मनोरंजन

नेगेटिव PR कंट्रोवर्सी पर शाहिद कपूर ने तोड़ी चुप्पी

Nousheen
12 Jun 2026 3:44 PM IST
नेगेटिव PR कंट्रोवर्सी पर शाहिद कपूर ने तोड़ी चुप्पी
x
फिल्म फेस्टिवल के बाद आलिया को मिली ट्रोलिंग पेड थी।

Entertainment मनोरंजन : फिल्म क्रिटिक अनुपमा चोपड़ा और अभिनेता शाहिद कपूर के बीच हुई एक बातचीत के दौरान आलिया भट्ट को लेकर दिए गए एक बयान ने सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा तेज कर दी है। इस बातचीत में अनुपमा चोपड़ा ने दावा किया कि कान्स फिल्म फेस्टिवल के बाद आलिया भट्ट को जिस तरह की ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, वह पूरी तरह से सामान्य नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पेड नेगेटिव कैंपेन होने की आशंका जताई गई।

अनुपमा चोपड़ा के इस बयान के अनुसार, आलिया भट्ट के खिलाफ की गई कुछ ऑनलाइन टिप्पणियां और सोशल मीडिया पर फैलाई गई नकारात्मक प्रतिक्रिया योजनाबद्ध तरीके से की गई प्रतीत होती हैं। उन्होंने यह भी इशारा किया कि इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े स्टार या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका हो सकती है, हालांकि उन्होंने किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया।

इस बातचीत के दौरान अभिनेता शाहिद कपूर भी मौजूद थे। अनुपमा चोपड़ा के इस दावे पर शाहिद कपूर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चलने वाले कैंपेन आज के समय में एक गंभीर मुद्दा बन चुके हैं। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी आरोप की पुष्टि या खंडन नहीं किया, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिना ठोस सबूत के किसी पर आरोप लगाना सही नहीं होगा।

आलिया भट्ट बॉलीवुड की प्रमुख अभिनेत्रियों में से एक हैं और उन्होंने अपने करियर में कई सफल फिल्मों में काम किया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी उपस्थिति, खासकर कान्स फिल्म फेस्टिवल जैसी प्रतिष्ठित जगहों पर, हमेशा चर्चा में रहती है। ऐसे में उनके खिलाफ ट्रोलिंग और नेगेटिव कैंपेन का मुद्दा मनोरंजन जगत में संवेदनशील माना जा रहा है।

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ, सेलेब्रिटीज को अक्सर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ता है। कई बार यह भी देखा गया है कि किसी फिल्म, बयान या सार्वजनिक उपस्थिति के बाद ऑनलाइन ट्रोलिंग अचानक बढ़ जाती है। इसी संदर्भ में अनुपमा चोपड़ा का यह दावा भी चर्चा में आ गया है।

इस पूरे मामले पर अभी तक आलिया भट्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अन्य लोगों ने भी इस विषय पर सावधानीपूर्वक प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों का मानना है कि इस तरह के आरोपों की जांच बिना ठोस आधार के नहीं की जानी चाहिए।

मनोरंजन विशेषज्ञों का कहना है कि आज के डिजिटल युग में किसी भी सेलेब्रिटी के खिलाफ राय बनना या बिगड़ना बहुत तेजी से होता है। ऐसे में पेड सोशल मीडिया कैंपेन और ऑर्गेनिक ट्रोलिंग के बीच फर्क करना कई बार मुश्किल हो जाता है।

कुल मिलाकर, अनुपमा चोपड़ा के इस बयान ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें सोशल मीडिया ट्रोलिंग, पेड कैंपेन और फिल्म इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे फिर से चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। अब देखना होगा कि इस मामले पर आगे क्या स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया सामने आती है।

Next Story