लद्दाख

आवारा कुत्ते का आतंक: 6 घंटे में 20 लोगों को काटा, सिम्स में भर्ती युवक

Shantanu Roy
10 July 2026 12:08 AM IST
आवारा कुत्ते का आतंक: 6 घंटे में 20 लोगों को काटा, सिम्स में भर्ती युवक
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छग
Bilaspur. बिलासपुर। शहर में बुधवार को एक आवारा कुत्ते ने करीब छह घंटे तक अलग-अलग इलाकों में आतंक मचाते हुए 20 लोगों को काट लिया। शनिचरी बाजार, सिटी कोतवाली, तेलीपारा, गोलबाजार और सिम्स के आसपास घूम-घूमकर लोगों पर हमला करने वाले इस कुत्ते के कारण पूरे इलाके में दहशत का माहौल रहा। घायलों में एक युवक की हालत बिगड़ने पर उसे सिम्स में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य 19 लोगों को प्राथमिक उपचार और एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाने के बाद घर भेज दिया गया। स्थानीय लोगों द्वारा कुत्ते का वीडियो बनाकर नगर निगम को सूचना देने के बाद निगम की टीम ने देर शाम उसे पकड़ लिया।
शनिचरी बाजार से शुरू हुआ हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना बुधवार दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुई। सबसे पहले आवारा कुत्ता शनिचरी बाजार स्थित मछली और मुर्गा मार्केट के पास पहुंचा, जहां उसने अन्य आवारा कुत्तों के झुंड पर हमला कर कई कुत्तों को घायल कर दिया। इसके बाद वह मुख्य मार्ग पर आ गया और ऑटो तथा मोटरसाइकिल से गुजर रहे चार लोगों को काट लिया।
इसके बाद कुत्ता शनिचरी रपटा की ओर बढ़ा, जहां उसने एक राहगीर पर हमला किया। इसके बाद वह भीड़भाड़ वाले सब्जी बाजार में घुस गया और वहां कई लोगों को दौड़ाकर काट लिया। बाजार में अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
कोतवाली, तेलीपारा, गोलबाजार और सिम्स तक मचाया आतंक
हमलों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। सिटी कोतवाली थाना के पास भी कुत्ते ने राहगीरों को दौड़ाया और एक व्यक्ति के पैर में काट लिया। इसके बाद तेलीपारा मार्ग स्थित प्रयाग चाट भंडार के पास उसने एक युवक पर हमला कर दिया। युवक की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शाम करीब सात बजे गोलबाजार स्थित खोवा मंडी क्षेत्र में भी कुत्ते ने लोगों को दौड़ाकर हमला किया। रात करीब नौ बजे सिम्स अस्पताल के पास भी उसने एक अन्य युवक को काट लिया। इस तरह करीब छह घंटे तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में घूमते हुए कुत्ते ने कुल 20 लोगों को घायल कर दिया।
वीडियो बनाकर निगम को दी सूचना, तब हुई कार्रवाई
घटना के दौरान अनुराग अग्रवाल और प्राची ने कुत्ते का पीछा करते हुए उसका वीडियो बनाया और नगर निगम को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद निगम की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद कुत्ते को पकड़ लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो घायल होने वालों की संख्या और बढ़ सकती थी।
सिम्स में सभी घायलों का इलाज, एक युवक भर्ती
सिम्स के अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि कुत्ते के हमले में घायल सभी 20 लोगों का अस्पताल में उपचार किया गया। सभी को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई। इनमें एक युवक की हालत गंभीर होने के कारण उसे भर्ती करना पड़ा, जबकि अन्य मरीजों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
डॉ. लखन सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से कुत्ता काटने के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। करीब एक महीने पहले प्रतिदिन 8 से 10 मामले सामने आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 20 से 25 प्रतिदिन तक पहुंच गई है। उन्होंने लोगों से आवारा कुत्तों से सतर्क रहने और काटने की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचकर उपचार कराने की अपील की।
रात में सड़कें बन रही खतरनाक
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दिन के समय ये मछली, मटन और चिकन की दुकानों के आसपास मंडराते रहते हैं, जबकि रात होते ही सड़कों पर झुंड बनाकर बैठ जाते हैं। जैसे ही कोई बाइक, साइकिल या पैदल यात्री वहां से गुजरता है, उस पर हमला कर देते हैं।
ग्रामीण और शहरवासियों का कहना है कि कई बार आवारा कुत्ते सड़क पर घूमने वाले मवेशियों पर भी हमला कर उन्हें घायल कर देते हैं। शहर के लगभग हर प्रमुख मार्ग पर ऐसे नजारे देखे जा सकते हैं, जिससे खासकर रात के समय पैदल और दोपहिया वाहन चालकों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर पहले ही सख्त निर्देश जारी कर चुका है। अदालत ने नागरिकों के गरिमा के साथ जीने के अधिकार को सर्वोपरि बताते हुए कहा था कि बच्चे, बुजुर्ग और विदेशी पर्यटक लगातार डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं और प्रशासन लोगों को कुत्तों के आतंक के साये में जीने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों में कहा है कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सार्वजनिक पार्क, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक परिसरों से आवारा कुत्तों को तत्काल हटाया जाए। नसबंदी के बाद सार्वजनिक स्थानों से हटाए गए कुत्तों को दोबारा उसी स्थान पर नहीं छोड़ा जाए।
अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर भी रोक लगाने और इसके लिए अलग से निर्धारित फीडिंग प्वाइंट बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसे कुत्ते जो अत्यधिक आक्रामक हों, रेबीज से संक्रमित हों या किसी लाइलाज बीमारी से पीड़ित होकर तड़प रहे हों, उनके लिए तय प्रोटोकॉल के अनुसार दर्दरहित इच्छामृत्यु (यूथेनेशिया) की व्यवस्था करने को कहा है।
निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जिले में कम से कम एक सक्रिय एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर होना चाहिए, जहां नसबंदी की पूरी व्यवस्था उपलब्ध हो। इसके अलावा सभी सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हर समय एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित प्रशासन इन निर्देशों के पालन में लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।
बढ़ती घटनाओं से लोगों में चिंता
बुधवार की घटना ने एक बार फिर शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को उजागर कर दिया है। लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट के मामलों से नागरिकों में चिंता है। लोगों का कहना है कि नगर निगम और संबंधित विभागों को स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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