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Saif Ali Khanका खुलासा, बच्चों को धर्म के बारे में क्या सिखाते हैं?

Ratna Netam
29 Jun 2026 5:21 PM IST
Saif Ali Khanका खुलासा, बच्चों को धर्म के बारे में क्या सिखाते हैं?
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भ्रम या सीमित सोच में न रहें।

Entertainment मनोरंजन : बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान ने हाल ही में अपने बच्चों की धार्मिक समझ और परवरिश को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि वह अपने बच्चों को धर्म को लेकर बहुत सरल और खुली सोच के साथ समझाते हैं, ताकि वे किसी भी तरह के भ्रम या सीमित सोच में न रहें।

सैफ अली खान ने कहा कि उनके लिए यह विषय हमेशा से सहज रहा है क्योंकि वह खुद बहुत ज्यादा धार्मिक नहीं हैं और चीजों को व्यावहारिक नजरिए से देखते हैं। उन्होंने बताया कि जब वह अपने बच्चों से धर्म को लेकर बात करते हैं, तो उन्हें यह प्रक्रिया अच्छी लगती है क्योंकि इसमें किसी तरह का दबाव नहीं होता, बल्कि एक समझ विकसित होती है।सैफ और करीना कपूर खान के बच्चों तैमूर और जेह की परवरिश को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। करीना कपूर पहले हिंदू धर्म से जुड़ी रही हैं, जबकि सैफ अली खान मुस्लिम पृष्ठभूमि से आते हैं। ऐसे में बच्चों के धर्म को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। इस पर सैफ ने स्पष्ट किया कि वे बच्चों को किसी एक धर्म तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें सभी धर्मों के मूल भाव को समझाने की कोशिश करते हैं।

सैफ अली खान ने बताया कि वह अपने बच्चों को यह सिखाते हैं कि ईश्वर एक ही हैं, बस लोगों ने उन्हें अलग-अलग नाम दिए हैं। उनके अनुसार, धर्म का मूल उद्देश्य इंसानियत, प्रेम और एकता है, न कि विभाजन। इसी सोच के साथ वह अपने बच्चों को बड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में बच्चों को खुली सोच देना बेहद जरूरी है, ताकि वे सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करना सीख सकें। सैफ के अनुसार, जब बच्चे अलग-अलग विचारों को समझते हैं, तो वे अधिक संवेदनशील और समझदार बनते हैं।

सैफ अली खान की यह सोच आधुनिक माता-पिता के लिए एक अलग दृष्टिकोण पेश करती है, जिसमें धार्मिक पहचान से ज्यादा इंसानियत और समझ को महत्व दिया जाता है। उनका मानना है कि बच्चों को किसी भी विचारधारा में बांधने के बजाय उन्हें स्वतंत्र सोच देना ज्यादा जरूरी है।कुल मिलाकर सैफ अली खान की यह टिप्पणी दिखाती है कि वे अपने बच्चों को एक संतुलित और खुली सोच वाली परवरिश देने में विश्वास रखते हैं, जहां धर्म से ज्यादा मानवता और आपसी सम्मान को प्राथमिकता दी जाती है।

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