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सोनू निगम का बड़ा बयान जो गा नहीं सकते वो ऑटो ट्यून से छिपाते हैं कमी
मुंबई : बॉलीवुड के मशहूर सिंगर सोनू निगम ने ऑटो-ट्यून तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने उन कलाकारों पर तंज कसा है, जो बिना अच्छी गायकी के सिर्फ तकनीक की मदद से गाने रिकॉर्ड कर लेते हैं। सोनू निगम का कहना है कि असली गायकी में आवाज की गुणवत्ता और सुर की समझ सबसे ज्यादा मायने रखती है।
सोनू निगम ने बातचीत के दौरान कहा कि आज के दौर में कई लोग ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल इसलिए करते हैं क्योंकि वे खुद सही तरीके से गा नहीं सकते। उन्होंने तकनीक के इस्तेमाल को गलत नहीं बताया, लेकिन कहा कि यह किसी गायक की वास्तविक क्षमता का विकल्प नहीं हो सकता।
सिंगर ने कहा कि ऑटो-ट्यून एक सुधार करने वाला टूल है, लेकिन इसे गायकी छिपाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, पहले के दौर में कलाकारों को अपनी आवाज और सुर पर मेहनत करनी पड़ती थी, जबकि अब कई बार तकनीक के सहारे कमियां छिपाई जा सकती हैं।
सोनू निगम भारतीय संगीत जगत के उन गायकों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी लाइव परफॉर्मेंस और सुरों की पकड़ से अलग पहचान बनाई है। वह पहले भी संगीत में बढ़ते बदलाव और नई पीढ़ी के गायकों को लेकर अपनी राय रखते रहे हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग सोनू निगम की बात का समर्थन कर रहे हैं और मानते हैं कि असली प्रतिभा की पहचान जरूरी है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि आधुनिक संगीत में तकनीक का इस्तेमाल स्वाभाविक बदलाव है।
ऑटो-ट्यून आज संगीत उद्योग का एक आम हिस्सा बन चुका है। कई बड़े कलाकार भी रिकॉर्डिंग को बेहतर बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, सोनू निगम का जोर इस बात पर है कि तकनीक का इस्तेमाल प्रतिभा की जगह नहीं ले सकता। सोनू निगम के इस बयान ने एक बार फिर संगीत जगत में तकनीक बनाम प्राकृतिक गायकी की बहस को हवा दे दी है।
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