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नसीरुद्दीन शाह पर भड़के पीयूष मिश्रा, विरोध प्रदर्शन में मौजूदगी पर उठाए तीखे सवाल
Ashish verma
5 Oct 2026 3:48 PM IST

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नई दिल्ली New Delhi । बॉलीवुड के दो दिग्गज और अनुभवी कलाकार पीयूष मिश्रा और नसीरुद्दीन शाह अपनी दमदार अदाकारी के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं। दोनों कलाकार लंबे समय से थिएटर और सिनेमा की दुनिया में सक्रिय रहे हैं, लेकिन अब एक विरोध प्रदर्शन को लेकर उनके बीच वैचारिक मतभेद खुलकर सामने आए हैं। मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बाद पीयूष मिश्रा ने एक वीडियो संदेश जारी कर नसीरुद्दीन शाह की मौजूदगी और उनके रुख पर सवाल उठाए हैं।
पीयूष मिश्रा का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। वीडियो में उन्होंने नसीरुद्दीन शाह को लेकर कई तीखे सवाल किए और बॉलीवुड के कुछ कलाकारों की ओर से अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनाए जाने वाले रुख की आलोचना की। पीयूष मिश्रा ने सवाल उठाया कि जब देश में बहादुरी, राष्ट्रीय हित और दुखद घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मामले सामने आते हैं, तब फिल्म इंडस्ट्री के कई वरिष्ठ कलाकार उसी तरह खुलकर अपनी आवाज क्यों नहीं उठाते।
पीयूष मिश्रा ने अपने वीडियो संदेश में नसीरुद्दीन शाह की विरोध प्रदर्शन में मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए उनके वैचारिक रुख को निशाने पर लिया। उनका कहना था कि सार्वजनिक जीवन में प्रभाव रखने वाले कलाकारों को राष्ट्रीय महत्व से जुड़े सभी मुद्दों पर समान रूप से संवेदनशील रहना चाहिए। किसी एक विषय पर मुखर होना और दूसरे महत्वपूर्ण मामलों पर चुप रहना कई सवाल खड़े करता है।
पीयूष मिश्रा की नाराजगी केवल नसीरुद्दीन शाह तक सीमित नहीं दिखाई दी। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के उस वर्ग पर भी सवाल खड़े किए जो सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखता रहा है। उनके मुताबिक, जब किसी मुद्दे पर आवाज उठाई जाती है तो उसका पैमाना सभी घटनाओं के लिए समान होना चाहिए। पीयूष मिश्रा के बयान का मुख्य केंद्र यही सवाल रहा कि कुछ घटनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया देने वाले लोग दूसरे राष्ट्रीय मुद्दों पर चुप क्यों नजर आते हैं।
नसीरुद्दीन शाह भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं, जो अभिनय के अलावा सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए भी जाने जाते हैं। वह समय-समय पर देश की राजनीति, समाज और अन्य विषयों पर अपनी बात रखते रहे हैं। उनके बयानों को लेकर पहले भी समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिलता रहा है। इस बार शिवाजी पार्क के विरोध प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी को लेकर पीयूष मिश्रा ने खुलकर असहमति जाहिर की है।
दूसरी तरफ पीयूष मिश्रा भी अपनी स्पष्ट और बेबाक शैली के लिए पहचाने जाते हैं। अभिनेता होने के साथ वह लेखक, गीतकार और संगीतकार के तौर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं। सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर वह बिना लाग-लपेट अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में नसीरुद्दीन शाह के खिलाफ उनका यह वीडियो संदेश दोनों वरिष्ठ कलाकारों के बीच वैचारिक मतभेद को सार्वजनिक रूप से सामने ले आया है।
इस पूरे विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू फिल्मी सितारों की सामाजिक और राजनीतिक भूमिका से भी जुड़ा हुआ है। बॉलीवुड कलाकारों के राजनीतिक बयानों को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है। किसी मुद्दे पर अभिनेता या अभिनेत्री के बयान देने के बाद सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध का दौर शुरू हो जाता है। कई बार कलाकारों से उन मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया मांगी जाती है, जिन पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की होती।
पीयूष मिश्रा ने इसी संदर्भ में चुनिंदा मुद्दों पर बोलने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाया है। उनका तर्क है कि अगर कोई कलाकार सामाजिक और राजनीतिक घटनाओं पर अपनी आवाज उठाता है तो उसे देश के दूसरे गंभीर मामलों पर भी उतनी ही स्पष्टता के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। उनके वीडियो में यह नाराजगी साफ दिखाई देती है कि राष्ट्रीय महत्व की कई घटनाओं पर फिल्म जगत के चर्चित चेहरे उतने सक्रिय नहीं दिखाई देते।
हालांकि किसी कलाकार का किस मुद्दे पर बोलना है या चुप रहना है, यह उसकी व्यक्तिगत पसंद और विचारधारा का विषय भी माना जाता है। सार्वजनिक हस्तियों के राजनीतिक विचार अलग-अलग हो सकते हैं और एक ही घटना को लेकर उनकी राय में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। पीयूष मिश्रा और नसीरुद्दीन शाह के बीच सामने आया यह मतभेद भी इसी वैचारिक असहमति का उदाहरण बन गया है।
दोनों कलाकारों का भारतीय सिनेमा और थिएटर में लंबा अनुभव रहा है। नसीरुद्दीन शाह दशकों से समानांतर और मुख्यधारा के सिनेमा में अपनी अदाकारी का प्रभाव छोड़ते आए हैं। वहीं पीयूष मिश्रा ने थिएटर, फिल्मों, लेखन और संगीत के जरिए अपनी अलग जगह बनाई है। ऐसे में दो अनुभवी कलाकारों के बीच सार्वजनिक रूप से सामने आया वैचारिक टकराव स्वाभाविक रूप से लोगों का ध्यान खींच रहा है।
पीयूष मिश्रा के वीडियो संदेश के बाद अब चर्चा इस बात को लेकर भी है कि नसीरुद्दीन शाह इस आलोचना पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में उनकी ओर से पीयूष मिश्रा के सवालों पर किसी जवाब का उल्लेख नहीं है। इसलिए उनके पक्ष को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
फिलहाल यह मामला दो अभिनेताओं की व्यक्तिगत असहमति से आगे बढ़कर बॉलीवुड हस्तियों के राजनीतिक और सामाजिक रुख पर बहस का विषय बन गया है। पीयूष मिश्रा ने अपने वीडियो के जरिए जो सवाल उठाए हैं, उन्होंने एक बार फिर यह चर्चा तेज कर दी है कि सार्वजनिक प्रभाव रखने वाले फिल्मी कलाकारों की सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर क्या भूमिका होनी चाहिए और क्या उनसे हर बड़े मुद्दे पर प्रतिक्रिया की अपेक्षा की जानी चाहिए।
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