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Mumbai मुंबई। 1970 और 80 के दशक में हिंदी सिनेमा में कई अभिनेताओं ने अपने अभिनय का लोहा मनवाया, लेकिन कुछ कलाकार ऐसे भी थे जिन्होंने अपने अभिनय में नयापन लाने की कोशिश की। ऐसे ही एक कलाकार थे नवीन निश्चल, जिन्होंने अपनी फिल्मों में हमेशा अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को अपनाया। आज वह हमारे बीच नहीं हैं। उनका निधन 19 मार्च 2011 को दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ था। उन्होंने 65 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उन्होंने अपने करियर में कई हिट फिल्में दीं, लेकिन 1974 में आई फिल्म 'वो मैं नहीं' ने उन्हें एक नई पहचान दी। यह फिल्म खास इसलिए थी, क्योंकि इसमें नवीन निश्चल ने एक ही फिल्म में कई अलग-अलग किरदार निभाए। उस समय यह तरीका दर्शकों के लिए बिल्कुल नया और रोमांचक था।
फिल्म की कहानी आम जीवन से जुड़ी हुई थी। इसमें मुख्य रूप से यह दिखाया गया कि कैसे एक व्यक्ति अपने जीवन की कई अलग-अलग भूमिकाओं में खुद को ढालता है और समाज में अपनी पहचान बनाता है। कहानी में कॉमिक और गंभीर दोनों तरह के पहलू थे, जिससे दर्शकों को हर पल रोमांचक लगा, लेकिन सबसे बड़ा आकर्षण था नवीन निश्चल का अभिनय, जो हर किरदार में अलग अंदाज और भावना लेकर आया।
नवीन निश्चल ने इस फिल्म में कमाल की बहुमुखी प्रतिभा दिखाई। उन्होंने फिल्म में कई अलग-अलग लोगों के किरदार निभाए। एक किरदार में वे एक शांत और समझदार इंसान थे, जो अपने परिवार और दोस्तों की मदद करता है। दूसरे किरदार में उन्होंने एक चालाक और मजाकिया इंसान की भूमिका निभाई, जो परिस्थितियों का लाभ उठाता है। तीसरे किरदार में उनका रूप गंभीर और तनावपूर्ण था, जिसमें उनके चेहरे के भाव और आवाज की ताकत ने दर्शकों को पूरी तरह अपनी ओर खींच लिया। इन सभी किरदारों में नवीन का अंदाज और अभिनय का तरीका बिल्कुल अलग था, लेकिन हर किरदार में उनकी कला की चमक साफ दिखाई देती थी।
फिल्म में यह दिखाना कि एक ही अभिनेता इतने किरदारों में ढल सकता है, उस समय आसान नहीं था, लेकिन नवीन निश्चल ने अपनी कड़ी मेहनत और अनुभव से यह काम बेहद खूबसूरती से किया। उनके चेहरे के भाव, हाव-भाव और बोलने का तरीका दर्शकों के मन को भा गया। यही वजह थी कि फिल्म को आलोचकों और दर्शकों दोनों ने सराहा।
नवीन निश्चल ने अक्सर अपने करियर में इस तरह की बहुमुखी भूमिकाओं को अपनाया। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। चाहे वह 'हंसते जख्म' में गंभीर किरदार हो या 'विक्टोरिया नंबर 203' में मजाकिया रोल, उन्होंने हर बार दर्शकों को नया अनुभव दिया। फिल्म 'वो मैं नहीं' इस बात का शानदार उदाहरण है कि कैसे एक अभिनेता अपनी प्रतिभा और मेहनत से दर्शकों को रोमांचित कर सकता है।
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