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Mumbai मुंबई। सैकड़ों लोगों का करोड़ों रुपये लेकर भाग जाने वाली चिटफंड कंपनी लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोआपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) के प्रमोटर श्रेयस तलपड़े समेत 15 लोगों पर शिकंजा कसा गया है। सभी के खिलाफ महोबा में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है। मुंबई के श्रेयस तलपड़े इस कंपनी के प्रमोटर बताए जा रहे हैं। करीब 30 पीड़ितों की शिकायत पर महोबा के श्रीनगर थाने की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में मुंबई के ही दंपति समेत स्थानीय अधिकारी और कई एजेंट हैं।
श्रीनगर थाना क्षेत्र निवासी नारायण दास, लखन, प्रकाश, किशोर, देवेंद्र, रमेश अग्रवाल, बृजगोपाल, कपूरी देवी समेत तीस पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि करीब 10 साल पहले मनोहरगंज में ललित विश्वकर्मा के यहां एलयूसीसी का ऑफिस खोला गया था। ललित यहां का ब्रांच मैनेजर था। कंपनी के एजेंटों की ओर से कम समय में रुपये दोगुना करने, एफडी, आरडी व सुकन्या समेत कई योजनाओं के नाम पर निवेश कराया गया।
झांसे में आए सैकड़ों लोगों ने करोड़ों रुपये जमा कर दिए। तय समय पूरा होने पर जब कंपनी से रुपये मांगे गए तो टरकाया जाने लगा। इसके बाद कंपनी फरार हो गई। इसके चलते पीड़ितों ने कंपनी के समीर अग्रवाल, उनकी पत्नी सानिया निवासी मुंबई, आरके शेट्टी, संजय मुदगिल, श्रेयस तलपड़े, ललित विश्वकर्मा, डालचंद्र कुशवाहा, सुनील विश्वकर्मा, सचिन रैकवार, कमल रैकवार, सुनील कुमार, महेश रैकवार, मोहन कुशवाहा, जितेंद्र नामदेव और नारायण सिंह राजपूत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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