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नीता अंबानी ने गुट्टापुसालू नेकलेस और सिल्क साड़ी में दिखाया तेलुगु अंदाज

nidhi
5 Oct 2026 2:21 PM IST
नीता अंबानी ने गुट्टापुसालू नेकलेस और सिल्क साड़ी में दिखाया तेलुगु अंदाज
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तेलुगु ज्वेलरी की खूबसूरती, नीता अंबानी के अंदाज में दिखी

एंटरटेनमेंट डेस्क: नीता अंबानी का पारंपरिक फैशन एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय कला और शिल्प को अपने पहनावे के जरिए सामने रखने वाली नीता अंबानी ने एक खास लुक में गुट्टापुसालू नेकलेस के साथ शानदार सिल्क साड़ी पहनी। उनके आभूषण और साड़ी के इस संयोजन ने दक्षिण भारतीय, खासकर तेलुगु आभूषण परंपरा की ओर ध्यान खींचा। गुट्टापुसालू को आंध्र प्रदेश से जुड़ी पारंपरिक ज्वेलरी शैली माना जाता है।

गुट्टापुसालू नेकलेस की सबसे खास पहचान इसमें इस्तेमाल होने वाले छोटे-छोटे मोतियों की कई लड़ियां हैं। फैशन विशेषज्ञों के मुताबिक इसके नाम में तेलुगु शब्द ‘गुट्टा’ और ‘पुसालू’ शामिल हैं। इसके डिजाइन में मोतियों की कतारों को मछलियों के झुंड जैसी आकृति से जोड़कर समझाया जाता है। यही पारंपरिक डिजाइन इसे दूसरी भारतीय नेकलेस शैलियों से अलग पहचान देता है।
नीता अंबानी का यह अंदाज उनके भारतीय हस्तशिल्प और पारंपरिक परिधानों के प्रति जुड़ाव को भी दर्शाता है। वह अलग-अलग मौकों पर देश के विभिन्न हिस्सों की साड़ियों और आभूषण परंपराओं को अपने लुक का हिस्सा बनाती रही हैं। उनका फैशन केवल भव्यता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों की शिल्प परंपराओं को भी सामने लाता है।गुट्टापुसालू को खास तौर पर दक्षिण भारत की पारंपरिक ज्वेलरी के रूप में जाना जाता है। भारतीय फैशन विशेषज्ञों ने इसे आंध्र प्रदेश की पारंपरिक डिजाइन परंपरा से जोड़ा है। नेकलेस की संरचना में मोतियों के साथ रंगीन रत्नों का इस्तेमाल भी किया जाता है, जिससे यह पारंपरिक और शाही दोनों तरह का प्रभाव देता है। नीता अंबानी के इस लुक की एक और खासियत उनका सिल्क साड़ी के साथ इस आभूषण को चुनना रहा। सिल्क साड़ी और पारंपरिक नेकलेस का संयोजन भारतीय उत्सव और सांस्कृतिक मौकों के लिए लंबे समय से लोकप्रिय रहा है। उनके लुक में साड़ी की खूबसूरती और नेकलेस की बारीक कारीगरी एक साथ नजर आती है।
नीता अंबानी के फैशन विकल्पों में भारतीय शिल्प को प्राथमिकता देने की झलक पहले भी मिलती रही है। हाल ही में उन्होंने स्वदेश की साड़ियों और पारंपरिक आभूषणों को कई मौकों पर पहना है। स्वदेश का उद्देश्य भी भारतीय कारीगरों और देश की पारंपरिक कला को सामने लाना है। गुट्टापुसालू नेकलेस के साथ नीता अंबानी का यह अंदाज ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय पारंपरिक आभूषणों को आधुनिक फैशन में दोबारा प्रमुखता मिल रही है। डिजाइनर अब क्षेत्रीय आभूषण शैलियों को नए रंग, आकार और स्टाइलिंग के साथ पेश कर रहे हैं। इसके बावजूद पारंपरिक डिजाइन की मूल पहचान को बनाए रखने की कोशिश की जाती है।
गुट्टापुसालू की खूबी इसकी जटिल कारीगरी में भी है। मोतियों की कई परतों को सावधानी से सजाया जाता है और बीच-बीच में रत्नों या सजावटी तत्वों का इस्तेमाल किया जाता है। इसे साड़ी या पारंपरिक दक्षिण भारतीय परिधानों के साथ पहना जाए तो पूरा लुक काफी शाही दिखाई देता है।
नीता अंबानी के फैशन को लेकर यह भी खास बात है कि वह अक्सर एक लुक में कपड़े और आभूषण की क्षेत्रीय पहचान को साथ रखती हैं। इससे पारंपरिक भारतीय फैशन को एक व्यापक मंच मिलता है। उनके इस पहनावे में भी गुट्टापुसालू को प्रमुखता देना तेलुगु आभूषण परंपरा की ओर लोगों का ध्यान खींचता है। गुट्टापुसालू केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय सांस्कृतिक और शिल्प विरासत से जुड़ी एक शैली है। इसके डिजाइन में मोतियों का इस्तेमाल इसकी प्रमुख पहचान है। समय के साथ इसके कई आधुनिक रूप बाजार में आए हैं, लेकिन पारंपरिक संस्करण आज भी अपनी विशिष्टता बनाए हुए हैं।
नीता अंबानी का यह लुक भारतीय फैशन में क्षेत्रीय विरासत की अहमियत को भी सामने लाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों की साड़ी, बुनाई और ज्वेलरी शैलियां भारतीय फैशन की विविधता को दर्शाती हैं। ऐसे में पारंपरिक आभूषण को आधुनिक स्टाइलिंग के साथ पहनना इन विरासत शैलियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक माध्यम बन सकता है। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया और फैशन प्रेमियों के बीच भी चर्चा का विषय बना है। सिल्क साड़ी की चमक, पारंपरिक गुट्टापुसालू नेकलेस और सधी हुई स्टाइलिंग ने पूरे लुक को खास बना दिया।
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