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52 की उम्र में करिश्मा कपूर की फिटनेस का राज

Rajeshwari Nishad
22 Oct 2026 3:06 PM IST
52 की उम्र में करिश्मा कपूर की फिटनेस का राज
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नई दिल्ली। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री करिश्मा कपूर 52 साल की उम्र में भी अपनी खूबसूरती, स्टाइल और फिटनेस को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। उनकी फिटनेस देखकर कई महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि आखिर बढ़ती उम्र के साथ शरीर को स्वस्थ और एक्टिव कैसे रखा जा सकता है। क्या इसके लिए घंटों जिम में मेहनत करना जरूरी है या फिर महंगे डाइट प्लान और सुपरफूड्स का सहारा लेना पड़ता है? इन सवालों का जवाब सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने दिया है। उन्होंने महिलाओं को कुछ ऐसी आसान आदतों के बारे में बताया है, जिन्हें अपनाकर लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने 21 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में करिश्मा कपूर की फिटनेस का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छी सेहत किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं होती। इसके पीछे वर्षों तक अपनाई गई अच्छी आदतों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उनके मुताबिक, महिलाओं को 30 साल की उम्र से ही अपने खानपान, व्यायाम और शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
30 की उम्र से ही शुरू कर दें फिटनेस की तैयारी
रुजुता दिवेकर के अनुसार, महिलाओं के लिए 30 से 40 वर्ष की उम्र स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। हार्मोनल बदलाव, वजन बढ़ना, पेट के आसपास चर्बी जमा होना और मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियां कुछ महिलाओं में देखने को मिल सकती हैं।
उन्होंने बताया कि युवावस्था में कई महिलाएं बिना ज्यादा मेहनत किए अपना वजन नियंत्रित रख लेती हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ ऐसा करना मुश्किल हो सकता है।
हालांकि, इन बदलावों का अनुभव हर महिला को एक समान नहीं होता। आनुवंशिक कारण, खानपान, शारीरिक गतिविधियां, नींद और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वजन घटाने के बजाय एक्सरसाइज पर दें ध्यान
रुजुता दिवेकर की पहली सलाह है कि महिलाओं को केवल वजन कम करने के उद्देश्य से व्यायाम नहीं करना चाहिए। इसके बजाय शरीर को मजबूत, सक्रिय और स्वस्थ रखने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने सप्ताह में कम से कम तीन घंटे व्यायाम करने की सलाह दी है। नियमित शारीरिक गतिविधियों से मांसपेशियों की मजबूती, हड्डियों के स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
इसके लिए जरूरी नहीं कि हर महिला जिम जाए। तेज चलना, योग, साइकिल चलाना, डांस और अपनी क्षमता के अनुसार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी उपयोगी हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती बनाए रखना जरूरी होता है। इसलिए महिलाओं को अपनी दिनचर्या में ऐसी गतिविधियां शामिल करनी चाहिए जिन्हें वे लंबे समय तक जारी रख सकें।
डाइटिंग के चक्कर में खाना छोड़ना पड़ सकता है भारी
न्यूट्रिशनिस्ट की दूसरी महत्वपूर्ण सलाह खानपान से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि वजन कम करने के चक्कर में चावल, कार्बोहाइड्रेट या रात का खाना पूरी तरह छोड़ देना सही तरीका नहीं है।
कई महिलाएं तेजी से वजन घटाने के लिए बहुत कम खाना शुरू कर देती हैं। कुछ महिलाएं इंटरनेट पर वायरल होने वाले डाइट प्लान अपनाती हैं, लेकिन बिना सही जानकारी के ऐसा करने से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
रुजुता के मुताबिक, महिलाओं के भोजन में विटामिन डी, विटामिन बी12, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों का पर्याप्त मात्रा में होना जरूरी है।
उन्होंने संतुलित भोजन करने और खाने को लेकर अनावश्यक डर पैदा न करने की सलाह दी है। हालांकि, संतुलित भोजन का मतलब अत्यधिक चीनी, नमक या अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों का बेहिसाब सेवन करना नहीं है।
हड्डियों की मजबूती का रखें विशेष ध्यान
बढ़ती उम्र में महिलाओं के लिए हड्डियों की मजबूती बनाए रखना एक महत्वपूर्ण चुनौती होती है। विशेष रूप से मेनोपॉज के आसपास और उसके बाद कुछ महिलाओं में हड्डियों का घनत्व कम होने की आशंका बढ़ सकती है।
ऐसी स्थिति में कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ, पर्याप्त प्रोटीन और नियमित व्यायाम मददगार हो सकते हैं।
दूध, दही, पनीर, दालें, हरी सब्जियां और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ संतुलित भोजन का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत अलग होती है।
यदि किसी महिला को लगातार कमजोरी, हड्डियों में दर्द या पोषक तत्वों की कमी के लक्षण महसूस हों, तो चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
अच्छी नींद और नियमित दिनचर्या भी जरूरी
सेहतमंद रहने के लिए केवल भोजन और व्यायाम ही पर्याप्त नहीं हैं। अच्छी नींद और नियमित दिनचर्या भी स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।
रुजुता दिवेकर पहले भी पर्याप्त पानी पीने, समय पर सोने और नियमित शारीरिक गतिविधियों के महत्व पर जोर दे चुकी हैं।
नींद पूरी न होने पर थकान, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए महिलाओं को कामकाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत के लिए भी समय निकालना चाहिए।
करिश्मा कपूर की फिटनेस से क्या सीखें महिलाएं?
करिश्मा कपूर की फिटनेस का उदाहरण देते हुए रुजुता दिवेकर ने बताया कि लंबे समय तक स्वस्थ रहने का कोई जादुई तरीका नहीं है। उनके अनुसार, अभिनेत्री की फिटनेस को वर्षों से अपनाई गई अच्छी आदतों के संचयी लाभ के रूप में देखा जा सकता है।
इसका मतलब यह नहीं कि हर महिला एक जैसी दिख सकती है या उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोका जा सकता है। लेकिन नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और स्वस्थ जीवनशैली से शरीर की कार्यक्षमता बेहतर बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
40 और 50 की उम्र में भी रह सकती हैं एक्टिव
रुजुता दिवेकर का संदेश है कि महिलाओं को अपनी सेहत का ध्यान रखने के लिए 40 या 50 साल की उम्र आने का इंतजार नहीं करना चाहिए। जितनी जल्दी अच्छी आदतें विकसित की जाएंगी, उन्हें लंबे समय तक बनाए रखना उतना ही आसान होगा।
यदि किसी महिला ने पहले व्यायाम नहीं किया है, तो वह अपनी उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे शुरुआत कर सकती है।
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