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अटल जी की छह कविताओं से तैयार हुआ था यह एल्बम

Ratna Netam
16 Aug 2026 4:39 PM IST
अटल जी की छह कविताओं से तैयार हुआ था यह एल्बम
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मनोरंजन : हिंदी संगीत की दुनिया में कई ऐसे गीत और एल्बम बने हैं, जिन्हें दशकों बाद भी श्रोता याद करते हैं। ऐसा ही एक खास एल्बम वर्ष 2002 में रिलीज हुआ था, जिसके गीत किसी फिल्मी गीतकार ने नहीं, बल्कि देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लिखे थे। इस एल्बम का नाम ‘संवेदना’ था। इसमें वाजपेयी की छह चुनिंदा कविताओं को गजल सम्राट जगजीत सिंह ने अपनी आवाज और संगीत से सजाया था।
यह एल्बम इसलिए भी विशेष था क्योंकि इसमें राजनीति, साहित्य, संगीत और हिंदी सिनेमा की कई महान हस्तियां एक साथ जुड़ी थीं। अटल बिहारी वाजपेयी की रचनाएं, जगजीत सिंह की आवाज, अमिताभ बच्चन का प्रभावशाली वक्तव्य, शाहरुख खान का अभिनय और यश चोपड़ा का निर्देशन इस प्रोजेक्ट को अपने दौर की एक यादगार प्रस्तुति बनाते हैं।
जगजीत सिंह ने रखा था एल्बम बनाने का प्रस्ताव
अटल बिहारी वाजपेयी एक लोकप्रिय राजनेता और प्रभावशाली वक्ता होने के साथ संवेदनशील कवि भी थे। उनकी कविताओं में जीवन, संघर्ष, समय, बिछड़ने, आशा और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे विषयों की झलक मिलती है। जगजीत सिंह उनकी रचनाओं से काफी प्रभावित थे। उन्होंने वाजपेयी के सामने उनकी कविताओं को संगीतबद्ध करके एल्बम बनाने का प्रस्ताव रखा।
बताया जाता है कि वाजपेयी इस प्रस्ताव पर सहमत हो गए, लेकिन उन्होंने शर्त रखी कि उनकी कविताओं के मूल शब्दों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। कविताएं जिस रूप में लिखी गई हैं, उसी रूप में उन्हें संगीतबद्ध और प्रस्तुत करना होगा। किसी कविता के मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए उसे गाने में बदलना जगजीत सिंह के लिए बड़ी चुनौती थी।
जगजीत सिंह ने इस चुनौती को स्वीकार किया और वाजपेयी की रचनाओं की गंभीरता तथा भावनाओं को ध्यान में रखते हुए संगीत तैयार किया। उन्होंने एल्बम की सभी छह कविताओं को अपनी आवाज दी। फरवरी 2002 में जारी हुए ‘संवेदना’ को पंडित रविशंकर ने नई दिल्ली के सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में लॉन्च किया था।
एल्बम में शामिल थीं छह कविताएं
‘संवेदना’ में अटल बिहारी वाजपेयी की छह कविताओं को शामिल किया गया था। इनमें ‘क्या खोया क्या पाया’, ‘एक बरस बीत गया’, ‘चौराहे पर’, ‘जीवन बीत चला’, ‘दूर कहीं कोई रोता है’ और ‘कदम मिलाकर चलना होगा’ शामिल हैं। इन रचनाओं में जीवन के अनुभवों से लेकर सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना तक के भाव दिखाई देते हैं।
एल्बम का सबसे चर्चित गीत ‘क्या खोया क्या पाया’ बना। यह कविता जीवन में मिलने और बिछड़ने, सफलता और असफलता तथा बीते समय के अनुभवों पर आधारित है। जगजीत सिंह की गंभीर आवाज और सरल संगीत ने इसके शब्दों के प्रभाव को और बढ़ा दिया।
शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन की खास भूमिका
‘क्या खोया क्या पाया’ का एक विशेष म्यूजिक वीडियो भी तैयार किया गया था। इसमें शाहरुख खान मुख्य भूमिका में दिखाई दिए थे। वीडियो में शाहरुख ने अपने अभिनय और भावों के माध्यम से कविता में मौजूद उदासी, आत्ममंथन और जीवन दर्शन को पर्दे पर उतारने का प्रयास किया।
वीडियो की प्रस्तावना बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन ने अपनी दमदार आवाज में सुनाई थी। इसकी भूमिका प्रसिद्ध गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने लिखी थी। अमिताभ की बैरिटोन आवाज से शुरू होने वाली यह प्रस्तुति दर्शकों को कविता के भावनात्मक संसार में ले जाती है।
इस म्यूजिक वीडियो का निर्देशन मशहूर फिल्मकार यश चोपड़ा ने किया था। रोमांटिक और भावनात्मक फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले यश चोपड़ा ने वीडियो को बेहद गंभीर तथा संवेदनशील अंदाज में पेश किया। वीडियो में अटल बिहारी वाजपेयी भी दिखाई दिए थे।
‘संवेदना’ केवल एक संगीत एल्बम नहीं था, बल्कि साहित्य, राजनीति और सिनेमा के अद्भुत मेल का उदाहरण था। करीब ढाई दशक बाद भी ‘क्या खोया क्या पाया’ और एल्बम की दूसरी कविताएं अटल बिहारी वाजपेयी की साहित्यिक विरासत तथा जगजीत सिंह की संगीत साधना की याद दिलाती हैं।
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