बॉलीवुड की धुनों को खास बनाने वाले Whistle King का सफर

Mumbai:बॉलीवुड फिल्मों में संगीत सिर्फ धुनों तक सीमित नहीं होता, बल्कि छोटे-छोटे साउंड इफेक्ट्स भी गानों को यादगार बना देते हैं। कभी ऑर्केस्ट्रा की शानदार धुनें, कभी पियानो की मधुर आवाज और कभी किसी कलाकार की सीटी की अनोखी धुन गाने के एहसास को और खास बना देती है। ऐसी ही एक पहचान बनाने वाले कलाकार हैं नागेश सुर्वे, जिन्हें बॉलीवुड का ‘Whistle King’ कहा जाता है।
सिनेमा प्रेमियों ने कई सुपरहिट गानों में सीटी की मधुर आवाज जरूर सुनी होगी, लेकिन शायद कम लोग जानते हैं कि इन यादगार धुनों के पीछे एक खास कलाकार का हुनर छिपा है। नागेश सुर्वे ने बॉलीवुड के कई चर्चित गानों में अपनी सीटी की आवाज से अलग पहचान बनाई है।
नागेश सुर्वे ने करीब 1600 से ज्यादा गानों में सीटी बजाई है। उनकी खास शैली ने कई फिल्मों के गानों को एक अलग अंदाज दिया। उनकी सीटी की आवाज ने गानों में रोमांस, खुशी और भावनाओं को और गहरा करने का काम किया।
बॉलीवुड के कई लोकप्रिय गानों में उनकी सीटी सुनाई दी है। फिल्म ‘मोहब्बतें’, ‘फना’ और ‘धूम’ जैसी फिल्मों के गानों में उनकी कला ने संगीत को और आकर्षक बनाया। खासतौर पर ‘फना’ के लोकप्रिय गाने ‘चांद सिफारिश’ में सीटी की धुन ने गाने की खूबसूरती को और बढ़ा दिया था।
नागेश सुर्वे का सफर भी आसान नहीं रहा। जहां कई कलाकार अपनी आवाज या वाद्य यंत्रों से पहचान बनाते हैं, वहीं उन्होंने अपनी सीटी को ही अपनी कला का माध्यम बनाया। उन्होंने साबित किया कि संगीत में हर छोटी आवाज की अपनी अहमियत होती है।
बॉलीवुड में बैकग्राउंड स्कोर और साउंड इफेक्ट्स अक्सर पर्दे के पीछे रह जाते हैं, लेकिन यही चीजें किसी गाने या सीन को यादगार बनाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। नागेश सुर्वे जैसे कलाकारों का योगदान इसी वजह से खास माना जाता है।
उनकी सीटी की आवाज ने कई गानों में ऐसा जादू पैदा किया कि लोग आज भी उन धुनों को सुनकर फिल्मों के खास पलों को याद करते हैं। बिना कोई शब्द बोले सिर्फ सीटी के जरिए भावनाएं पहुंचाना उनकी कला की सबसे बड़ी खासियत है।





