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गोविंदा और सुनीता का दर्दनाक किस्सा 3 महीने की बेटी को खोने का दर्द

nidhi
18 Aug 2026 12:47 PM IST
गोविंदा और सुनीता का दर्दनाक किस्सा 3 महीने की बेटी को खोने का दर्द
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गोविंदा की जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द 3 महीने की बेटी की मौत
मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा की जिंदगी में एक ऐसा दर्दनाक दौर भी आया था, जिसे याद कर आज भी उनका दिल भर आता है। शादी के बाद दोनों ने अपनी तीन महीने की बेटी को खो दिया था। इस घटना ने कपल को अंदर तक तोड़ दिया था।
सुनीता आहूजा ने एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल समय को याद करते हुए बताया था कि उनकी दूसरी बेटी का जन्म समय से पहले हुआ था। बच्ची के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हो पाए थे। करीब तीन महीने तक वह उनकी गोद में रही, लेकिन एक रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया।
बेटी को खोने का दर्द नहीं भूल पाए गोविंदा
गोविंदा ने भी कई साल पहले इस दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि उस समय उन्हें जिंदगी बेहद मुश्किल लगने लगी थी। उन्होंने कहा था कि इंसान चाहे कितना भी बड़ा स्टार क्यों न बन जाए, कुछ दर्द ऐसे होते हैं जिनके सामने सारी दौलत और शोहरत बेकार लगती है।
एक्टर ने अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए कहा था कि उस समय उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह किसी भिखारी से भी बदतर स्थिति में हैं, क्योंकि उनके पास सब कुछ होने के बावजूद वह अपनी बेटी को बचा नहीं सके।
परिवार पर टूटा था दुखों का पहाड़
उस समय गोविंदा अपने फिल्मी करियर के ऊंचे दौर में थे। उनके पास नाम, पैसा और प्रसिद्धि सब कुछ था, लेकिन बेटी को खोने का दर्द उनके लिए सबसे बड़ा सदमा था।
सुनीता ने बताया था कि पहली डिलीवरी सामान्य रही थी, इसलिए दूसरी बार उन्हें ऐसी परेशानी का अंदाजा नहीं था। समय से पहले जन्म और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण परिवार को यह दुख झेलना पड़ा।
बेटे यशवर्धन के जन्म से मिली खुशी
बेटी को खोने के बाद कुछ समय तक गोविंदा और सुनीता बेहद दुखी रहे। बाद में उनके घर बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ। इसके अलावा उनकी बेटी टीना आहूजा भी हैं।
गोविंदा और सुनीता ने अपनी जिंदगी के इस कठिन दौर से निकलने के लिए परिवार और बच्चों का सहारा लिया।
आज भी याद कर भावुक हो जाती हैं सुनीता
सुनीता आहूजा ने बताया था कि अपनी बेटी को खोना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द था। उन्होंने कहा था कि अगर वह बेटी आज जिंदा होती तो उनका परिवार दो बेटियों और एक बेटे के साथ पूरा होता।
सेलिब्रिटी होने के बावजूद गोविंदा और सुनीता की यह कहानी बताती है कि निजी जिंदगी के दुख और संघर्ष हर इंसान को प्रभावित करते हैं। बड़ी सफलता और प्रसिद्धि भी अपनों को खोने के दर्द को कम नहीं कर सकती।
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