मनोरंजन

डीपफेक वीडियो के बीच यामी गौतम का बड़ा बयान, मीडिया से की खास अपील

nidhi
4 Oct 2026 2:03 PM IST
डीपफेक वीडियो के बीच यामी गौतम का बड़ा बयान, मीडिया से की खास अपील
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AI से फोटो बदलने पर यामी गौतम नाराज
अभिनेत्री यामी गौतम ने अपनी तस्वीरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के जरिए बिना अनुमति बदलाव किए जाने पर आपत्ति जताई है। ‘चुट्टामल्ले’ से जुड़े एक डीपफेक वीडियो के बीच उन्होंने मीडिया से अपील की है कि उनकी तस्वीरों को AI का इस्तेमाल करके इस तरह न बदला जाए, जिससे मूल तस्वीर या उनके वास्तविक रूप में अंतर पैदा हो। यामी ने कहा कि किसी भी तरह का बदलाव बिना उनकी मंजूरी के नहीं किया जाना चाहिए।
डीपफेक तकनीक इन दिनों मनोरंजन जगत के लिए एक गंभीर चर्चा का विषय बनी हुई है। AI की मदद से तस्वीर, आवाज और वीडियो में ऐसे बदलाव किए जा सकते हैं कि दर्शकों के लिए असली और नकली सामग्री के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाए। सेलिब्रिटीज की तस्वीरों को बदलकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने की घटनाओं ने इस चिंता को और बढ़ाया है।
यामी गौतम की आपत्ति इसी संदर्भ में सामने आई है। उन्होंने मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जिम्मेदारी के साथ AI तकनीक का इस्तेमाल करने की अपील की। उनका कहना है कि किसी कलाकार की तस्वीर को उसकी जानकारी या अनुमति के बिना बदलना सही नहीं है। खासकर तब, जब बदली हुई तस्वीर को इस तरह पेश किया जाए कि दर्शकों को वह वास्तविक लगे।
‘चुट्टामल्ले’ से जुड़े कथित डीपफेक वीडियो ने भी इसी बहस को तेज किया है। ऐसे वीडियो में किसी कलाकार के चेहरे या दूसरी दृश्य सामग्री को डिजिटल तकनीक की मदद से बदला जा सकता है। अगर ऐसी सामग्री को बिना स्पष्ट सूचना के साझा किया जाए तो दर्शकों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है और संबंधित व्यक्ति की छवि भी प्रभावित हो सकती है।
यामी की अपील केवल उनकी व्यक्तिगत तस्वीरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल कंटेंट के जिम्मेदार इस्तेमाल से जुड़ा बड़ा सवाल भी उठाती है। AI तकनीक ने फोटो एडिटिंग, वीडियो निर्माण और कंटेंट क्रिएशन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ सहमति और कॉपीराइट जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।
किसी भी कलाकार की तस्वीर या वीडियो का इस्तेमाल करते समय संदर्भ और अनुमति का ध्यान रखना जरूरी है। यदि मूल तस्वीर में AI की मदद से बदलाव किया जाता है, तो दर्शकों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि सामग्री संपादित है। इससे गलत सूचना फैलने और किसी व्यक्ति के बारे में गलत धारणा बनने का जोखिम कम हो सकता है।
फिल्म और मनोरंजन जगत में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। कलाकारों की आवाज, चेहरे और तस्वीरों के साथ तकनीकी प्रयोग अब आम हो रहे हैं। वहीं कलाकार चाहते हैं कि उनकी पहचान और डिजिटल छवि पर उनका नियंत्रण भी बना रहे। इसी कारण डीपफेक और बिना अनुमति AI एडिटिंग को लेकर बहस लगातार तेज हो रही है।
यामी गौतम ने भी इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने मीडिया से कहा कि उनकी तस्वीरों में बिना मंजूरी बदलाव न किया जाए। उनकी अपील का मुख्य संदेश यही है कि तकनीक का इस्तेमाल करते समय कलाकार की सहमति और उसकी वास्तविक पहचान का सम्मान किया जाना चाहिए।
डीपफेक सामग्री के बढ़ते मामलों के बीच सोशल मीडिया यूजर्स की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। किसी वीडियो या तस्वीर को शेयर करने से पहले उसके स्रोत और वास्तविकता की जांच करना जरूरी है। खासकर सेलिब्रिटी से जुड़ी सनसनीखेज सामग्री को बिना सत्यापन के आगे बढ़ाना भ्रम को बढ़ा सकता है।
फिलहाल ‘चुट्टामल्ले’ डीपफेक विवाद के बीच यामी गौतम का बयान AI के इस्तेमाल और डिजिटल सहमति को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा खड़ी कर रहा है। उनकी साफ अपील है कि उनकी तस्वीरों के साथ बिना अनुमति किसी तरह का AI बदलाव न किया जाए और डिजिटल कंटेंट तैयार करते समय कलाकार की सहमति का सम्मान किया जाए।
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