लाइफ स्टाइल

सदियों पुराना नुस्खा आज भी असरदार नमक से जुड़ी ये 3 घरेलू टिप्स

Ratna Netam
23 Aug 2026 6:02 PM IST
सदियों पुराना नुस्खा आज भी असरदार नमक से जुड़ी ये 3 घरेलू टिप्स
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लाइफ स्टाइल : भारतीय घरों में दादी-नानी के घरेलू नुस्खों की अपनी एक अलग पहचान रही है। सदियों से कई छोटी-मोटी परेशानियों में घर की रसोई में मौजूद चीजों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इन्हीं में से एक है नमक, जो सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं बल्कि कई घरेलू उपायों में भी उपयोग किया जाता है। हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य समस्या में गंभीर स्थिति होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, लेकिन सामान्य परेशानियों में कुछ पारंपरिक उपाय राहत देने में मदद कर सकते हैं।
नानी के बताए ऐसे ही कुछ नमक वाले नुस्खे हैं, जिन्हें लोग सर्दी-जुकाम, कमजोरी, पेट की परेशानी और गले की समस्या में अपनाते रहे हैं। आइए जानते हैं नमक से जुड़े कुछ घरेलू उपायों के बारे में।
1. गले में खराश और दर्द में नमक के पानी से गरारे
मौसम बदलने पर अक्सर गले में खराश, जलन या दर्द की समस्या होने लगती है। ऐसे में गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर गरारे करना एक पुराना घरेलू उपाय माना जाता है।
नमक मिले पानी से गरारे करने पर गले की असुविधा कम हो सकती है और मुंह की साफ-सफाई में भी मदद मिलती है। नानी के समय से ही इस उपाय को सर्दी-जुकाम के शुरुआती लक्षणों में अपनाया जाता रहा है।
गरारे करने के लिए एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं और दिन में दो से तीन बार गरारे कर सकते हैं। ध्यान रखें कि छोटे बच्चों को गरारे कराते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
2. पेट दर्द या अपच में नमक का पारंपरिक इस्तेमाल
कई बार ज्यादा खाना खाने, गैस या अपच की वजह से पेट भारी महसूस हो सकता है। ऐसे में कुछ लोग अजवाइन और नमक का इस्तेमाल घरेलू उपाय के तौर पर करते हैं।
अजवाइन में मौजूद प्राकृतिक गुण पाचन से जुड़ी परेशानियों में राहत देने में मदद कर सकते हैं। इसमें थोड़ी मात्रा में नमक मिलाकर लेने का चलन कई घरों में रहा है।
हालांकि, पेट दर्द अगर लगातार बना रहे, बहुत तेज दर्द हो, उल्टी, बुखार या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
3. कमजोरी और डिहाइड्रेशन में नमक-चीनी का घोल
गर्मी, ज्यादा पसीना आने या बुखार के दौरान शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। ऐसे में नमक और चीनी का घोल शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है।
ओआरएस जैसा घोल शरीर में खोए हुए तरल और जरूरी लवणों की पूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है। घर में बनाए जाने वाले घोल में मात्रा का सही होना जरूरी है।
अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, लगातार दस्त या ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही है तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
बुखार में नमक का इस्तेमाल कैसे करें?
बुखार आने पर शरीर में पानी की कमी न हो, इसका ध्यान रखना सबसे जरूरी होता है। कई बार बुखार के दौरान पसीना आने से शरीर में लवणों की कमी हो सकती है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना फायदेमंद हो सकता है।
लेकिन बुखार का इलाज केवल नमक या घरेलू नुस्खों से नहीं किया जा सकता। तेज बुखार कई कारणों से हो सकता है, इसलिए लंबे समय तक बुखार रहने पर जांच कराना जरूरी है।
नानी के नुस्खों के साथ रखें सावधानी
घरेलू उपाय कई बार सामान्य परेशानियों में राहत दे सकते हैं, लेकिन हर व्यक्ति के लिए एक जैसा असर नहीं होता। ज्यादा नमक का सेवन हाई ब्लड प्रेशर और किडनी से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
नमक भारतीय रसोई की ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि कई पारंपरिक घरेलू उपायों में भी किया जाता रहा है। गले की खराश में नमक के पानी से गरारे, पाचन संबंधी परेशानी में पारंपरिक मिश्रण और शरीर में पानी-लवण संतुलन के लिए नमक-चीनी का घोल जैसे उपाय वर्षों से अपनाए जाते रहे हैं।
हालांकि, नानी के नुस्खे अपनी जगह उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं में डॉक्टर की सलाह सबसे जरूरी है। सही जानकारी और सावधानी के साथ ही किसी भी घरेलू उपाय का इस्तेमाल करना चाहिए।
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