सुहासिनी मुले ने बताया, 60 की उम्र में शादी और मातृत्व पर उनकी सोच

Entertainment मनोरंजन : अभिनेत्री सुहासिनी मुले एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में दिए गए एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने अपनी शादी और उससे जुड़े फैसलों पर खुलकर बात की। सुहासिनी ने बताया कि उन्होंने 60 साल की उम्र में शादी करने का फैसला लिया, जो उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण और सोच-समझकर लिया गया कदम था।
पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने यह भी साझा किया कि इस फैसले पर उनकी मां की प्रतिक्रिया कैसी रही थी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में परिवार को यह निर्णय थोड़ा अलग लगा, लेकिन समय के साथ उन्होंने इसे स्वीकार किया। सुहासिनी के अनुसार, जीवन में हर व्यक्ति को अपने हिसाब से फैसले लेने का अधिकार होता है और उम्र कभी भी नए शुरुआत करने में बाधा नहीं बननी चाहिए।
उन्होंने अपने करियर और निजी जीवन के संतुलन पर भी बात की। सुहासिनी मुले ने कहा कि उनके लिए काम हमेशा प्राथमिकता में रहा और उन्होंने अपने अभिनय करियर को बहुत गंभीरता से लिया। इसी कारण उन्होंने मातृत्व के बारे में भी एक सोच-समझकर निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चे पैदा करना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन हर व्यक्ति की परिस्थितियां अलग होती हैं। उनके अनुसार, उनके काम का स्वरूप ऐसा था जिसमें बच्चों की जिम्मेदारी आने पर करियर पर ध्यान पूरी तरह से केंद्रित रखना मुश्किल हो सकता था।
सुहासिनी ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय था और इसे किसी सामान्य नियम की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समाज में अक्सर महिलाओं से जुड़े फैसलों को लेकर अलग तरह की सोच होती है, लेकिन हर व्यक्ति को अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने का हक है।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने यह भी बताया कि उम्र बढ़ने के साथ इंसान की सोच और प्राथमिकताएं बदलती हैं। कई बार जीवन में ऐसे मौके आते हैं जब लोग पहले लिए गए फैसलों को नए नजरिए से देखते हैं और बदलाव करने का निर्णय लेते हैं। सुहासिनी के अनुसार, उनकी शादी का फैसला भी इसी सोच का हिस्सा था।
उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में रिश्तों और करियर दोनों का संतुलन हर किसी के लिए अलग होता है। जरूरी नहीं कि एक ही रास्ता सभी के लिए सही हो। हर व्यक्ति की जिम्मेदारियां और परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए निर्णय भी व्यक्तिगत होने चाहिए।
सुहासिनी मुले का यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग उनके इस फैसले और विचारों को प्रेरणादायक मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं।
कुल मिलाकर, सुहासिनी मुले ने अपने इंटरव्यू में यह साफ किया कि शादी, करियर और मातृत्व जैसे फैसले पूरी तरह व्यक्तिगत होते हैं और इन्हें किसी तय मानक से नहीं देखा जाना चाहिए।





