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Entertainment,मनोरंजन: बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी पिछले कुछ समय से अपने परिवारिक विवादों के चलते सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने अपने भाई शमसुद्दीन सिद्दीकी और अपनी पूर्व पत्नी अंजना पांडे / आलिया (Aaliya) के खिलाफ 100 करोड़ रुपए की मानहानि याचिका दायर की थी। नवाजुद्दीन का आरोप था कि उनके भाई और पत्नी ने उनके बारे में झूठे, मानहानिकारक बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स के ज़रिए उनकी छवि को हानि पहुँचाई।
हालाँकि, नवीनतम निर्णय में बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने उक्त याचिका को गैर‑प्रदर्शन (non‑prosecution) के आधार पर खारिज कर दिया है।
मामला क्या था?
नवाजुद्दीन ने यह याचिका मार्च 2023 में बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर की थी, जिसमें वे शमसुद्दीन और अंजना पर आरोप लगा रहे थे कि उन्होंने:
उनके भाई को 2008 से मैनेजर नियुक्त किया था और वित्तीय मामलों की ज़िम्मेदारी सौंपी थी, जिसमें बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, चेक बुक, पासवर्ड आदि शामिल थे।
आरोप था कि शमसुद्दीन ने उनकी जानकारी के बिना संपत्तियाँ खरीदीं, और साथ ही उन्होंने अंजना को उकसाया ताकि वह उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराएँ।
नवाजुद्दीन ने दावा किया था कि यह सब मानहानिकारक पोस्ट्स और वीडियो शेयर करके उनकी छवि को नुकसान पहुँचाया गया, और उनके कई प्रोजेक्ट भी प्रभावित हुए।
उनकी याचिका में यह भी मांग की गई थी कि कोर्ट आदेश दे कि भाई और पूर्व पत्नी वे सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करें और उनके खिलाफ defamatory content हटाएँ।
खारिज होने का कारण: “नन‑प्रोसेक्यूशन”
10 अक्टूबर 2025 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने न्यायाधीश जीतेन्द्र जैन की एकल पीठ द्वारा इस याचिका को खारिज कर दिया। मुख्य कारण non‑prosecution यानी कि याचिकाकर्ता की ओर से मामले की उचित सुनवाई या प्रयास नहीं करना बताया गया।
अदालत का मानना था कि याचिका में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, और याचिकाकर्ता खुद अपनी याचिका को आगे नहीं ले पाया।
अन्य ध्यान देने योग्य बातें
खारिजी आदेश में कहा गया है कि विवरणी आदेश अभी उपलब्ध नहीं है।
नवाजुद्दीन की याचिका खारिज किए जाने से यह विवाद अभी खत्म नहीं माना जा सकता — संभावना है वे पुनर्विचार की याचिका या अपील दाखिल करें।
पिछले सुनवाईयों में कोर्ट ने कहा था कि दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर मानहानिकारक पोस्ट न करें और मामले का शांतिपूर्वक समाधान निकालने की कोशिश करें।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी की 100 करोड़ रुपए की मानहानि याचिका, जो उन्होंने अपने भाई और पूर्व पत्नी के खिलाफ दायर की थी, बॉम्बे हाई कोर्ट ने non-prosecution के आधार पर खारिज कर दी है। अदालत ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि याचिकाकर्ता—नवाजुद्दीन—अपने मुकदमे को आगे नहीं ले सके।
इस फैसले का यह मतलब नहीं कि आरोप सिद्ध हो गए हैं, बल्कि फिलहाल न्यायालय ने उस याचिका को आगे नहीं बढ़ने दिया। अभिनेता अब या तो पुनर्विचार या दूसरी कानूनी राह अपना सकते हैं।
अगर चाहें तो मैं इस केस की पूरी कानूनी प्रक्रिया, रिकॉर्ड और अगली संभावनाओं पर भी रिपोर्ट बना सकता हूँ — बताइए क्या चाहिए?
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