
मनोरंजन: फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में आलिया भट्ट ने एक बिहारी प्रवासी मजदूर लड़की ‘कुमारी पिंकी’ का किरदार निभाया था, जिसने दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इस भूमिका के लिए आलिया ने करीब एक महीने तक कड़ी तैयारी की थी, जिसमें उन्होंने बिहारी लहजा, बॉडी लैंग्वेज और किरदार की गहराई को समझने पर खास ध्यान दिया।
फिल्म में शाहिद कपूर एक ड्रग्स एडिक्ट रॉकस्टार, करीना कपूर खान एक डॉक्टर और दिलजीत दोसांझ एक पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आए थे, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा आलिया भट्ट के किरदार की हुई थी। फटे कपड़े, धूल-मिट्टी से भरा चेहरा और बिहारी एक्सेंट के साथ उनका पूरा ट्रांसफॉर्मेशन बेहद प्रभावशाली माना गया। फिल्म के निर्देशक अभिषेक चौबे ने एक इंटरव्यू में बताया कि आलिया की कास्टिंग को लेकर शुरुआती संदेह था, क्योंकि उनका बैकग्राउंड किरदार से बिल्कुल अलग था। हालांकि ‘हाईवे’ में उनकी परफॉर्मेंस देखने के बाद भरोसा बढ़ा। उन्होंने कहा कि असली चुनौती एक्सेंट नहीं बल्कि किरदार से भावनात्मक जुड़ाव था।
इस तैयारी में अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आलिया को रोजाना रीडिंग, एक्सरसाइज और किरदार की गहराई समझने में मदद की। पंकज त्रिपाठी ने उन्हें बिहारी समाज की वास्तविक जीवन शैली और बॉडी लैंग्वेज से भी परिचित कराया, जिससे किरदार और ज्यादा वास्तविक बन सका। आलिया भट्ट ने खुद एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने इस किरदार के लिए एक महीने तक लगातार अभ्यास किया था। खासकर बिहारी डायलैक्ट और एक लंबा डायलॉग बार-बार रिहर्सल कर उन्होंने अपने अभिनय को निखारा।
‘उड़ता पंजाब’ न केवल एक सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्म थी, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही। फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग 97 करोड़ रुपये रहा, जबकि यह अपने बजट के मुकाबले एक हिट साबित हुई। इस शानदार प्रदर्शन के लिए आलिया भट्ट को फिल्मफेयर अवॉर्ड में बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला। उन्होंने अपने भाषण में फिल्म, सह-कलाकारों और परिवार का धन्यवाद करते हुए इसे अपने करियर का खास पल बताया।





