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लाइफ स्टाइल
रोजाना के खाने में डालें स्वाद का तड़का, बनाएं ड्राई करी पत्ता चटनी
Ratna Netam
5 Aug 2026 7:08 PM IST

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नई दिल्ली : अगर आपके घर में रोज़ के खाने को लेकर शिकायतें होती रहती हैं और परिवार के लोग हर बार कुछ तीखा, चटपटा और स्वादिष्ट खाने की फरमाइश करते हैं, तो आपके लिए एक आसान और हेल्दी उपाय है। साधारण दाल-रोटी, सब्जी या खिचड़ी का स्वाद बढ़ाने के लिए आप घर पर **ड्राई करी पत्ता चटनी** बनाकर कई दिनों तक स्टोर कर सकते हैं। यह चटनी न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद करी पत्ता, मूंगफली, तिल, लहसुन और अन्य मसाले शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
करी पत्ता लंबे समय से भारतीय रसोई का अहम हिस्सा रहा है। आयुर्वेद में भी इसे पाचन तंत्र को मजबूत बनाने, बालों को स्वस्थ रखने और त्वचा की चमक बढ़ाने में उपयोगी माना गया है। यदि इसे रोज़ाना सीमित मात्रा में भोजन के साथ खाया जाए तो यह शरीर को कई तरह के पोषण लाभ दे सकता है। खास बात यह है कि ड्राई चटनी होने के कारण इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और हर दिन ताजा चटनी बनाने की जरूरत नहीं पड़ती।
इस स्वादिष्ट चटनी को बनाने के लिए सबसे पहले ताजे करी पत्तों को एक चम्मच तेल में हल्का ड्राई रोस्ट किया जाता है। इसके बाद उसी पैन में मूंगफली के दाने, जीरा, साबुत धनिया, सफेद तिल और सरसों के दाने भून लिए जाते हैं। जब मसालों की खुशबू आने लगे तो इसमें लहसुन की कलियां, सूखी लाल मिर्च, सूखा कद्दूकस किया हुआ नारियल और एक चुटकी हींग डालकर कुछ सेकंड तक भून लिया जाता है। ध्यान रखा जाता है कि सभी सामग्री अच्छी तरह भुन जाए, लेकिन जले नहीं।
सारी सामग्री को ठंडा होने के बाद मिक्सर जार में डाला जाता है। इसमें स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा अमचूर पाउडर भी मिलाया जाता है। पीसते समय एक जरूरी बात का ध्यान रखना चाहिए कि मिक्सर को लगातार नहीं चलाना है। इसे पल्स मोड में रुक-रुक कर चलाने से चटनी दरदरी बनती है। यदि इसे ज्यादा देर तक पीसा जाए तो मूंगफली, तिल और नारियल से तेल निकलने लगता है, जिससे चटनी सूखी रहने के बजाय गीली हो जाती है। तैयार चटनी को एयरटाइट डिब्बे में भरकर कई दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
यह चटनी केवल स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि पोषण के लिहाज से भी फायदेमंद मानी जाती है। करी पत्ते में आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। वहीं मूंगफली और तिल प्रोटीन, हेल्दी फैट और कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं। लहसुन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।
रोज़मर्रा के भोजन में इस चटनी को दाल-चावल, रोटी-सब्जी, पराठा, इडली, डोसा, उपमा या खिचड़ी के साथ परोसा जा सकता है। कई लोग इसे दही या घी के साथ मिलाकर भी खाना पसंद करते हैं। कम मात्रा में भी यह साधारण भोजन का स्वाद पूरी तरह बदल देती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घर में बनी ड्राई चटनियां बाजार में मिलने वाले अधिक नमक और प्रिजर्वेटिव वाले स्वादवर्धक उत्पादों की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकती हैं। हालांकि, जिन लोगों को किसी विशेष सामग्री से एलर्जी है या जिन्हें डॉक्टर ने कम नमक या कम मसाले वाला भोजन लेने की सलाह दी है, उन्हें इसका सेवन अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार करना चाहिए।
यदि आप भी रोज़ के खाने में स्वाद और पोषण दोनों का संतुलन चाहते हैं, तो यह ड्राई करी पत्ता चटनी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इसे एक बार बनाकर कई दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है और यह पूरे परिवार के भोजन को अधिक स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाने में मदद कर सकती है।
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