
New Delhi नई दिल्ली : बॉलीवुड और राजनीति का रिश्ता काफी पुराना रहा है। हिंदी सिनेमा के कई बड़े सितारों ने अभिनय की दुनिया से निकलकर राजनीति में कदम रखा और अपनी अलग पहचान बनाई। कुछ फिल्मी सितारे राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे, जबकि कुछ ने अनुभवों के बाद इस क्षेत्र से दूरी बना ली। ऐसी ही दिग्गज अभिनेत्री रहीं वैजयंती माला, जिन्होंने फिल्मी पर्दे पर अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने के बाद राजनीति में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई थी।
वैजयंती माला ने साल 1984 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दामन थामा था। उसी साल उन्होंने तमिलनाडु के आम चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। उस दौर में किसी महिला का राजनीति में आकर संसद तक पहुंचना आसान नहीं था। उन्हें समाज में मौजूद कई पुरानी सोच और धारणाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई।
राजनीति में कदम रखने के बाद वैजयंती माला ने साबित किया कि वह केवल फिल्मी दुनिया की लोकप्रिय हस्ती ही नहीं बल्कि एक सक्षम जनप्रतिनिधि भी हैं। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने संसद में अपनी भूमिका निभाई और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया। शुरुआत में कई लोगों ने उनके राजनीतिक सफर को लेकर सवाल खड़े किए, लेकिन उन्होंने अपने काम से आलोचकों को जवाब दिया।
वैजयंती माला का राजनीतिक सफर यहीं नहीं रुका। साल 1989 में उन्होंने एक बार फिर चुनाव जीतकर अपनी लोकप्रियता और राजनीतिक पकड़ को साबित किया। इसके बाद साल 1993 में उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया गया। राज्यसभा में उनका कार्यकाल छह साल का रहा। इस दौरान उन्होंने कई सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
हालांकि, लंबे समय तक कांग्रेस में सक्रिय रहने के बाद साल 1999 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला किया। उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी थी। कांग्रेस छोड़ने से पहले उन्होंने तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र भी लिखा था। इस पत्र में उन्होंने पार्टी से अलग होने के अपने फैसले और अपनी भावनाओं को व्यक्त किया था।
बताया जाता है कि वैजयंती माला ने अपने पत्र में कांग्रेस के प्रति अपने लंबे जुड़ाव का जिक्र किया था। उन्होंने पार्टी के साथ बिताए वर्षों और मिले सम्मान को याद किया, लेकिन कुछ परिस्थितियों के चलते अलग होने का निर्णय लिया। उनका इस्तीफा उस समय कांग्रेस के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना गया था, क्योंकि वह पार्टी की वरिष्ठ और सम्मानित नेताओं में शामिल थीं।
वैजयंती माला का नाम भारतीय सिनेमा की महान अभिनेत्रियों में गिना जाता है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। अभिनय के अलावा उन्होंने राजनीति में भी अपनी क्षमता साबित की।
उनका राजनीतिक सफर इस बात का उदाहरण है कि फिल्मी सितारे केवल लोकप्रियता के दम पर नहीं बल्कि अपने अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर भी राजनीति में पहचान बना सकते हैं। वैजयंती माला ने जिस दौर में राजनीति में प्रवेश किया, उस समय महिलाओं की भागीदारी आज की तुलना में काफी कम थी। इसके बावजूद उन्होंने चुनाव जीतकर और संसद में अपनी भूमिका निभाकर एक मिसाल कायम की।
आज भी वैजयंती माला का नाम उन कलाकारों में लिया जाता है, जिन्होंने मनोरंजन जगत के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन में भी अपनी छाप छोड़ी। उनका सफर बताता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।





