लाइफ स्टाइल

पीपल हटाने का आसान तरीका छत भी रहेगी सुरक्षित

Ratna Netam
11 Sept 2026 9:30 PM IST
पीपल हटाने का आसान तरीका छत भी रहेगी सुरक्षित
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लाइफस्टाइल । घर की छत, बालकनी, दीवार की दरार या पानी की टंकी के पास अचानक छोटा-सा पीपल का पौधा उग आना आम बात है। शुरुआत में इसकी दो-चार पत्तियां देखकर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कुछ समय बाद इसकी जड़ें तेजी से फैल सकती हैं। अगर पौधा दीवार, छत या टंकी के आधार के पास उगा हो तो उसे केवल ऊपर से तोड़ देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। बची हुई जड़ से दोबारा नई कोंपल निकल सकती है।
ऐसे में सबसे आसान तरीका यह है कि पौधा बहुत छोटा हो तभी **मिट्टी को अच्छी तरह गीला करके जड़ समेत धीरे-धीरे निकालें और उसे किसी सुरक्षित जगह मिट्टी या गमले में प्रत्यारोपित कर दें।** सूखी जगह से जोर लगाकर खींचने के बजाय पानी डालकर आसपास का हिस्सा नरम करने से जड़ निकालना आसान होता है और निर्माण को अनावश्यक नुकसान पहुंचने का जोखिम भी कम रहता है।
हालांकि अगर पीपल मोटा हो चुका है, उसकी जड़ दीवार या स्लैब के भीतर चली गई है या उसे हटाने के लिए छत तोड़नी पड़ सकती है, तो खुद प्रयोग करने के बजाय माली और जरूरत पड़ने पर भवन विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर है।
छत पर आखिर उगता कैसे है पीपल?
पीपल यानी *Ficus religiosa* का बीज बहुत छोटा होता है। पक्षी इसके फल खाते हैं और बीज उनके जरिए अलग-अलग स्थानों तक पहुंच सकते हैं। हवा और बारिश भी बीज तथा जैविक पदार्थ को इमारत की छोटी दरारों में जमा करने में भूमिका निभा सकते हैं।
छत या दीवार की किसी दरार में धूल, मिट्टी और नमी इकट्ठी हो जाए तो छोटे बीज को अंकुरित होने के लिए अनुकूल जगह मिल जाती है। बरसात के मौसम में ऐसी परिस्थितियां और आसानी से बनती हैं।
यही वजह है कि पुराने मकानों, मंदिरों, दीवारों और कम इस्तेमाल होने वाली छतों पर पीपल के छोटे पौधे दिखाई देना असामान्य नहीं है।
छोटी पौध को तुरंत पहचानना जरूरी
समस्या तब बढ़ती है जब पौधे को महीनों या वर्षों तक बढ़ने दिया जाता है। शुरुआती अवस्था में उसकी जड़ छोटी होती है और उसे निकालना अपेक्षाकृत आसान रहता है।
लेकिन समय बीतने के साथ जड़ें उपलब्ध जगह तलाशती हुई दरारों में आगे बढ़ सकती हैं। पहले से मौजूद कमजोर जोड़ या दरार में जड़ बढ़ने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
इसलिए छत की नियमित सफाई करते समय केवल पत्तियां और कचरा हटाना ही पर्याप्त नहीं है। दीवारों के किनारों, पानी की टंकी के नीचे और पाइपों के आसपास उग रही छोटी वनस्पति पर भी नजर रखें।
क्या है वह आसान ट्रिक?
यदि पौधा अभी छोटा है और उसकी जड़ कंक्रीट के भीतर गहराई तक नहीं गई है तो सबसे सरल उपाय **पानी डालकर जड़ वाली जगह को नरम करना** है।
पहले पौधे के आसपास जमा मिट्टी और कचरे को धीरे से साफ करें। इसके बाद पर्याप्त पानी डालें ताकि मिट्टी नम और ढीली हो जाए। कुछ समय बाद पौधे को तने से झटका देकर खींचने के बजाय जड़ के आसपास की मिट्टी हटाते हुए धीरे-धीरे पूरा रूट सिस्टम बाहर निकालने की कोशिश करें।
इसका फायदा यह है कि केवल तना टूटने की संभावना कम होती है और जड़ का बड़ा हिस्सा बाहर निकाला जा सकता है।
यदि पौधा ऐसी दरार में है जहां जड़ साफ दिखाई नहीं देती या निकालते समय कंक्रीट टूटने लगे तो वहीं रुक जाना बेहतर है।
सिर्फ ऊपर से काटना क्यों पर्याप्त नहीं?
