
मुंबई | श्रीकांत बोला एक प्रेरणादायक नाम हैं, जिनकी जीवन यात्रा पर बॉलीवुड फिल्म भी बन चुकी है। श्रीकांत, जो एक दृष्टिहीन व्यक्ति हैं, ने अपने संघर्षों को पार करते हुए ना केवल अपनी जिंदगी को एक नई दिशा दी, बल्कि दूसरों के लिए भी एक मिसाल कायम की।
श्रीकांत बोला का जन्म 1992 में हुआ था और उनकी आंखों में जन्म से ही कोई रोशनी नहीं थी। हालांकि, इस कमी के बावजूद उन्होंने हार मानने का नाम नहीं लिया। उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और आईआईटी हैदराबाद से अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, उन्होंने ‘स्मार्ट लाइफ’ नामक कंपनी की स्थापना की, जो पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान करती है।
श्रीकांत की यात्रा पर आधारित बॉलीवुड फिल्म 'ब्लाइंड फोल्ड' रिलीज़ हुई थी, जिसमें उनके संघर्ष और सफलता की कहानी दिखाई गई। इस फिल्म ने उनके जीवन की कठिनाइयों और उपलब्धियों को सजीव रूप से प्रस्तुत किया।
अब, श्रीकांत बोला शार्क टैंक इंडिया के नए जज के रूप में सामने आए हैं। उनका यह कदम युवा उद्यमियों के लिए एक प्रेरणा साबित हो सकता है। उनके पास न केवल व्यक्तिगत संघर्षों से जूझने की क्षमता है, बल्कि उन्होंने इस मंच पर आकर नए उद्यमियों को मार्गदर्शन देने का भी निर्णय लिया है।
उनकी जिंदगी ने साबित किया है कि किसी भी स्थिति में अगर मजबूत इच्छाशक्ति और समर्पण हो, तो सफलता जरूर मिलती है।





