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घर में हरियाली लाने का आसान तरीका, monsoon. में करें ये खेती

Lifestyle लाइफ स्टाइल : बरसात का मौसम पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। इस समय वातावरण में नमी बनी रहती है और मिट्टी भी लंबे समय तक नम रहती है, जिससे पौधों को बार-बार पानी देने की जरूरत कम हो जाती है। यही वजह है कि इस मौसम में कई सब्जियां तेजी से बढ़ती हैं और कम देखभाल में भी बेहतर उत्पादन देती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में बागवानी करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि पौधों को प्राकृतिक रूप से पर्याप्त पानी और सही तापमान मिल जाता है। इससे पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और उनकी ग्रोथ भी बेहतर होती है। जो लोग शहरों में रहते हैं और जिनके पास बड़ी जमीन नहीं होती, वे भी गमलों, ग्रो बैग्स या छोटे किचन गार्डन में आसानी से सब्जियां उगा सकते हैं।
इस मौसम में पालक, मेथी, धनिया, भिंडी, लौकी और कद्दू जैसी कई सब्जियां बहुत अच्छी तरह बढ़ती हैं। ये सब्जियां न केवल जल्दी तैयार हो जाती हैं, बल्कि इनमें कीटों का प्रभाव भी तुलनात्मक रूप से कम होता है अगर सही देखभाल की जाए। इसके अलावा, इन सब्जियों को घर में उगाने से ताजी और केमिकल-फ्री सब्जियां खाने को मिलती हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं।
बारिश के मौसम में गार्डनिंग करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। अधिक पानी जमा होने से पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं, इसलिए गमलों में ड्रेनेज होल्स होना जरूरी है। साथ ही, मिट्टी को हल्का और उपजाऊ बनाए रखने के लिए उसमें जैविक खाद का उपयोग करना बेहतर माना जाता है।
कई लोग इस मौसम में अपने घर की बालकनी या छत पर छोटा गार्डन तैयार करते हैं, जिससे न केवल ताजी सब्जियां मिलती हैं बल्कि पर्यावरण भी हरा-भरा रहता है। पौधों की नियमित देखभाल और सही समय पर खाद देने से उनकी ग्रोथ और उत्पादन दोनों में सुधार होता है।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि बारिश के मौसम में पौधों पर फंगस और कीड़ों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए समय-समय पर निरीक्षण करना जरूरी होता है। प्राकृतिक उपायों से इन समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, बरसात का मौसम घर पर गार्डनिंग शुरू करने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। थोड़ी सी मेहनत और सही जानकारी के साथ कोई भी व्यक्ति अपने घर में ताजी सब्जियों की अच्छी पैदावार ले सकता है।





