- Home
- /
- लाइफ स्टाइल
- /
- Bird Flu से 2 साल की...
Bird Flu से 2 साल की बच्ची की मौत: क्या चिकन खाना अब खतरनाक है?

हेल्थ | भारत में बर्ड फ्लू का खतरा फिर बढ़ता दिख रहा है। हाल ही में 2 साल की बच्ची की बर्ड फ्लू से मौत का मामला सामने आया है। पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) ने इस मामले की पुष्टि की है। यह भारत में बर्ड फ्लू से इंसान की मौत का दूसरा मामला है। माना जा रहा है कि बच्ची ने संक्रमित चिकन खा लिया था, जिससे वह वायरस की चपेट में आ गई। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या अब चिकन और अंडे खाना सुरक्षित है? इस पर एक्सपर्ट्स की राय जानते हैं।
क्या चिकन से फैलता है बर्ड फ्लू?
बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता है, एक वायरल इंफेक्शन है जो पक्षियों से इंसानों में फैल सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक,
संक्रमित पक्षी का मांस या अंडा ठीक से नहीं पकाया गया हो, तो वायरस के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
कच्चे मीट के संपर्क में आने से भी यह वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।
यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों के लार, बलगम और बीट से फैलता है।
डॉक्टर क्या कहते हैं?
एम्स के डॉक्टरों के मुताबिक, अगर चिकन और अंडा अच्छी तरह से पकाया जाए, तो इससे संक्रमण फैलने का खतरा काफी कम हो जाता है। वायरस 70°C से ज्यादा तापमान पर नष्ट हो जाता है। लेकिन फिर भी सावधानी बरतना जरूरी है।
बर्ड फ्लू के लक्षण
अगर कोई व्यक्ति संक्रमित होता है, तो उसमें ये लक्षण दिख सकते हैं:
तेज बुखार और गले में खराश
खांसी और नाक बहना
शरीर में दर्द और कमजोरी
उल्टी और दस्त
कैसे बचें?
चिकन और अंडे को अच्छे से पकाकर खाएं।
कच्चे मांस को छूने के बाद हाथ अच्छे से धोएं।
संक्रमित पक्षियों के संपर्क में न आएं।
अगर फ्लू जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या चिकन और अंडा खाना पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए?
डॉक्टरों का कहना है कि अगर चिकन और अंडे सही तरीके से पकाए जाएं, तो यह सुरक्षित होते हैं। लेकिन बर्ड फ्लू के मामलों के बढ़ने पर कुछ समय के लिए एहतियात बरतना सही रहेगा। खासकर, खुले में बिकने वाले मीट और कच्चे अंडों से बचने की सलाह दी जाती है।
निष्कर्ष
हाल ही में 2 साल की बच्ची की बर्ड फ्लू से मौत ने चिंता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन सावधानी बरतकर इस खतरे को कम किया जा सकता है। अगर आप चिकन और अंडा अच्छी तरह पकाकर खाते हैं, तो इसका सेवन सुरक्षित हो सकता है। फिर भी, बर्ड फ्लू के मामलों पर नजर रखना जरूरी है।





