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कोर्ट के आदेश से जांच पर उठे सवाल
सुशांत सिंह राजपूत केस से जुड़े ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है. मुंबई की एक विशेष अदालत ने उनके चार बैंक खातों को दोबारा शुरू करने का आदेश दिया है. अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी (NCB) जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने में नाकाम रही, जिसकी वजह से बैंक अकाउंट्स को अब और बंद नहीं रखा जा सकता है.
रिया के हक में अदालत का फैसला
रिया के साथ उनके फैमिली मेंबर्स के बैंक अकाउंट्स को भी अनफ्रीज या यानी दोबारा शुरू करने के आदेश दिए गए हैं. मुंबई की एक विशेष अदालत ने शनिवार को रिया चक्रवर्ती के साथ उनके भाई शौविक और उनकी मां संध्या चक्रवर्ती के बैंक खातों को दोबारा शुरू करने की अनुमति दी.
आवेदकों की मुख्य दलील यह थी कि NCB ने NDPS एक्ट की धारा 68F के प्रावधानों का पालन नहीं किया, जिसकी वजह से उनके बैंक खातों को फ्रीज करना पूरी तरह से गैरकानूनी था. वकील अयाज खान ने अदालत का ध्यान इस ओर दिलाया कि रिया चक्रवर्ती परिवार के चार बैंक खातों के मामले में जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई थी.
वहीं, NCB की ओर से एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर गीता नय्यर ने इन याचिकाओं का विरोध किया. उन्होंने अपनी दलील में कहा कि रिया चक्रवर्ती के बयान से यह स्पष्ट होता है कि वो ड्रग सिंडिकेट की एक्टिव सदस्य रही हैं और ड्रग तस्करों के संपर्क में थीं, इसलिए अधिकारी आरोपी के बैंक खातों को फ्रीज करने से संतुष्ट थे. हालांकि, अंत में कोर्ट ने नियमों के पालन न होने को बड़ी गलती मानते हुए रिया और उनके परिवार के 4 खातों को खोलने का आदेश दे दिया.
विशेष न्यायाधीश यू.सी. देशमुख ने मामले की सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि NDPS एक्ट की धारा 68F के उप-नियम (2) में स्पष्ट प्रावधान है कि संपत्ति को फ्रीज या जब्त करने का आदेश तब तक प्रभावी नहीं माना जाएगा, जब तक कि उसे जारी करने के 30 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) द्वारा उसे कंफर्म न कर दिया जाए. न्यायाधीश ने आगे कहा कि इस बात में कोई विवाद नहीं है कि रिया चक्रवर्ती के परिवार के बैंक खातों को NCB के अधिकारी ने फ्रीज किया था, लेकिन इसके लिए तय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.
NCB इस बात से इनकार नहीं कर रही है कि उन्होंने NDPS एक्ट की धारा 68F (2) के नियमों का पालन नहीं किया है. कानून के हिसाब से जिस तरह की मंजूरी या आदेश मिलना चाहिए था, वैसा कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं है. इसलिए, हाई कोर्ट के पुराने फैसले (जतिंदर केस) और धारा 68F के नियमों को देखते हुए, इस अर्जी को मंजूर किया जाना चाहिए.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि इन सभी के बैंक अकाउंट्स को साल 2020 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सुशांत सिंह राजपूत के निधन की जांच के दौरान फ्रीज किए थे. उस दौरान रिया और उनके भाई पर ड्रग्स मामलों से जुड़ी जांच भी चल रही थी. मगर अब सालों बाद अदालत इन अकाउंट्स को फिर से इस्तेमाल करने की इजाजत दे ही है. रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के लिए यह कानूनी राहत काफी अहम है.
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