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Nitesh Tiwari ने किया बड़ा खुलासा

Uma Verma
24 March 2025 11:42 AM IST
Nitesh Tiwari ने किया बड़ा खुलासा
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मुंबई | फिल्म निर्माता नितेश तिवारी, जो अपनी फिल्मों से दर्शकों का दिल जीत चुके हैं, अब बॉलीवुड की दो क्लासिक फिल्मों 'अमर अकबर एंथनी' और 'दीवार' के रीमेक को लेकर अपने विचार साझा कर रहे हैं। उनका मानना है कि इन दोनों फिल्मों के रीमेक को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है, जिससे नई पीढ़ी भी इन फिल्मों के जादू का अनुभव कर सके।

क्लासिक फिल्मों का रीमेक बनाना चाहते हैं नितेश तिवारी
नितेश तिवारी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि 'अमर अकबर एंथनी' और 'दीवार' जैसी फिल्मों के रीमेक की योजना उन्होंने बनाई है। उनका कहना है कि ये फिल्में न केवल भारतीय सिनेमा की पहचान हैं, बल्कि इनकी कहानियां और किरदार आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। वे इन फिल्मों को अपनी शैली में नया जीवन देना चाहते हैं, ताकि युवा दर्शक वर्ग भी इनकी कहानी से जुड़ सके।

'अमर अकबर एंथनी' का रीमेक
'अमर अकबर एंथनी' 1977 में रिलीज हुई थी और इसे मनमोहन देसाई ने निर्देशित किया था। यह फिल्म तीन भाइयों की कहानी है, जिन्हें अलग-अलग धर्मों के परिवारों में पाला जाता है, और उनकी जीवन यात्रा को बड़े ही दिलचस्प तरीके से दिखाया गया था। नितेश तिवारी का मानना है कि इस फिल्म की दिलचस्प कहानी को अब नए अंदाज में पेश किया जा सकता है, जिससे आज के समाज से जुड़े मुद्दे भी उभर सकें।

'दीवार' का रीमेक
'दीवार' 1975 में रिलीज हुई थी और इसे यश चोपड़ा ने निर्देशित किया था। यह फिल्म शहरी संघर्ष, परिवार के प्यार और अपराध की दुनिया में धकेलने के बारे में थी। इसके डायलॉग्स और पात्रों ने आज भी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई है। नितेश तिवारी का मानना है कि इस फिल्म के रीमेक को नई पीढ़ी के लिए एक अलग दृष्टिकोण से पेश किया जा सकता है, जिससे इसके संदेश को और भी प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सके।

नितेश तिवारी की फिल्म निर्माण शैली
नितेश तिवारी ने पहले 'दंगल' और 'छिछोरे' जैसी फिल्मों से दर्शकों को अपनी फिल्म निर्माण शैली से प्रभावित किया है। उनकी फिल्मों में हमेशा ही सामाजिक संदेश होता है, और वे हमेशा मानवीय पहलुओं को सामने लाने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक, 'अमर अकबर एंथनी' और 'दीवार' जैसी फिल्मों के रीमेक में भी वे वही समझदारी और संवेदनशीलता लाना चाहेंगे।

फिल्मों के रीमेक पर विचार
नितेश तिवारी ने बताया कि रीमेक का विचार सिर्फ उन फिल्मों तक सीमित नहीं है, जिनका पहले ही बॉलीवुड में अच्छा प्रदर्शन हो चुका है, बल्कि वह उन फिल्मों के रीमेक के बारे में सोचते हैं, जिनकी कहानी आज भी प्रासंगिक हो। वे मानते हैं कि रीमेक में केवल कहानी का अनुवाद नहीं करना चाहिए, बल्कि उस कहानी को नए रूप में प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि आज के दर्शकों के लिए यह और भी आकर्षक बने।


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