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Jab We Met में चश्मा पहनने को लेकर अड़ गए थे शाहिद कपूर, जानें मजेदार किस्सा

Tara Tandi
24 Sept 2023 1:53 PM IST
Jab We Met में चश्मा पहनने को लेकर अड़ गए थे शाहिद कपूर, जानें मजेदार किस्सा
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शाहिद कपूर बॉलीवुड के सबसे सफल अभिनेताओं में से एक हैं. एक बैकग्राउंड डांसर के बाद बतौर लीड हीरो शाहिद ने खूब मेहनत की है. स्टार किड होते हुए भी एक्टर के तौर पर उन्होंने खुद को साबित किया है. 2000 के दशक की शुरुआत से शाहिद अब तक बॉलीवुड पर राज कर रहे हैं. शाहिद ने कई हिट फिल्में दी हैं. उनके करियर की ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक 2007 की रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा 'जब वी मेट' (Jab We Met) रही है. इसमें उन्होंने करीना कपूर के साथ रोमांस किया था. फिल्म से शाहिद का किरदार आदित्य कश्यप भी काफी पॉपुलर रहा है. इस किरदार को लेकर शाहिद कपूर ने हाल में एक दिलचस्प किस्सा सुनाया है.
चश्मा पहनने को लेकर मचा था बवाल
इम्तियाज अली के डायरेक्शन में बनी जब वी मेट सुपरहिट रोमांटिक फिल्म रही है. इस फिल्म में दर्शकों को करीना और शाहिद को जोड़ी पसंद आई थी. खासतौर पर शाहिद का कूल-पढ़ाकू लड़के वाला लुक काफी पॉपुलर हुआ था. हाल में एक इंटरव्यू में शाहिद बताया कि कैसे उन्होंने जब वी मेट में चश्मा पहनने के लिए काफी स्ट्रगल किया था. यह कोई आसान काम नहीं था क्यों सभी लोग हीरो को चश्मा पहने नहीं देखना चाहते थे. शाहिद बताते हैं कि, आदित्य कश्यप के रोल में चश्मा पहनने के लिए मैंने हर किसी से लड़ाई की, मैंने कहा, 'मैं इसके लिए चश्मा पहनना चाहता हूं,' और हर किसी ने कहा, 'क्या तुम पागल हो?' हीरो चश्मा थोड़े ही पहनता है? तू गाना कैसे गाएगा?”
हिट हो गया आदित्य कश्यप का लुक
पर शाहिद किरदार में अपनी तरफ से भी कुछ इनपुट जोड़ना चाहते थे. वो चाहते थे फिल्म में आदित्य का किरदार एक बिजनेसमैन, पढ़ाकू और दुखी लड़का लगे. उन्होंने सबको समझाया वो एक दुखी लड़का है जो ट्रेन से कूदकर सुसाइड करना चाहता था. उन्होंने सभी को यह भी बताया कि जब उन्हें गाना और डांस करना होगा तो वह चश्मा हटा देंगे. हालांकि, सभी ने उन्हें ये पागलपन करने से मना किया लेकिन शाहिद का आइडिया हिट रहा और उनका ये लुक काफी पॉपुलर हुआ था.
शाहिद ने मुफ्त में की थी हैदर
इसी बातचीत में कपूर ने खुलासा किया कि उन्होंने विशाल भारद्वाज की फिल्म हैदर फ्री में की थी. उन्होंने इसके लिए कोई फीस नहीं ली थी. शाहिद ने बताया फिल्म मेकर्स मुझे अफोर्ड नहीं कर सकते थे क्योंकि अगर वो मुझे फीस देते तो पूरी फिल्म का बजट ही ठप्प हो जाता. इसलिए मैंने किरदार की अहमियत देख इसे मुफ्त में किया था. हालांकि, अब मैं फ्री में फिल्में नहीं कर सकता क्योंकि मुझे अपना घर भी चलाना है. "
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