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हैदराबाद कांड और एनकाउंटर की कहानी फिर सुर्खियों में दायरा पर बड़ा अपडेट
Ratna Netam
31 Aug 2026 8:06 PM IST

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मनोरंजन : बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान और अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म **'दायरा'** इन दिनों चर्चा में है। फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या यह फिल्म साल 2019 के चर्चित **हैदराबाद रेप और मर्डर केस** पर आधारित है? क्राइम और न्याय व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को दिखाने वाली इस फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता है। हालांकि निर्देशक मेघना गुलजार ने साफ किया है कि फिल्म किसी एक घटना पर आधारित नहीं है, बल्कि कई वास्तविक घटनाओं और सामाजिक मुद्दों से प्रेरित है।
फिल्म में करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन पहली बार साथ नजर आ रहे हैं। ट्रेलर में अपराध, जांच, कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाया गया है। इसी वजह से कई लोगों ने इसे 2019 के हैदराबाद मामले से जोड़ना शुरू कर दिया।
क्या 'दायरा' हैदराबाद रेप केस पर आधारित है?
फिल्म की निर्देशक मेघना गुलजार ने स्पष्ट किया है कि **'दायरा' सिर्फ हैदराबाद रेप केस की कहानी नहीं है।** उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी तैयार करने के लिए कई घटनाओं और मामलों का अध्ययन किया गया है।
मेघना गुलजार के मुताबिक, अगर किसी एक मामले तक कहानी को सीमित किया जाता तो विषय का दायरा छोटा हो जाता। फिल्म में देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराध, न्याय प्रक्रिया और समाज की सोच जैसे कई मुद्दों को शामिल किया गया है।
हालांकि, फिल्म की चर्चा के बीच 2019 का हैदराबाद मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है, क्योंकि उस घटना के बाद पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर को लेकर देशभर में बहस हुई थी।
क्या था 2019 का हैदराबाद रेप और मर्डर केस?
नवंबर 2019 में हैदराबाद के शमशाबाद इलाके में एक महिला पशु चिकित्सक के साथ कथित तौर पर गैंगरेप और हत्या की घटना सामने आई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
पुलिस जांच के मुताबिक, पीड़िता को एक सुनसान इलाके में ले जाकर अपराध को अंजाम दिया गया और बाद में शव को जला दिया गया। घटना सामने आने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था और आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग उठी थी।
कैसे हुआ था हैदराबाद एनकाउंटर?
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 6 दिसंबर 2019 को पुलिस उन्हें घटना स्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए लेकर गई थी।
पुलिस का दावा था कि इसी दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से हथियार छीन लिए और हमला करने की कोशिश की। इसके बाद हुई गोलीबारी में चारों आरोपियों की मौत हो गई।
पुलिस ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया था। इस घटना के बाद देशभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। कई लोगों ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया, जबकि कुछ मानवाधिकार संगठनों ने एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
एनकाउंटर पर क्यों उठे थे सवाल?
हैदराबाद एनकाउंटर के बाद कानून विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों ने सवाल उठाए थे कि क्या आरोपियों को अदालत में सुनवाई का मौका मिलना चाहिए था।
बाद में इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक आयोग बनाया गया था। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर टिप्पणियां की थीं।
इस पूरे मामले ने देश में एक बड़ी बहस छेड़ दी थी कि गंभीर अपराधों में त्वरित न्याय और कानून की प्रक्रिया के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
फिल्म 'दायरा' में क्या दिखाया जाएगा?
'दायरा' के ट्रेलर से संकेत मिलता है कि फिल्म केवल अपराध की घटना नहीं बल्कि उसके बाद पैदा होने वाली सामाजिक और कानूनी परिस्थितियों पर भी ध्यान केंद्रित करती है।
फिल्म में यह दिखाने की कोशिश की जा सकती है कि अपराध के बाद जांच एजेंसियों, अदालतों, पीड़ितों और समाज के सामने किस तरह की चुनौतियां आती हैं।
मेघना गुलजार अपनी फिल्मों में अक्सर संवेदनशील विषयों को अलग नजरिए से पेश करने के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में 'दायरा' से भी दर्शकों को एक गंभीर कहानी की उम्मीद है।
अपराध और न्याय व्यवस्था पर फिर बहस
हैदराबाद केस के बाद देश में महिलाओं की सुरक्षा, तेज न्याय और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई चर्चाएं हुई थीं।
एक तरफ लोगों में यह मांग थी कि महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों में दोषियों को जल्द सजा मिले। वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों का कहना था कि न्याय व्यवस्था को संविधान और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार चलना चाहिए।
'दायरा' जैसे विषय इसी जटिल बहस को सामने लाने की कोशिश करते हैं।
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