
Entertainment मनोरंजन : फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘डॉन 3’ विवाद के बीच अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ “नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव” जारी किया था। इस कदम के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या अभिनेता को फेडरेशन की ओर से बैन कर दिया गया है।
हालांकि बाद में FWICE के चीफ एडवाइजर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि फेडरेशन किसी भी कलाकार पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध नहीं लगा सकता। इसके बावजूद इस पूरे घटनाक्रम ने फिल्म इंडस्ट्री में काफी हलचल पैदा कर दी है और मामले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
इसी बीच बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रणवीर सिंह ने मार्च में अपने और ‘डॉन 3’ के निर्माताओं फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की कोशिश की थी। रिपोर्ट के अनुसार, रणवीर की टीम ने एक्सेल एंटरटेनमेंट को एक वित्तीय और पेशेवर समझौते का प्रस्ताव दिया था।
बताया गया है कि इस प्रस्ताव के तहत रणवीर की टीम ने फिल्म निर्माता कंपनी को 10 करोड़ रुपये अग्रिम भुगतान के रूप में देने की पेशकश की थी। इसके अलावा, उन्होंने एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ भविष्य में बनने वाली किसी भी अन्य फिल्म पर 25 करोड़ रुपये की छूट देने का भी ऑफर रखा था।
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव का उद्देश्य तत्काल वित्तीय मुआवजा देकर विवाद को खत्म करना और साथ ही भविष्य में दोनों पक्षों के बीच पेशेवर संबंधों को बनाए रखना था।
हालांकि इस पूरे मामले पर अब तक न तो रणवीर सिंह और न ही एक्सेल एंटरटेनमेंट की ओर से कोई आधिकारिक बयान दिया गया है। वहीं FWICE के बयान और बाद की सफाई ने इस विवाद को और भी जटिल बना दिया है।
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि इस तरह के विवाद बड़े प्रोजेक्ट्स को प्रभावित कर सकते हैं और इससे प्रोडक्शन शेड्यूल पर भी असर पड़ सकता है। ‘डॉन 3’ जैसे बड़े बजट के प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही दर्शकों में काफी उत्सुकता है, ऐसे में यह विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इस विवाद का क्या समाधान निकलता है और क्या यह मामला आपसी बातचीत से सुलझाया जा सकेगा या नहीं।