बहुत से लोग पीपल की शाखा या तना काट देते हैं और समझते हैं कि समस्या खत्म हो गई। लेकिन अगर जड़ जीवित रह गई तो परिस्थितियां अनुकूल होने पर नई वृद्धि हो सकती है।
इसलिए छोटे पौधे के मामले में लक्ष्य जड़ सहित उसे निकालना होना चाहिए।
दूसरी तरफ बड़ा पौधा होने पर पूरी जड़ को जबरदस्ती निकालना भी सही नहीं है। यदि जड़ भवन के किसी हिस्से में फंसी हो तो जोर लगाने से पहले से कमजोर प्लास्टर, ईंट या कंक्रीट का हिस्सा निकल सकता है।
इसलिए पौधे का आकार तय करता है कि काम घर पर किया जा सकता है या विशेषज्ञ की जरूरत है।
निकालने के बाद उस जगह को खुला न छोड़ें
पौधा निकाल देना केवल आधा काम है। यह पता लगाना भी जरूरी है कि वह वहां उगा क्यों।
यदि छत में दरार है तो उसकी मरम्मत करानी चाहिए। पानी की टंकी के आसपास लगातार सीलन या लीकेज हो तो उसका स्रोत ढूंढें। छत पर मिट्टी और गीला जैविक कचरा जमा रहने से भविष्य में फिर पौधे उग सकते हैं।
जड़ निकालने के बाद जगह साफ करें और अच्छी तरह सूखने दें। यदि वहां क्रैक दिखाई देता है तो उसकी स्थिति के अनुसार उचित निर्माण सामग्री से मरम्मत कराएं।
बड़ी दरार या स्लैब से जुड़ी समस्या होने पर केवल ऊपर से सीमेंट लगा देना पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में पेशेवर निरीक्षण बेहतर रहेगा।
पानी की टंकी के पास पौधा हो तो ज्यादा ध्यान दें
पानी की टंकी के आसपास अक्सर नमी रहती है। पाइप के जोड़ से हल्का रिसाव, ओवरफ्लो या पानी जमा रहने के कारण धूल-मिट्टी लगातार नम रह सकती है।
अगर इसी जगह पीपल का पौधा उग रहा है तो पौधे को हटाने के साथ लीकेज की जांच भी करें।
टंकी के प्लेटफॉर्म के नीचे पौधा उगा हो और जड़ अंदर तक जाती दिखाई दे तो टंकी के भारी वजन को ध्यान में रखते हुए खुद तोड़फोड़ नहीं करनी चाहिए। गलत तरीके से प्लेटफॉर्म या सपोर्ट कमजोर करना सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है।
बड़े पीपल पर यह घरेलू तरीका न आजमाएं
यदि तना मोटा हो गया है या पौधा छोटे पेड़ का रूप ले चुका है तो मामला अलग है।
बड़ी जड़ों को काटना या अचानक पूरा पेड़ खींचना भवन को नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर पुरानी ईंट की दीवार, छज्जे, पैरापेट और स्लैब के जोड़ में उगा पेड़ सावधानी से हटाया जाना चाहिए।
ऐसी स्थिति में पहले माली या वृक्ष प्रबंधन से जुड़े अनुभवी व्यक्ति से निरीक्षण कराएं। यदि दीवार में चौड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं तो सिविल या स्ट्रक्चरल इंजीनियर से भी सलाह लेना समझदारी होगी।
तेजाब या खतरनाक केमिकल डालने से बचें
सोशल मीडिया पर पौधे सुखाने के लिए तेजाब, पेट्रोल, डीजल, ब्लीच या बहुत तेज रसायन डालने जैसे उपाय मिल सकते हैं। ऐसे प्रयोग सुरक्षित नहीं हैं।
खतरनाक रसायन त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आसपास बच्चों या पालतू जानवरों के होने पर जोखिम और बढ़ जाता है। कुछ पदार्थ निर्माण सामग्री या आसपास की मिट्टी को भी प्रभावित कर सकते हैं।
पानी की टंकी के पास किसी जहरीले या तेज रसायन का इस्तेमाल विशेष रूप से खराब विचार है, क्योंकि पानी दूषित होने का खतरा पैदा हो सकता है।
धार्मिक आस्था हो तो प्रत्यारोपण अच्छा विकल्प
पीपल का हिंदू धर्म और भारतीय परंपराओं में विशेष धार्मिक महत्व है। इसलिए कई परिवार इसे काटना या नष्ट करना उचित नहीं मानते।
यदि आपकी भी ऐसी आस्था है और पौधा छोटा है तो उसे जड़ समेत सावधानी से निकालकर खुले स्थान या बड़े गमले में प्रत्यारोपित किया जा सकता है।
लेकिन किसी सार्वजनिक स्थान, सड़क किनारे या दूसरे व्यक्ति की जमीन पर बिना अनुमति पौधा लगाना ठीक नहीं है। पीपल आगे चलकर बड़ा पेड़ बन सकता है, इसलिए प्रत्यारोपण के लिए ऐसी जगह चुनें जहां उसकी जड़ों और छत्र को पर्याप्त स्थान मिले तथा भविष्य में भवन, पाइपलाइन या बिजली की लाइन प्रभावित न हो।
भविष्य में पीपल उगने से कैसे रोकें?
छत की नियमित सफाई सबसे आसान उपाय है। कोनों में मिट्टी, पत्तियां और कचरा जमा न होने दें। मानसून के बाद छत का निरीक्षण जरूर करें।
पैरापेट और दीवारों में दिखाई देने वाली छोटी दरारों की समय रहते मरम्मत कराएं। पानी की टंकी और पाइप के आसपास लीकेज की जांच करते रहें।
छोटे खरपतवार या पौधे दिखाई देते ही उन्हें शुरुआती अवस्था में जड़ समेत हटा देना आसान होता है। कई महीनों तक छोड़ देने के बाद वही छोटा पौधा बड़ी समस्या बन सकता है।
एक छोटी गलती पड़ सकती है भारी
छत पर उगा दो इंच का पीपल शुरुआत में नुकसानदायक नहीं दिखाई देता, लेकिन उसे वर्षों तक बढ़ने देना ठीक नहीं है। दूसरी तरफ घबराकर उसे जोर से उखाड़ना भी नुकसान पहुंचा सकता है।
इसलिए नियम बेहद सरल है—**छोटा पौधा है तो आसपास की मिट्टी पानी से नरम करके जड़ समेत सावधानी से निकालें और उचित स्थान पर प्रत्यारोपित करें। बड़ा हो गया है या जड़ भवन में घुस चुकी है तो विशेषज्ञ की मदद लें।**
इसके बाद उस जगह की दरार और नमी का कारण जरूर ठीक कराएं। ऐसा करने से केवल मौजूदा पौधा हटेगा ही नहीं बल्कि उसी स्थान पर दोबारा पौधा उगने की संभावना भी कम होगी।
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