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Kidney Damage के 4 आंखों में दिखने वाले लक्षण, समय पर पहचान जरूरी

Harrison
23 Nov 2025 7:36 PM IST
Kidney Damage के 4 आंखों में दिखने वाले लक्षण, समय पर पहचान जरूरी
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Lifestyle, लाइफस्टाइल: किडनी हमारे शरीर के सबसे अहम अंगों में से एक है, जो रक्त को साफ़ करने, शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। हालांकि, अक्सर लोग किडनी के खराब होने के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आंखें शरीर में होने वाली कई बीमारियों का शुरुआती संकेत देती हैं, जिनमें किडनी डैमेज भी शामिल है। यदि समय पर इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
किडनी डैमेज के कुछ शुरुआती लक्षण आंखों के माध्यम से दिखाई दे सकते हैं। इनमें प्रमुख हैं:
सूजन या पफी आंखें (Swelling or Puffiness around Eyes)
किडनी का काम शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक को बाहर निकालना है। जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा हो जाते हैं। इसका असर आंखों के नीचे के हिस्से में सबसे पहले दिखाई देता है। सुबह उठने पर आंखों के आसपास सूजन या पफी दिखना किडनी फंक्शन में परेशानी का संकेत हो सकता है। यह लक्षण अक्सर प्रोटीन की कमी या किडनी की बीमारी के शुरुआती चरण में दिखाई देता है।
असामान्य दृष्टि या धुंधलापन (Blurred Vision or Changes in Sight)
किडनी डैमेज से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स और तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ता है। इसका असर आंखों के रेटिना और दृष्टि पर पड़ता है। अक्सर मरीज धुंधली दृष्टि, फोकस में समस्या या असामान्य धब्बेदार दृष्टि की शिकायत करते हैं। यह लक्षण विशेष रूप से हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ से प्रभावित लोगों में देखा जाता है।
रक्तस्राव या लाल आंखें (Redness or Blood in Eyes)
किडनी की बीमारी के कारण शरीर में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और रक्त वाहिकाओं की दीवार कमजोर हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप आंखों की रक्त वाहिकाएं टूट सकती हैं और आंखों में लालिमा या रक्तस्राव दिख सकता है। यह संकेत गंभीर किडनी डैमेज की ओर इशारा करता है और समय रहते डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है।
द्रव्यमान में बदलाव और आंखों की झिल्ली का रंग बदलना (Changes in Eye Tissue or Sclera Color)
किडनी डैमेज के का
रण शरीर में टॉक्सिन और अपशिष्ट पदार्थ जमा होने लगते हैं। इसका असर आंखों की सफेद झिल्ली (सक्लेरा) पर पड़ता है। आंखों की सफेद झिल्ली पीली या फीकी दिखाई देने लगे, तो यह किडनी में गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों में दिखने वाले ये संकेत केवल किडनी की समस्या का इशारा नहीं हैं, बल्कि शरीर में अन्य समस्याओं जैसे उच्च रक्तचाप, डायबिटीज़, लीवर या हृदय रोग की संभावना को भी इंगित कर सकते हैं। इसलिए यदि इन लक्षणों में लगातार बदलाव महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
किडनी डैमेज के इलाज में समय पर पहचान और प्रोटीन युक्त संतुलित आहार, नमक की मात्रा पर नियंत्रण, पर्याप्त पानी पीना और नियमित व्यायाम अहम भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही, डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाइयों का सेवन और ब्लड प्रेशर व शुगर लेवल की नियमित जांच भी बेहद जरूरी है।
सारांश में कहा जा सकता है कि आंखें शरीर के स्वास्थ्य का आईना हैं। किडनी की समस्या को शुरुआती स्तर पर पहचानने के लिए आंखों में दिखने वाले लक्षणों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। समय रहते इन्हें पहचानकर सही कदम उठाए जाएं तो गंभीर किडनी रोग और डायलिसिस जैसी जटिलताओं से बचा जा सकता है।
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