मनोरंजन

‘रामायण में कव्वाली?’ नए गाने को लेकर एआर रहमान की आलोचना

nidhi
26 Oct 2026 10:46 AM IST
‘रामायण में कव्वाली?’ नए गाने को लेकर एआर रहमान की आलोचना
x
रहमान के संगीत से कुछ श्रोता नाराज

एंटरटेनमेंट डेस्क : रणबीर कपूर और साई पल्लवी की आगामी फिल्म ‘रामायण’ का नया गाना ‘मंगल रंग’ रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा में है। एआर रहमान के संगीत वाले इस गीत को लेकर श्रोताओं की राय बंटी हुई दिखाई दे रही है। कुछ यूजर्स ने इसकी धुन और प्रस्तुति को सूफी या कव्वाली जैसी बताते हुए सवाल उठाए हैं। वहीं, दूसरे दर्शकों ने गाने की मधुरता, गायकी और दृश्यांकन की प्रशंसा की है। गीत को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने आवाज दी है।

आलोचना करने वाले कुछ श्रोताओं का कहना है कि रामायण जैसे महाकाव्य पर आधारित फिल्म के संगीत से उनकी अपेक्षाएं अलग थीं। उन्होंने गाने की शैली को फिल्म के पौराणिक परिवेश के अनुरूप नहीं माना। हालांकि, इसे पूरे दर्शक वर्ग की प्रतिक्रिया नहीं कहा जा सकता। उपलब्ध प्रतिक्रियाओं में पसंद और नापसंद, दोनों तरह की राय सामने आई है।
सूफी शैली को लेकर क्यों उठे सवाल?
सोशल मीडिया मंच एक्स पर कुछ लोगों ने ‘मंगल रंग’ सुनने के बाद इसके संगीत में सूफियाना प्रभाव महसूस होने की बात कही। कुछ प्रतिक्रियाओं में सवाल उठाया गया कि राम और सीता की कहानी पर आधारित फिल्म में इस तरह का संगीत क्यों इस्तेमाल किया गया। आलोचना का मुख्य केंद्र गीत की संगीत शैली और उससे जुड़ी दर्शकों की अपेक्षाएं हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि ‘कव्वाली जैसी’ या ‘सूफी शैली’ वाली पहचान फिलहाल कुछ श्रोताओं की प्रतिक्रिया है। इसे निर्माताओं की ओर से घोषित संगीत श्रेणी के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। किसी धुन में परिचित शैली का प्रभाव सुनाई देना और उसे तकनीकी रूप से उसी विधा का गीत मान लेना अलग बातें हैं।
‘कुन फया कुन’ से भी हुई तुलना
कुछ यूजर्स ने नए गीत की तुलना रहमान की चर्चित संगीत रचना ‘कुन फया कुन’ से की है। उनके अनुसार, ‘मंगल रंग’ सुनते समय उस गीत की याद आती है। इसी तुलना के आधार पर संगीतकार के प्रयोग और रचनात्मक चुनाव को लेकर टिप्पणियां की गईं।
हालांकि, ऐसी तुलना श्रोताओं की व्यक्तिगत अनुभूति को दर्शाती है। इससे दोनों गीतों के एक जैसा होने या किसी रचना की नकल किए जाने की पुष्टि नहीं होती। उपलब्ध खबरों में संगीत चोरी की कोई प्रमाणित जांच या विशेषज्ञ निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए ऑनलाइन टिप्पणियों को संगीत संबंधी राय के रूप में ही देखना उचित होगा।
राम-सीता के विवाह का दृश्यांकन
‘मंगल रंग’ में भगवान राम और माता सीता के विवाह से जुड़े प्रसंग दिखाए गए हैं। गीत के दृश्यों में मिथिला का परिवेश, सीता स्वयंवर और विवाह समारोह की झलक शामिल है। रणबीर कपूर राम तथा साई पल्लवी सीता की भूमिका में नजर आते हैं। हिंदी गीत के बोल कुमार विश्वास ने लिखे हैं।
विवाह जैसे महत्वपूर्ण प्रसंग की प्रस्तुति होने के कारण दर्शक संगीत के साथ पोशाक, भाव और दृश्य संयोजन पर भी ध्यान दे रहे हैं। इस तरह के प्रसंगों से लोगों की सांस्कृतिक स्मृतियां जुड़ी होती हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में रामकथा सुनने और प्रस्तुत करने की परंपराएं भी अलग हैं, जिससे संगीत को लेकर अपेक्षाओं में अंतर होना स्वाभाविक है।
गायकी और कलाकारों की भी हुई तारीफ
गाने को केवल आलोचना ही नहीं मिली है। कुछ दर्शकों ने रणबीर कपूर और साई पल्लवी की जोड़ी तथा उनके बीच दिखाए गए भावनात्मक संबंध को पसंद किया है। सकारात्मक प्रतिक्रियाओं में रहमान की धुन की भी सराहना की गई है।
अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाजें इस गीत का प्रमुख हिस्सा हैं। संगीत को लेकर असहमति रखने वाले श्रोताओं और उसे पसंद करने वालों के बीच अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हो रही है। कोई धुन की उपयुक्तता पर सवाल उठा रहा है, तो कोई गायकी और दृश्यों के भावनात्मक प्रभाव को महत्व दे रहा है।
पांच भाषाओं में जारी हुआ गीत
‘मंगल रंग’ को हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में भी जारी किया गया है। बहुभाषी प्रस्तुति के जरिए इसे अलग-अलग भाषाई दर्शकों तक पहुंचाया गया है। फिल्म में रणबीर कपूर और साई पल्लवी के अलावा यश भी प्रमुख कलाकारों में शामिल हैं।
विभिन्न भाषाओं में रिलीज होने से गीत पर चर्चा का दायरा बढ़ा है। हालांकि, किसी एक मंच की चुनिंदा पोस्ट के आधार पर इसकी समग्र लोकप्रियता या स्वीकार्यता का निष्कर्ष निकालना कठिन है। इसके लिए व्यापक दर्शक प्रतिक्रिया और सुनने के आंकड़ों जैसे अलग प्रमाण जरूरी होंगे।
संगीत की प्रस्तुति पर जारी चर्चा
गीत जारी होने के अवसर पर रहमान ने राम और सीता के संबंध की कोमलता तथा पवित्रता को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत करने की भावना व्यक्त की थी। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि धुन श्रोताओं के भीतर आत्मीयता और भक्ति का भाव पैदा करेगी। फिलहाल ‘मंगल रंग’ की चर्चा संगीत के रचनात्मक चुनाव और पौराणिक कहानी से जुड़ी अपेक्षाओं के इर्द-गिर्द है। कुछ श्रोता इसकी शैली से असहमत हैं, जबकि अन्य इसकी प्रस्तुति पसंद कर रहे हैं। गीत को लेकर सामने आई यह मिली-जुली प्रतिक्रिया फिल्म के संगीत को बातचीत के केंद्र में ले आई है।

Next Story