
Entertainment मनोरंजन: अभिनेता अभिषेक बच्चन ने हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म “राजा शिवाजी” के VFX को लेकर हो रही आलोचनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस फिल्म में वह संभाजी शाहजी भोसले के किरदार में नजर आए थे, जबकि छत्रपति शिवाजी महाराज का रोल रितेश देशमुख ने निभाया है, जिन्होंने इस फिल्म को को-राइट और डायरेक्ट भी किया है।
फिल्म के VFX को लेकर सोशल मीडिया और दर्शकों की ओर से मिल रहे मिले-जुले रिएक्शंस के बीच अभिषेक बच्चन ने इस बहस पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अक्सर भारतीय फिल्मों की तुलना हॉलीवुड फिल्मों से की जाती है, जबकि दोनों के बीच बजट और संसाधनों का बड़ा अंतर होता है।
अभिषेक बच्चन ने स्पष्ट किया कि VFX का स्तर सीधे तौर पर उस पर लगाए गए समय और बजट पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि जितना अधिक समय और निवेश किसी फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स पर किया जाता है, परिणाम उतना ही बेहतर और प्रभावशाली होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय फिल्म निर्माताओं के सामने समय की कमी एक बड़ी चुनौती होती है, जिसकी वजह से कई बार वांछित स्तर का VFX हासिल करना मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद, उन्होंने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के प्रयासों की सराहना की।
“राजा शिवाजी” को मराठी और हिंदी में एक साथ बनाया गया है और इसका बजट लगभग 75 से 100 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिससे यह अब तक की सबसे महंगी मराठी फिल्मों में शामिल हो गई है। फिल्म का उद्देश्य ऐतिहासिक कहानी को भव्य पैमाने पर दर्शकों के सामने प्रस्तुत करना है।
फिल्म को लेकर जहां एक तरफ इसके भव्य सेट और कहानी की तारीफ हो रही है, वहीं दूसरी ओर VFX क्वालिटी को लेकर कुछ दर्शकों ने सवाल भी उठाए हैं। इसी संदर्भ में अभिषेक बच्चन का यह बयान चर्चा में आ गया है।
अभिषेक ने कहा कि भारतीय सिनेमा तेजी से तकनीकी रूप से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में बेहतर संसाधनों और समय के साथ और भी उच्च गुणवत्ता वाली फिल्में बनाई जाएंगी।
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि “राजा शिवाजी” जैसी फिल्में भारतीय ऐतिहासिक कहानियों को बड़े पैमाने पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास हैं, भले ही तकनीकी चुनौतियां अभी भी मौजूद हों।





