लाइफ स्टाइल

कपड़ों के बाद अब पार्टनर भी रेंट पर, वायरल हुआ आइडिया

Saba Naaz
21 July 2026 7:43 PM IST
कपड़ों के बाद अब पार्टनर भी रेंट पर, वायरल हुआ आइडिया
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नई दिल्ली। बदलते समय के साथ लोगों की जरूरतें और लाइफस्टाइल भी तेजी से बदल रही हैं। दुनिया में कई तरह की रेंटल सर्विस पहले से मौजूद हैं, लेकिन अब एक नया ट्रेंड लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह ट्रेंड है "रेंटल बॉयफ्रेंड" का, जिसमें लोग कुछ समय के लिए साथी किराए पर ले सकते हैं। जापान से शुरू हुआ यह कॉन्सेप्ट अब भारत समेत कई देशों में धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है।

रेंटल बॉयफ्रेंड सर्विस का मतलब किसी वास्तविक रिश्ते में आना नहीं है, बल्कि यह एक तरह की कंपैनियन सर्विस है। इसमें लोग किसी व्यक्ति को कुछ समय के लिए अपने साथ आउटिंग, शॉपिंग, मूवी देखने या किसी इवेंट में जाने के लिए हायर करते हैं। इस सर्विस में आमतौर पर पब्लिक प्लेस जैसे कैफे, पार्क, रेस्टोरेंट, म्यूजियम या शॉपिंग मॉल में ही मुलाकात होती है।

इस तरह की सेवाओं में कुछ नियम भी तय किए जाते हैं। इसमें किसी भी तरह की यौन गतिविधि की अनुमति नहीं होती। होटल या निजी जगहों पर मिलने की मनाही होती है। साथ ही दोनों पक्षों के बीच सम्मानजनक व्यवहार और तय नियमों का पालन जरूरी होता है।

रेंटल बॉयफ्रेंड का कॉन्सेप्ट जापान से शुरू हुआ था। 1990 के दशक में जापान में "रेंट ए पर्सन" यानी किराए पर लोगों को लेने का चलन शुरू हुआ था। वहां लोग अलग-अलग जरूरतों के लिए साथी किराए पर लेते थे। किसी को शादी समारोह में साथ जाने के लिए व्यक्ति चाहिए होता था, तो किसी को अपनी बातें सुनाने या अकेलापन दूर करने के लिए साथी की जरूरत होती थी।

जापान में यह सर्विस धीरे-धीरे शहरी संस्कृति का हिस्सा बन गई। लोग नकली रिश्तेदार, बातचीत करने वाले साथी और सामाजिक कार्यक्रमों में साथ जाने वाले लोगों को भी किराए पर लेने लगे। इसी मॉडल से आगे चलकर रेंटल बॉयफ्रेंड जैसी सेवाओं का विस्तार हुआ।

सोशल मीडिया के आने के बाद इस ट्रेंड को और बढ़ावा मिला। यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई इन्फ्लुएंसर्स ने रेंटल बॉयफ्रेंड सर्विस से जुड़े वीडियो और अनुभव साझा किए। इसके बाद यह सर्विस केवल जापान तक सीमित नहीं रही और धीरे-धीरे दुनिया के दूसरे देशों में भी चर्चा में आने लगी।

भारत में भी इस तरह की सेवाओं ने जगह बनानी शुरू कर दी है। हालांकि यहां जापान की तरह इसका बड़ा संगठित बाजार अभी नहीं बना है, लेकिन सोशल मीडिया कम्युनिटीज, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और कुछ वेबसाइट्स के जरिए लोग ऐसी सेवाओं से जुड़ रहे हैं।

भारत में कई लोग खुद को आउटिंग पार्टनर, इवेंट साथी या कैजुअल कंपैनियन के रूप में प्रमोट कर रहे हैं। कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लोग अपनी प्रोफाइल, शहर, उपलब्धता और सेवाओं की जानकारी साझा करते हैं। इसके बाद जरूरत के हिसाब से लोग उनसे संपर्क करते हैं।

रेंटल बॉयफ्रेंड सर्विस की कीमतें अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से तय होती हैं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार घूमने-फिरने के लिए करीब 1,500 रुपये प्रति घंटे तक चार्ज किया जा सकता है। वहीं क्लबिंग, मूवी पार्टनर, शॉपिंग बडी या मेडिकल सपोर्ट जैसी सेवाओं के लिए लगभग 2,000 रुपये प्रति घंटे तक की फीस ली जा सकती है।

इस ट्रेंड को पसंद करने वालों में ज्यादातर युवा, कॉलेज स्टूडेंट्स और यंग प्रोफेशनल्स शामिल हैं। कुछ लोग इसे अतिरिक्त कमाई के अवसर के तौर पर देखते हैं, जबकि कुछ लोग अकेलेपन को दूर करने या किसी खास मौके पर साथ देने वाले व्यक्ति की तलाश में इस सर्विस का इस्तेमाल करते हैं।

इसके अलावा कुछ लोग सोशल मीडिया कंटेंट बनाने या नए अनुभव के लिए भी इस तरह की सेवाओं को आजमा रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन मिलने वाली ऐसी सेवाओं में सावधानी बरतना जरूरी है। किसी भी व्यक्ति से मिलने से पहले उसकी पहचान और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच करनी चाहिए।

रेंटल बॉयफ्रेंड का ट्रेंड यह दिखाता है कि आधुनिक समय में लोगों की सामाजिक जरूरतें बदल रही हैं। जहां पहले रिश्ते और दोस्ती लंबे समय तक चलने वाले संबंधों पर आधारित थे, वहीं अब कुछ लोग सीमित समय के लिए साथ और बातचीत की जरूरत को भी एक सेवा के रूप में देख रहे हैं। आने वाले समय में यह ट्रेंड भारत में कितना आगे बढ़ता है, यह देखने वाली बात होगी।

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