नई दिल्ली। बॉलीवुड के बादशाह कहे जाने वाले शाहरुख खान का करियर कई यादगार फिल्मों से भरा हुआ है। साल 1993 में रिलीज हुई फिल्म 'बाजीगर' ने शाहरुख खान को इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई थी। इस फिल्म में उनके नेगेटिव किरदार को दर्शकों ने काफी पसंद किया और यही फिल्म उनके स्टारडम की शुरुआत बनी। 'बाजीगर' का निर्देशन मशहूर निर्देशक जोड़ी अब्बास-मस्तान ने किया था। इस फिल्म की सफलता के बाद अब्बास-मस्तान की जोड़ी का नाम बॉलीवुड के बड़े फिल्ममेकर्स में शामिल हो गया। हालांकि, बाजीगर की सफलता के कुछ साल बाद जब इस जोड़ी ने एक नई फिल्म बनाने की योजना बनाई तो उन्होंने सबसे पहले शाहरुख खान को ऑफर दिया, लेकिन किंग खान ने उस फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया।
शाहरुख ने क्यों ठुकराई फिल्म?
अब्बास-मस्तान ने साल 1996 में फिल्म 'दरार' बनाई थी। इस फिल्म के लिए उनकी पहली पसंद शाहरुख खान थे। दरअसल, बाजीगर में एंटी हीरो का किरदार निभाने के बाद शाहरुख की छवि ऐसे किरदारों के लिए मजबूत हो गई थी। हालांकि, शाहरुख खान उस समय लगातार नेगेटिव किरदारों वाली फिल्मों का हिस्सा बन रहे थे। उन्होंने 'बाजीगर' के अलावा 'डर' जैसी फिल्मों में भी ग्रे शेड वाला किरदार निभाया था। ऐसे में वह अपनी छवि को बदलना चाहते थे और इसी वजह से उन्होंने 'दरार' में काम करने से मना कर दिया। शाहरुख खान का मानना था कि वह केवल विलेन या एंटी हीरो की छवि तक सीमित नहीं रहना चाहते थे। वह अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर बतौर अभिनेता अपनी पहचान बनाना चाहते थे।
शाहरुख के इनकार के बाद बदली फिल्म की कास्ट
शाहरुख खान के फिल्म से बाहर होने के बाद अब्बास-मस्तान ने दूसरे कलाकारों की तलाश शुरू की। 'दरार' एक लव ट्रायंगल पर आधारित फिल्म थी, जिसमें ऋषि कपूर और जूही चावला को पहले ही कास्ट कर लिया गया था। फिल्म के लिए अब्बास-मस्तान ने अभिनेता संजय दत्त से भी संपर्क किया, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद आखिरकार इस फिल्म के लिए अरबाज खान को चुना गया। 'दरार' अरबाज खान के करियर की पहली फिल्म बनी। इस फिल्म में उन्होंने नकारात्मक भूमिका निभाई थी और उनके अभिनय को भी काफी चर्चा मिली।
बॉक्स ऑफिस पर औसत रही 'दरार'
अब्बास-मस्तान के निर्देशन में बनी 'दरार' को लेकर शुरुआत में काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म कोई बड़ा कमाल नहीं दिखा सकी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का बजट करीब 5 करोड़ रुपये से ज्यादा था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 6 करोड़ रुपये का कारोबार किया। हालांकि, फिल्म ने अरबाज खान को बॉलीवुड में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, शाहरुख खान ने इसके बाद रोमांटिक और अलग-अलग तरह के किरदारों पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया।
शाहरुख की बदली छवि ने बनाया सुपरस्टार
'दरार' को ठुकराने का फैसला शाहरुख खान के करियर के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने 'दिल तो पागल है', 'कुछ कुछ होता है', 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' जैसी फिल्मों के जरिए रोमांटिक हीरो की अपनी छवि बनाई। आज शाहरुख खान बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में शामिल हैं। 'बाजीगर' जैसी फिल्मों ने जहां उन्हें पहचान दिलाई, वहीं 'दरार' जैसी फिल्मों को छोड़कर उन्होंने अपने करियर की दिशा बदलने का फैसला किया, जिसने उन्हें हिंदी सिनेमा का सबसे लोकप्रिय अभिनेता बना दिया।





