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Entertainment, मनोरंजन : लोकप्रिय टीवी शो ‘अनुपमा’ इन दिनों न केवल अपनी कहानी बल्कि एक विवाद के कारण भी सुर्खियों में आ गया है। इस बार वजह बनी हैं देश की पूर्व टेलीविज़न स्टार और वर्तमान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जिन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान रूपाली गांगुली के इस सुपरहिट शो पर एक कमेंट किया, जो शो की कास्ट और फैन्स को कुछ खास पसंद नहीं आया।
स्मृति ईरानी, जो कभी खुद भी छोटे पर्दे पर ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ जैसे आइकॉनिक शो में तुलसी के किरदार से जानी जाती थीं, ने ‘अनुपमा’ की कहानी और महिला किरदारों की प्रस्तुति को लेकर चिंता जताई। हालांकि उनकी टिप्पणी का इरादा सामाजिक सोच पर सवाल उठाने का था, लेकिन शो की टीम को यह सीधा निजी हमला लगा।
क्या कहा स्मृति ईरानी ने?
एक हालिया मीडिया बातचीत में स्मृति ईरानी से जब पूछा गया कि क्या वह आजकल का कोई टीवी शो देखती हैं, तो उन्होंने हँसते हुए जवाब दिया:
“मैं कोशिश करती हूं कि टीवी कम देखूं, खासकर ‘अनुपमा’ जैसा शो। मैं एक ऐसी महिला को नहीं देखना चाहती जो हर एपिसोड में सिर्फ दूसरों के लिए जीती है, अपने लिए कभी नहीं। एक समय के बाद ये नायिकाएं समाज में गलत संदेश देने लगती हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे शो महिलाओं की आत्मनिर्भरता और आत्म-सम्मान की बात कम और बलिदान की छवि ज्यादा दिखाते हैं, जो आज के दौर में पीछे ले जाने वाला दृष्टिकोण हो सकता है।
अनुपमा की कास्ट की प्रतिक्रिया
स्मृति ईरानी की यह टिप्पणी सामने आने के बाद ‘अनुपमा’ की लीड एक्ट्रेस रूपाली गांगुली और शो के अन्य कलाकारों ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी नाराजगी ज़ाहिर की। रूपाली ने बिना नाम लिए एक इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर की, जिसमें लिखा था:
“जो कभी हमारी प्रेरणा थीं, उनका इस तरह बोलना दुखद है। आपसे ये उम्मीद नहीं थी।”
शो के एक और मुख्य कलाकार गौरव खन्ना ने भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि:
“हर कहानी का एक सामाजिक उद्देश्य होता है। हम दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और उन्हीं के लिए मेहनत करते हैं। आलोचना ठीक है, लेकिन खुले मंच पर कलाकारों की मेहनत को हल्के में लेना ठीक नहीं।”
फैन्स का भी फूटा ग़ुस्सा
स्मृति ईरानी की टिप्पणी से सिर्फ कास्ट ही नहीं, बल्कि शो के लाखों दर्शक भी आहत हुए हैं। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर फैन्स ने स्मृति से माफ़ी मांगने की मांग की। कुछ ने यह भी कहा कि एक समय में उन्होंने खुद पारिवारिक मूल्यों पर आधारित शो किए हैं, तो आज ऐसे कंटेंट की आलोचना करना "दोगलापन" है।
सामाजिक विमर्श भी शुरू
इस विवाद के बाद एक बार फिर से टीवी सीरियल्स में महिला किरदारों की प्रस्तुति को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों का मानना है कि टीवी पर महिलाओं को आदर्श बहू, पत्नी या माँ के रूप में ही क्यों दिखाया जाता है, जबकि आज की महिलाएं ऑफिस, बिजनेस और समाज में अलग-अलग रोल निभा रही हैं।
दूसरी ओर, ‘अनुपमा’ जैसे शो की पैरवी करने वाले लोग कहते हैं कि यह सीरियल भी एक महिला के आत्म-सशक्तिकरण की कहानी है, जहां वह पारिवारिक संघर्षों के बीच खुद की पहचान तलाशती है।
टीवी शोज़ पर सार्वजनिक हस्तियों की टिप्पणियाँ कभी-कभी बड़ा विवाद खड़ा कर सकती हैं। ‘अनुपमा’ पर स्मृति ईरानी की राय ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति की कही गई बात कितनी दूर तक असर कर सकती है। अब देखना होगा कि स्मृति इस पर सफाई देती हैं या नहीं, और यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है।
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