
नई दिल्ली: बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान ने अपने तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। उन्होंने पर्दे पर रोमांस, कॉमेडी और एक्शन के हर रंग को बखूबी जिया है। लेकिन उनकी फिल्मोग्राफी में कुछ ऐसी फिल्में भी शामिल हैं, जिनकी असफलता आज भी दर्शकों और खुद फिल्म मेकर्स को हैरान करती है। एक ऐसा ही दिलचस्प किस्सा सलमान खान की एक पुरानी फिल्म से जुड़ा है, जो लगभग डेढ़ दशक पहले रिलीज हुई थी। इस फिल्म की कहानी, स्टारकास्ट और सबसे बढ़कर इसका म्यूजिक बेहद लाजवाब था, लेकिन एक गलत फैसले यानी फिल्म के क्लाइमैक्स ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया और अच्छी-भली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर महाफ्लॉप साबित हुई।
इस फिल्म के फ्लॉप होने की सबसे बड़ी वजह इसके डायरेक्टर खुद फिल्म के क्लाइमैक्स को मानते हैं। फिल्म समीक्षकों और दर्शकों का भी यही मानना था कि डायरेक्टर ने फिल्म के अंत में जो ट्विस्ट या सीन डाला, उसकी कोई जरूरत नहीं थी। दर्शक खुद को उस क्लाइमैक्स से जोड़ नहीं पाए और फिल्म का बंटाधार हो गया। यह फिल्म एक बेहतरीन एक्शन और इमोशनल ड्रामा हो सकती थी, लेकिन इसके आखिरी के कुछ सीन्स ने पूरी कहानी का जायका बिगाड़ दिया। सिनेमाघरों से निकलने के बाद दर्शकों के बीच फिल्म की तारीफ तो थी, लेकिन क्लाइमैक्स को लेकर एक बड़ा असंतोष भी था, जिसने फिल्म के बिजनेस को पूरी तरह से ठप कर दिया।
दिलचस्प बात यह है कि बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरने के बावजूद इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा को एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे 7-7 सुपरहिट गाने दिए। फिल्म का म्यूजिक एल्बम इतना शानदार था कि इसके गाने रातों-रात हर जुबान पर चढ़ गए और आज भी इन्हें बॉलीवुड के 'कल्ट गानों' की लिस्ट में गिना जाता है। चाहे रोमांटिक ट्रैक हो, सैड सॉन्ग हो या फिर कोई पेपी नंबर, फिल्म के हर एक गाने ने चार्टबस्टर पर राज किया। गानों की लोकप्रियता का आलम यह था कि लोग सिर्फ म्यूजिक सुनने के लिए भी उत्सुक थे, लेकिन संगीत की यह जादुई सफलता फिल्म को डूबने से नहीं बचा सकी।
फिल्म में सलमान खान का लुक, उनका अंदाज और उनका किरदार दर्शकों को बेहद पसंद आया था। उन्होंने हमेशा की तरह अपने रोल में पूरी जान फूंकी थी। फिल्म के भव्य सेट, सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन वैल्यू की भी काफी तारीफ हुई थी। मेकर्स ने फिल्म को एक बड़े स्केल पर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। लेकिन सिनेमा का यह नियम है कि अगर कहानी की बुनावट और उसका अंत दर्शकों को संतुष्ट न करे, तो बाकी सारी चीजें धरी की धरी रह जाती हैं। इस फिल्म के साथ भी यही हुआ। कहानी कुछ सीन्स पर जाकर ऐसी अटकी कि दर्शक भ्रमित हो गए। खासकर फिल्म का क्लाइमैक्स, जिसे ऑडियंस ने पूरी तरह से बेवजह और जबरदस्ती खींचा हुआ माना।
आज जब भी सलमान खान की सबसे अंडररेटेड या ऐसी फिल्मों की चर्चा होती है जो अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाईं, तो इस फिल्म का नाम सबसे ऊपर आता है। यह इस बात का भी एक बड़ा उदाहरण है कि कैसे एक कमज़ोर या बेमेल क्लाइमैक्स किसी अच्छी-भली और बड़े बजट की फिल्म को भी बर्बाद कर सकता है। गानों के दम पर यह फिल्म आज भी टेलीविजन और ओटीटी पर खूब देखी जाती है, लेकिन बॉक्स ऑफिस के इतिहास में इसे एक महाफ्लॉप फिल्म के रूप में ही दर्ज किया गया, जिसका मलाल इसके मेकर्स को हमेशा रहेगा।





