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रावण बनने पर यश ने तोड़ी चुप्पी, बताई वजह

Rajeshwari Nishad
21 Oct 2026 12:14 PM IST
रावण बनने पर यश ने तोड़ी चुप्पी, बताई वजह
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नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार यश (Yash) इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘रामायणम्’ (Ramayana) को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। ‘केजीएफ’ फ्रेंचाइजी के जरिए देशभर में लोकप्रियता हासिल करने वाले यश इस बार एक बिल्कुल अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिका में नजर आने वाले हैं। फिल्म में वह रावण का किरदार निभा रहे हैं, जिसे लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता है। अब फिल्म की रिलीज से पहले यश ने इस भूमिका को चुनने के पीछे की वजह पर बात की है। उनके इस फैसले को लेकर फिल्म प्रेमियों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।
‘रामायणम्’ भारतीय पौराणिक कथा पर आधारित एक बड़े बजट की फिल्म है। इसमें रामायण की कहानी को बड़े सिनेमाई स्तर पर पेश करने की तैयारी की जा रही है। यश जैसे लोकप्रिय अभिनेता का रावण की भूमिका निभाना इस प्रोजेक्ट को खास बनाता है। हालांकि, रावण का किरदार निभाना किसी भी कलाकार के लिए आसान नहीं है, क्योंकि भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में इस पात्र का विशेष स्थान है। ऐसे में यश के लिए यह भूमिका अभिनय के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी मानी जा रही है।
रावण का किरदार निभाने के लिए क्यों तैयार हुए यश?
यश की पहचान अब तक मुख्य रूप से दमदार एक्शन और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस वाले अभिनेता के रूप में रही है। ‘केजीएफ’ में रॉकी भाई के किरदार ने उन्हें देशभर में लोकप्रियता दिलाई। ऐसे में दर्शकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर उन्होंने रावण जैसे पौराणिक पात्र को निभाने का फैसला क्यों किया?
रावण का व्यक्तित्व कई अलग-अलग पहलुओं से जुड़ा हुआ है। रामायण में उसे लंका के राजा के रूप में दिखाया गया है। वह शक्तिशाली होने के साथ-साथ विद्वान और शिवभक्त भी माना जाता है, लेकिन उसका अहंकार और उसके फैसले उसके पतन का कारण बनते हैं। इस तरह का जटिल व्यक्तित्व किसी भी अभिनेता के लिए अपनी अभिनय क्षमता दिखाने का बड़ा अवसर प्रदान करता है।
यश के लिए भी यह भूमिका अपने पारंपरिक एक्शन हीरो वाले दायरे से बाहर निकलकर एक अलग तरह का किरदार निभाने का मौका हो सकती है। हालांकि, उनके इस फैसले के पीछे की सटीक वजह और उनके बयान के पूरे संदर्भ को समझने के लिए उनके मूल इंटरव्यू की पुष्टि जरूरी है।
‘केजीएफ’ के बाद यश के लिए बड़ी चुनौती
यश ने ‘केजीएफ’ और ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ के जरिए भारतीय सिनेमा में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। इन फिल्मों में उनके किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया। रॉकी भाई के रूप में उनका अंदाज, संवाद और दमदार व्यक्तित्व लंबे समय तक चर्चा में रहा।
अब ‘रामायणम्’ में रावण की भूमिका निभाकर यश एक नए अवतार में नजर आने वाले हैं। यह किरदार उनके पिछले लोकप्रिय किरदारों से काफी अलग है। रावण को पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए केवल शारीरिक व्यक्तित्व ही नहीं, बल्कि भावनाओं, बुद्धिमत्ता, महत्वाकांक्षा और अहंकार के विभिन्न पहलुओं को भी समझना होगा।
यही वजह है कि इस फिल्म को यश के करियर के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। दर्शक यह देखना चाहते हैं कि वह रावण के व्यक्तित्व को किस तरह पर्दे पर उतारते हैं।
नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’ को लेकर बढ़ा उत्साह
‘रामायणम्’ को लेकर फिल्म जगत में काफी चर्चा है। इस प्रोजेक्ट का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं, जो ‘दंगल’ जैसी सफल फिल्म के लिए जाने जाते हैं। फिल्म को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है और इसके जरिए रामायण की कहानी को नए सिनेमाई अंदाज में दर्शकों तक पहुंचाने की योजना है।
फिल्म की सबसे खास बात इसकी स्टारकास्ट और पौराणिक कहानी का भव्य प्रस्तुतीकरण है। रणबीर कपूर के भगवान राम की भूमिका निभाने और यश के रावण बनने की खबरों ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाई है। इस तरह की बड़ी फिल्म में कलाकारों के चयन से लेकर उनके लुक और किरदारों की प्रस्तुति तक हर पहलू पर लोगों की नजर रहती है।
रामायण जैसी लोकप्रिय कथा को पर्दे पर उतारना निर्माताओं के लिए भी बड़ी जिम्मेदारी है। दर्शकों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए कहानी को मनोरंजक और प्रभावशाली बनाना इस तरह के प्रोजेक्ट की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
रावण के किरदार से यश को क्या मिलेगा?
यश के लिए रावण की भूमिका केवल एक नया किरदार निभाने तक सीमित नहीं होगी। यह उन्हें अपनी अभिनय क्षमता के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाने का अवसर दे सकती है। रावण का व्यक्तित्व कई विरोधाभासों से भरा हुआ है। वह शक्तिशाली और विद्वान है, लेकिन उसका अहंकार उसे गलत रास्ते पर ले जाता है।
ऐसे किरदार में भावनात्मक गहराई और नकारात्मक पक्ष के बीच संतुलन बनाना जरूरी होता है। अभिनेता को यह ध्यान रखना पड़ता है कि उसका प्रदर्शन प्रभावशाली होने के साथ-साथ कहानी की मूल भावना के अनुरूप भी रहे।
यदि यश इस किरदार को प्रभावी ढंग से निभाने में सफल होते हैं, तो यह उनके करियर में एक नया अध्याय जोड़ सकता है। साथ ही, ‘केजीएफ’ के बाद उनकी छवि को एक अलग दिशा देने में भी यह फिल्म महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फिल्म की रिलीज पर टिकी हैं दर्शकों की नजरें
‘रामायणम्’ को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है। यश के रावण बनने की खबर ने इस उत्सुकता को और बढ़ाया है। अब दर्शक फिल्म में उनके लुक, संवाद, अभिनय और रावण के व्यक्तित्व की प्रस्तुति को देखने के लिए उत्साहित हैं।
हालांकि, यश ने रावण की भूमिका चुनने के पीछे जो विशेष वजह बताई है, उसकी पुष्टि उनके मूल इंटरव्यू या आधिकारिक बयान से की जानी चाहिए। बिना प्रमाण किसी खास बयान को उनके नाम से जोड़ना उचित नहीं होगा।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि ‘रामायणम्’ यश के लिए एक अलग तरह की सिनेमाई चुनौती है। अब देखना होगा कि ‘केजीएफ’ के रॉकी भाई के रूप में दर्शकों का दिल जीतने वाले यश रावण के किरदार में कितना प्रभाव छोड़ पाते हैं।
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