मनोरंजन

बेटे को पहली बार छोड़कर काम पर लौटीं परिणीति चोपड़ा, तीन घंटे तक रोती रहीं

Kavita2
27 Sept 2026 5:21 PM IST
बेटे को पहली बार छोड़कर काम पर लौटीं परिणीति चोपड़ा, तीन घंटे तक रोती रहीं
x

मुंबई। अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने मां बनने के बाद पहली बार अपने बच्चे को छोड़कर काम पर लौटने के अनुभव के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि अपने बेटे से पहली बार दूर जाते समय वह इतनी भावुक हो गई थीं कि सफर के दौरान करीब तीन घंटे तक रोती रहीं। परिणीति ने इस भावना को केवल ‘मॉम गिल्ट’ नहीं, बल्कि बहुत ज्यादा शारीरिक दर्द जैसा अनुभव बताया।

परिणीति ने एक इंटरव्यू में मां बनने के बाद जिंदगी में आए बदलावों के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि बेटे के जन्म के बाद वह कई महीनों तक उसके साथ चौबीसों घंटे घर पर रही थीं। दिन-रात बच्चे के साथ रहने के बाद जब पहली बार उन्हें उससे दूर जाना पड़ा तो यह उनके लिए बेहद मुश्किल अनुभव था।

अभिनेत्री ने उस दिन को याद करते हुए बताया कि बच्चे को छोड़कर मुंबई की फ्लाइट लेने के दौरान वह लगातार रोती रहीं। उनके मुताबिक उस सफर की बहुत सी बातें उन्हें याद तक नहीं हैं। वह कब एयरपोर्ट पहुंचीं, कब फ्लाइट में बैठीं और कब अपने गंतव्य तक पहुंचीं, इसकी याद उनके मन में स्पष्ट नहीं है।

परिणीति ने कहा, “जब मुझे पहली बार अपने बच्चे को छोड़ना पड़ा और यह डिलीवरी के कई महीनों बाद हुआ था, जब मैं 24/7, दिन-रात घर पर ही रहती थी...” उन्होंने आगे बताया कि पहली बार बच्चे से अलग होने के दौरान वह पूरी तरह भावनाओं में डूब गई थीं।

उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “जब मैंने उसे पहली बार छोड़ा, तो मुझे बॉम्बे की वह फ्लाइट याद नहीं है। मुझे कुछ याद नहीं है। मुझे नहीं पता कि मैं कब एयरपोर्ट से गुजरी, फ्लाइट में बैठी, उतरी और घर पहुंची। मुझे कुछ भी याद नहीं है। मैं बस तीन घंटे तक रोती रही।”

परिणीति ने बताया कि उनके लिए यह अनुभव केवल भावनात्मक अपराधबोध तक सीमित नहीं था। उन्होंने इसे ‘मॉम गिल्ट’ से कहीं ज्यादा गहरी भावना बताया। अभिनेत्री के मुताबिक बच्चे से अलग होने का अहसास उनके लिए बहुत ज्यादा शारीरिक दर्द जैसा था।

मां बनने के बाद काम पर लौटने वाली महिलाओं के अनुभवों और उनसे जुड़ी उम्मीदों पर भी परिणीति ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि मातृत्व के बाद जीवन और काम को देखने का नजरिया बदल जाता है। बच्चे के साथ लगातार समय बिताने के बाद उससे कुछ समय के लिए भी अलग होना आसान नहीं होता।

परिणीति का यह अनुभव उन कामकाजी माताओं की भावनाओं से भी जुड़ता है, जिन्हें बच्चे के जन्म के बाद दोबारा अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों की ओर लौटना पड़ता है। अभिनेत्री ने अपनी भावनाओं के बारे में खुलकर बात करते हुए बताया कि उनके लिए पहली बार बच्चे को घर छोड़कर जाना कितना कठिन था।

कई महीनों तक बेटे के साथ लगातार रहने के कारण परिणीति की दिनचर्या पूरी तरह बच्चे के आसपास केंद्रित हो गई थी। ऐसे में पहली बार उससे दूर जाने का समय आया तो भावनात्मक रूप से यह बदलाव उनके लिए आसान नहीं रहा।

