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Mumbai मुंबई। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के सनसनीखेज मामले में जांच लगातार गहराती जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित से मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ जारी है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।
क्राइम ब्रांच की पूछताछ में गोलू पंडित ने कबूल किया है कि वह करीब दो साल पहले बिष्णोई गैंग से जुड़ा था और लगातार गैंग के संपर्क में था। उसने यह भी बताया कि वह सीधे लॉरेंस बिष्णोई से संपर्क में नहीं था, बल्कि उनके बीच एक तीसरा व्यक्ति था, जिसकी तलाश अब पुलिस तेजी से कर रही है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपी गोलू पंडित को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह क्राइम ब्रांच की कस्टडी में है। पुलिस के अनुसार, गोलू का मुख्य काम गैंग के लिए युवकों की भर्ती करना था, जो पैसों के लालच में आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो जाते थे।
जांच में सामने आया है कि इस हमले के लिए मुख्य शूटर दीपक शर्मा को 3 लाख रुपए देने का वादा किया गया था। इस रकम की व्यवस्था गोलू पंडित के जरिए की गई थी। दीपक और गोलू दोनों आगरा के बाह क्षेत्र के आसपास के रहने वाले हैं और एक-दूसरे को पहले से जानते थे। दोनों के पास कोई स्थायी रोजगार नहीं था और आर्थिक तंगी के चलते इस साजिश में शामिल हो गए। इस केस को सुलझाने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने करीब 8 दिनों तक आगरा में लगातार ऑपरेशन चलाया। तकनीकी जांच के तहत करीब 1600 मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। इसमें कई संदिग्ध नंबर हाल ही में एक्टिव पाए गए।
पुलिस ने मोबाइल टावर लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और नेटवर्क एनालिसिस के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया। इसी दौरान एक अहम मोबाइल नंबर सामने आया, जिसने पूरे केस को सुलझाने में निर्णायक भूमिका निभाई और पुलिस को गोलू पंडित तक पहुंचने में मदद मिली।
जांच के दौरान इस मामले में आरजू बिष्णोई नाम के एक शख्स की भूमिका भी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने इस एंगल से जांच और तेज कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे मामले के पीछे एक संगठित आपराधिक नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि आरोपियों ने फायरिंग करने का तरीका YouTube पर वीडियो देखकर सीखा था। इसके बाद उन्होंने पूरी साजिश रची और रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गोलू पंडित पहले से ही बिष्णोई गैंग के संपर्क में था और राजस्थान में फायरिंग की एक घटना में शामिल होने के आरोप में जेल भी जा चुका है। इससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि इस हमले के पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है। फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
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