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शुभांगी अत्रे ने सुनाया करियर के शुरुआती दिनों का अनुभव, बोलीं- रैगिंग ने मुझे मजबूत बनाया

Kavita2
1 Aug 2026 5:35 PM IST
शुभांगी अत्रे ने सुनाया करियर के शुरुआती दिनों का अनुभव, बोलीं- रैगिंग ने मुझे मजबूत बनाया
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मुंबई: टीवी के लोकप्रिय शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी के किरदार से पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस शुभांगी अत्रे ने अपने करियर के शुरुआती दौर के संघर्षों को याद किया है। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में कदम रखने के बाद उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिसमें रैगिंग और अनुचित व्यवहार के अनुभव भी शामिल थे।

एक इंटरव्यू में शुभांगी ने कहा कि शुरुआत में वह इन परिस्थितियों के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाईं, क्योंकि वह एक साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आती थीं। हालांकि, समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि अपने सम्मान और अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी है।

‘कस्तूरी’ शो बना करियर का टर्निंग पॉइंट

शुभांगी अत्रे ने अपने शुरुआती टीवी शो ‘कस्तूरी’ को याद करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुआ। इसी शो ने उन्हें इंडस्ट्री में पहचान दिलाने में मदद की।

उन्होंने बताया कि उस समय काम का शेड्यूल बेहद कठिन हुआ करता था। कई बार लगातार शूटिंग के कारण उन्हें अपनी वैनिटी वैन में दो-दो या तीन-तीन दिन तक रहना पड़ता था। एक मेकअप सेशन खत्म होते ही दूसरे शॉट के लिए तैयार होना पड़ता था।

एक्ट्रेस ने कहा कि उस दौर की कठिनाइयों के बावजूद वह उस संघर्ष के लिए आभारी हैं, क्योंकि उसी अनुभव ने उन्हें आगे बढ़ने और मजबूत बनने में मदद की।

‘रैगिंग ने मुझे मजबूत बनाया’

शुभांगी ने कहा कि करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें रैगिंग जैसी परिस्थितियों से गुजरना पड़ा। हालांकि, उन्होंने इसे केवल नकारात्मक अनुभव के रूप में नहीं देखा।

उन्होंने कहा कि उस समय की परेशानियों ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का हौसला दिया। उनके मुताबिक, आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें उन संघर्षों की भी बड़ी भूमिका रही है।

एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि उन्हें अपने उस दौर का कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि उन्हीं अनुभवों ने उन्हें आत्मनिर्भर और मजबूत बनाया।

प्रोडक्शन टीम के व्यवहार का किया जिक्र

जब शुभांगी से पूछा गया कि उन्हें किस तरह की रैगिंग का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने प्रोडक्शन टीम के कुछ सदस्यों के व्यवहार का जिक्र किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके साथ ठीक तरीके से पेश नहीं आते थे। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया।

शुभांगी ने बताया कि कई बार शूटिंग के दबाव में उनके साथ सख्ती से बात की जाती थी। उन्होंने एक घटना को याद करते हुए कहा कि अगर वह खाना खा रही होती थीं, तो भी कुछ लोग ऊंची आवाज में उन्हें शॉट के लिए बुलाने लगते थे।

उन्होंने कहा कि उस समय वह इन बातों को सहन कर लेती थीं, लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि अपनी सीमाएं तय करना और अपने लिए खड़ा होना जरूरी है।

साधारण पृष्ठभूमि से आईं शुभांगी

शुभांगी अत्रे ने बताया कि उनका बैकग्राउंड ऐसा नहीं था जहां वह शुरुआत से ही इंडस्ट्री के तौर-तरीकों से परिचित थीं। नए माहौल में खुद को स्थापित करना उनके लिए आसान नहीं था।

उन्होंने कहा कि शुरुआती संघर्षों ने उन्हें इंडस्ट्री को समझने, लोगों से व्यवहार करना सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की।

‘भाबीजी घर पर हैं’ से मिली बड़ी पहचान

शुभांगी अत्रे को सबसे ज्यादा लोकप्रियता टीवी शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी के किरदार से मिली। उनके मासूम अंदाज और कॉमिक टाइमिंग को दर्शकों ने काफी पसंद किया।

इस किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई और टीवी इंडस्ट्री की प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया।

संघर्षों से मिली सीख

शुभांगी का कहना है कि जीवन में आने वाली मुश्किलें इंसान को बेहतर बनाती हैं। उन्होंने अपने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि शुरुआती दौर के संघर्षों ने उन्हें आज की मजबूत और आत्मविश्वासी इंसान बनने में मदद की।

एक्ट्रेस की यह कहानी बताती है कि मनोरंजन जगत में सफलता के पीछे अक्सर लंबे संघर्ष, धैर्य और लगातार मेहनत की भूमिका होती है।

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