लाइफ स्टाइल

समुद्र की लहरों में डूबने वाला अनोखा शिव मंदिर

Ratna Netam
22 Jun 2026 7:35 PM IST
समुद्र की लहरों में डूबने वाला अनोखा शिव मंदिर
x
जानें खासियत

Gujarat गुजरात : भरूच जिले में स्थित स्तंभेश्वर महादेव मंदिर अपनी अनोखी विशेषता के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर कावी कंबोई गांव में स्थित है और भगवान शिव को समर्पित है। स्थानीय लोगों के बीच इसे ‘गायब मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यह दिन में दो बार समुद्र की लहरों में पूरी तरह से डूब जाता है और कुछ समय बाद फिर से दिखाई देने लगता है।

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत ज्वार-भाटा का प्रभाव है। जब समुद्र में हाई टाइड आता है, तो पानी का स्तर बढ़ने से मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। उस समय मंदिर के गर्भगृह, दीवारें और खंभे तक पानी के नीचे चले जाते हैं और केवल कभी-कभी शिवलिंग दिखाई देता है। वहीं लो टाइड के समय पानी पीछे हट जाता है और मंदिर फिर से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुल जाता है। इसी कारण भक्तों को यहां दर्शन करने के लिए ज्वार-भाटा का समय देखकर ही आना पड़ता है।

मंदिर में भगवान शिव के अभिषेक की परंपरा भी काफी अनोखी है। यहां दूध की जगह सरसों के तेल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। श्रद्धालु कटोरी में सरसों का तेल लाकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का संबंध भगवान कार्तिकेय से भी बताया जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने राक्षस तारकासुर का वध करने के बाद आत्मिक शांति के लिए तीन स्थानों पर शिवलिंग स्थापित किए थे, जिनमें से एक यह स्तंभेश्वर महादेव मंदिर भी है। इसी कारण यह स्थान अत्यंत पवित्र माना जाता है और यहां दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

भक्तों का मानना है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर हर मनोकामना पूरी होती है। समुद्र की लहरों के बीच छिपता और फिर प्रकट होता यह मंदिर आस्था और प्रकृति के अद्भुत मेल का अनोखा उदाहरण है।

Next Story