अभिनेत्री ने कहा कि सफर के दौरान उनकी स्थिति ऐसी थी कि उन्हें आसपास क्या हो रहा है, इसका भी ठीक से ध्यान नहीं था। उनका पूरा ध्यान अपने बच्चे और उससे दूर होने की भावना पर था। यही वजह थी कि उन्हें एयरपोर्ट से लेकर फ्लाइट और उसके बाद की यात्रा तक की स्पष्ट याद नहीं रही।

मां बनने के बाद परिणीति के जीवन में केवल निजी स्तर पर ही नहीं, बल्कि पेशेवर सोच में भी बदलाव आया है। उन्होंने अपनी लेटेस्ट सीरीज ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ को लेकर भी बताया कि पेरेंट बनने के बाद कहानी और किरदारों को देखने का उनका नजरिया पहले की तुलना में बदल गया है।

पेरेंट बनने के बाद इंसान कई परिस्थितियों को अलग नजरिए से देखने लगता है। परिणीति ने भी इसी बदलाव का जिक्र किया। मातृत्व के अनुभव ने उनके भावनात्मक नजरिए को प्रभावित किया है और इसका असर उनके काम तथा कहानियों को समझने के तरीके पर भी पड़ा है।

परिणीति की बातों से यह भी सामने आया कि कामकाजी मां के रूप में पेशेवर और निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाना उनके लिए एक नई यात्रा है। एक तरफ बच्चे के साथ रहने की इच्छा है, वहीं दूसरी तरफ काम से जुड़ी जिम्मेदारियां भी हैं।

पहली बार बेटे से दूर जाने का उनका अनुभव इसी बदलाव का सबसे भावुक हिस्सा रहा। कई महीनों तक लगातार बच्चे के आसपास रहने के बाद अचानक उससे अलग होकर यात्रा करना उनके लिए आसान नहीं था।

परिणीति ने मां बनने के बाद महिलाओं से जुड़ी अपेक्षाओं पर भी चर्चा की। कामकाजी महिलाओं के सामने अक्सर यह चुनौती होती है कि उन्हें बच्चे और करियर दोनों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। अभिनेत्री ने अपने अनुभव के जरिए इसी भावनात्मक पहलू को सामने रखा।

उन्होंने अपने अनुभव को केवल सामान्य ‘मॉम गिल्ट’ कहकर सीमित नहीं किया। उनके मुताबिक उस समय उन्हें जिस तरह की तकलीफ महसूस हुई, वह बहुत ज्यादा शारीरिक दर्द की तरह थी। बच्चे से दूरी ने उन्हें भावनात्मक रूप से गहराई से प्रभावित किया।

परिणीति ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चे से पहली बार दूर जाने की घटना डिलीवरी के तुरंत बाद की नहीं थी। बेटे के जन्म के कई महीने बाद उन्हें पहली बार इस तरह उससे दूर जाना पड़ा था। तब तक वह लगातार घर पर रहकर उसके साथ समय बिता रही थीं।

इसी कारण जब काम के लिए सफर का समय आया तो यह उनके लिए बड़ा भावनात्मक बदलाव बन गया। फ्लाइट का पूरा सफर उन्होंने रोते हुए बिताया और बाद में उन्हें यात्रा से जुड़ी कई चीजें याद भी नहीं रहीं।

मातृत्व के बाद परिणीति के जीवन का यह नया दौर उनके व्यक्तिगत अनुभवों के साथ पेशेवर जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। नई सीरीज ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ को देखने और समझने के उनके नजरिए में भी पेरेंट बनने के बाद बदलाव आया है।

परिणीति चोपड़ा का यह अनुभव मां बनने के बाद पहली बार काम पर लौटने की भावनात्मक चुनौती को सामने लाता है। बेटे के साथ महीनों तक चौबीसों घंटे रहने के बाद उससे पहली बार अलग होना उनके लिए इतना मुश्किल रहा कि तीन घंटे की यात्रा के दौरान वह लगातार रोती रहीं। अब उन्होंने इस अनुभव को साझा करते हुए बताया है कि उनके लिए यह केवल ‘मॉम गिल्ट’ नहीं, बल्कि बेहद गहरी और शारीरिक दर्द जैसी भावना थी।

Next Story