समझना जरूरी है कि हर स्किन अलग होती है और हर इलाज सबके लिए नहीं होता।
इसलिए अगली बार जब मुंहासे दिखें, तो इंटरनेट के नुस्खे नहीं, डॉक्टर की सुनें — वरना इलाज से ज़्यादा पछतावा हाथ लग सकता है।
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