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दशहरा मंच पर रणबीर कपूर की जुबान फिसली, ट्रोलिंग के बाद मांगी माफी

nidhi
22 Oct 2026 3:46 PM IST
दशहरा मंच पर रणबीर कपूर की जुबान फिसली, ट्रोलिंग के बाद मांगी माफी
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सच्चाई और अच्छाई पर बोलते हुए गलती कर बैठे रणबीर कपूर
दशहरा कार्यक्रम में दिए गए भाषण के दौरान अभिनेता रणबीर कपूर से हुई एक गलती सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देते समय उन्होंने ‘जीत’ की जगह ‘अंत’ शब्द बोल दिया, जिससे उनके वाक्य का अर्थ बदल गया। कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने अभिनेता को ट्रोल किया। इसके बाद रणबीर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और स्पष्ट किया कि वह वास्तव में क्या कहना चाहते थे।
रणबीर कपूर अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर पहले से सुर्खियों में हैं। ऐसे में दशहरा कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी और मंच से दिया गया संदेश लोगों का ध्यान खींच रहा था। अभिनेता त्योहार के महत्व पर बात कर रहे थे। उनका आशय यह बताना था कि बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिरकार सच्चाई और अच्छाई की ही जीत होती है। हालांकि, बोलते समय एक शब्द की चूक ने पूरे संदेश को उलट दिया।
रणबीर ने भाषण में कहा, “आखिर में अंत सच्चाई और अच्छाई की ही होगी।” इसी हिस्से को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आने लगीं। वाक्य में ‘जीत’ के स्थान पर ‘अंत’ आने के कारण यूजर्स ने उनकी गलती पकड़ ली। कई लोगों ने इसे दशहरे के मूल संदेश के विपरीत बताते हुए अभिनेता पर तंज कसा।
वीडियो पर टिप्पणी करने वालों का ध्यान मुख्य रूप से इसी शब्द पर रहा। कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अभिनेता ने अच्छाई की जीत की बात करते हुए उसी के अंत की बात कह दी। देखते ही देखते भाषण का यह हिस्सा व्यापक चर्चा में आ गया। किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हुई छोटी सी भाषाई चूक कैसे पूरे संबोधन से ज्यादा सुर्खियां बटोर सकती है, यह घटनाक्रम उसका उदाहरण बना।

इस मामले में रणबीर ने बाद में अपनी ओर से स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने स्वीकार किया कि मंच पर बोलते समय उनसे गलती हो गई थी। अभिनेता ने माफी मांगते हुए बताया कि उनका संदेश बुराई पर अच्छाई और सच्चाई की जीत को लेकर था। उन्होंने अपनी बात दोबारा सही तरीके से रखी, ताकि पहले बोले गए वाक्य से पैदा हुई गलतफहमी दूर हो सके।

अपनी सफाई के दौरान रणबीर ने फिल्म ‘रॉकस्टार’ के एक गीत का संदर्भ भी लिया। इसके जरिए उन्होंने अपने विचार और उन्हें व्यक्त करने वाले शब्दों के बीच हुई गड़बड़ी को हल्के अंदाज में समझाने की कोशिश की। उनकी प्रतिक्रिया में गलती स्वीकार करने के साथ उस संदेश को सुधारने पर जोर रहा, जिसे वह दशहरा कार्यक्रम में देना चाहते थे। माफी वाला उनका वीडियो भी सामने आया।
रणबीर की आगामी फिल्म में भगवान राम की भूमिका के कारण इस घटनाक्रम ने अतिरिक्त ध्यान खींचा। फिल्म के विषय और दशहरे के संदेश के बीच सीधा संबंध होने से लोगों ने उनके शब्दों को विशेष गौर से देखा। हालांकि, भाषण की चूक को उनके वास्तविक आशय से अलग समझना भी जरूरी है। बाद की सफाई में अभिनेता ने अच्छाई और सच्चाई की जीत का संदेश स्पष्ट रूप से दोहराया।
सार्वजनिक मंच पर बोलते समय शब्दों का चयन महत्वपूर्ण होता है। विशेष रूप से किसी धार्मिक या सांस्कृतिक पर्व के संदेश में एक गलत शब्द अर्थ को पूरी तरह बदल सकता है। रणबीर के भाषण में भी यही हुआ। वह जिस विचार को सामने रखना चाहते थे, बोलते समय इस्तेमाल हुए शब्द ने उसका उलटा अर्थ दे दिया। वीडियो के छोटे हिस्से में यही गलती सबसे प्रमुख बनकर सामने आई। फिलहाल इस पूरे मामले में दो बातें स्पष्ट हैं—दशहरा भाषण के दौरान रणबीर कपूर से शब्दों की चूक हुई और उन्होंने बाद में उसे स्वीकार कर सही संदेश दोहराया। सोशल मीडिया पर उनकी ट्रोलिंग की खबरों के साथ उनकी माफी और स्पष्टीकरण भी इस घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अभिनेता ने साफ किया कि उनका आशय आखिरकार अच्छाई और सच्चाई की जीत से ही था।
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