- Home
- /
- लाइफ स्टाइल
- /
- बच्चों के Cancer में...
लाइफ स्टाइल
बच्चों के Cancer में शुगर कनेक्शन से नई उम्मीद: इलाज में आएगा बदलाव
Harrison
31 Oct 2025 8:14 PM IST

x
Lifestyle, लाइफस्टाइल : नई रिसर्च ने बच्चों में कैंसर के इलाज के तरीकों में संभावित बदलाव की उम्मीद जगा दी है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने यह खुलासा किया कि कैंसर सेल्स केवल असामान्य रूप से विभाजित नहीं होतीं, बल्कि उन्हें बढ़ने और फैलने में शुगर या ग्लूकोज जैसी जैविक प्रक्रियाओं की मदद मिलती है। इस खोज को एक्सपर्ट्स बच्चों के कैंसर ट्रीटमेंट में एक बड़े मोड़ के रूप में देख रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अब कैंसर का इलाज सिर्फ़ इसके सेल्स को खत्म करने पर केंद्रित नहीं रहेगा। इसके बजाय, इलाज में उन बायोलॉजिकल रास्तों को भी रोकने पर ध्यान दिया जाएगा, जो ट्यूमर को बढ़ने और शरीर में फैलने में मदद करते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि यह दृष्टिकोण बच्चों के लिए कम साइड-इफेक्ट वाले और अधिक प्रभावी इलाज की दिशा में पहला कदम हो सकता है।
कैंसर पर नई रिसर्च में पाया गया कि ट्यूमर सेल्स ग्लूकोज और अन्य शुगर स्रोतों से पोषण लेकर तेजी से बढ़ते हैं। यह प्रक्रिया कैंसर के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत बन जाती है। शोधकर्ताओं ने इसे “शुगर कनेक्शन” नाम दिया है। इसके तहत कैंसर सेल्स की बढ़ोतरी और जीवन शक्ति सीधे ग्लूकोज और अन्य पोषक तत्वों से जुड़ी होती है।
डॉक्टरों ने बताया कि इस नए दृष्टिकोण के आधार पर भविष्य में बच्चों के कैंसर के इलाज में दो मुख्य बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पहला, ट्यूमर सेल्स को खत्म करने के साथ-साथ उनके विकास के लिए आवश्यक बायोलॉजिकल मार्गों को अवरुद्ध करना। दूसरा, मरीजों के शरीर पर कम हानिकारक प्रभाव डालते हुए इलाज को अधिक सुरक्षित और कुशल बनाना।
विशेषज्ञ डॉ. अंजलि मेहता ने कहा, “हमने अब तक कैंसर के इलाज में मुख्य रूप से कीमोथैरेपी और रेडिएशन पर ध्यान केंद्रित किया है। लेकिन अब हमें यह समझना होगा कि ट्यूमर का विकास केवल सेल्स के कारण नहीं, बल्कि उनकी पोषण प्रणाली और जैविक मार्गों के कारण भी होता है। इन रास्तों को रोकना अगले कुछ वर्षों में बच्चों के इलाज की दिशा बदल सकता है।”
शोध में यह भी पाया गया कि ट्यूमर सेल्स की शुगर पर निर्भरता को समझकर, वैज्ञानिक नए प्रकार की दवाओं पर काम कर रहे हैं। ये दवाएं केवल कैंसर सेल्स की वृद्धि को रोकेंगी, जबकि सामान्य सेल्स को प्रभावित नहीं करेंगी। इससे छोटे मरीजों के लिए इलाज का अनुभव सुरक्षित और आरामदायक होगा।
हालांकि, एक्सपर्ट्स ने यह भी चेतावनी दी है कि यह तरीका अभी प्रारंभिक चरण में है। कई नैदानिक परीक्षणों की आवश्यकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नई दवाएं बच्चों पर सुरक्षित और प्रभावी हैं।
कुल मिलाकर, इस रिसर्च ने बच्चों में कैंसर के इलाज में एक नई दिशा का संकेत दिया है। जहां पहले केवल ट्यूमर को खत्म करने पर जोर था, अब इलाज में जैविक मार्गों को समझना और उन्हें रोकना उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। इससे उम्मीद है कि भविष्य में बच्चों के कैंसर के इलाज में सफलता की दर बढ़ेगी और साइड इफेक्ट्स कम होंगे।
इस नई खोज को देखते हुए विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में कैंसर ट्रीटमेंट अधिक पर्सनलाइज्ड और बच्चों के लिए अनुकूल होगा। शुगर कनेक्शन पर आधारित यह दृष्टिकोण बच्चों की जिंदगी बचाने में एक अहम भूमिका निभा सकता है।
Tagsबच्चोंकैंसरशुगरकनेक्शनChildrencancerdiabetesconnectionजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newsSamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





