
Mumbai मुंबई: जानी-मानी अभिनेत्री नफीसा अली ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक भावुक खुलासा किया है। अभिनेत्री ने बताया कि फिल्म ‘मैक्स, मिन और म्याऊज़ाकी’ की शूटिंग के दौरान वह स्टेज 3 कैंसर से जूझ रही थीं। उन्होंने कहा कि उस मुश्किल दौर में उन्होंने खुद से कई सवाल किए, लेकिन अपने काम और जिंदगी के प्रति सकारात्मक सोच बनाए रखी।
नफीसा अली ने बताया कि वह इस समय भी कैंसर से लड़ाई लड़ रही हैं और अब उनकी बीमारी स्टेज 4 तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और अपने काम को जारी रखा। अभिनेत्री का कहना है कि फिल्म का हिस्सा बनने का उनका फैसला केवल अभिनय तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा उद्देश्य भी था।
Mumbai, Maharashtra: Actor and director Nassar says, "Paddy came and narrated this story. It did not feel like a story. It felt like people I had already known. I saw my father in it. I saw my son in it. I saw my friend's daughter, who went through a similar situation. So, it was… pic.twitter.com/iNEpcAtWnP
— IANS (@ians_india) July 11, 2026
उन्होंने कहा कि ‘मैक्स, मिन और म्याऊज़ाकी’ की कहानी में समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। इसी वजह से उन्होंने अपनी स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद इस प्रोजेक्ट से जुड़ने का फैसला किया।
नफीसा अली भारतीय सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने फिल्मों के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी बेबाक राय रखी है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बावजूद उनका आत्मविश्वास और सकारात्मक नजरिया लोगों को प्रेरणा देता रहा है।
अभिनेत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बीमारी के दौरान शूटिंग करना आसान नहीं था। शारीरिक और मानसिक चुनौतियों के बीच काम करना उनके लिए एक कठिन परीक्षा थी, लेकिन उन्होंने खुद को मजबूत बनाए रखा। उनका मानना है कि कला और रचनात्मकता इंसान को मुश्किल समय में भी आगे बढ़ने की ताकत देती है।
नफीसा अली ने कहा कि जब उन्हें कैंसर के बारे में पता चला, तो उनके मन में कई तरह के विचार आए। उन्होंने खुद से सवाल किए कि आगे की जिंदगी कैसी होगी और वह किन चीजों को पूरा करना चाहती हैं। हालांकि, उन्होंने डर के बजाय उम्मीद और साहस का रास्ता चुना।
उन्होंने अपने परिवार और शुभचिंतकों के समर्थन को भी महत्वपूर्ण बताया। अभिनेत्री के अनुसार, बीमारी के दौरान अपनों का साथ और सकारात्मक सोच उन्हें आगे बढ़ने में मदद करती रही।
फिल्म ‘मैक्स, मिन और म्याऊज़ाकी’ को लेकर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मनोरंजन के लिए बनाई गई फिल्म नहीं है, बल्कि इसमें एक सामाजिक संदेश भी शामिल है। उनका मानना है कि ऐसी कहानियां दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं और समाज में बदलाव लाने में भूमिका निभा सकती हैं।
नफीसा अली का यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब वह कैंसर के इलाज के साथ-साथ अपने काम और सार्वजनिक जीवन को भी जारी रख रही हैं। उन्होंने कई मौकों पर अपनी बीमारी को लेकर खुलकर बात की है, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े और कैंसर से जूझ रहे लोगों को हौसला मिल सके।
कैंसर जैसी बीमारी के साथ जीवन जीने को लेकर अभिनेत्री का नजरिया काफी सकारात्मक रहा है। वह लोगों को संदेश देती रही हैं कि बीमारी को जीवन का अंत नहीं समझना चाहिए, बल्कि हिम्मत और उम्मीद के साथ उसका सामना करना चाहिए।
नफीसा अली के प्रशंसकों ने उनके साहस और जज्बे की सराहना की है। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। लोगों का कहना है कि अभिनेत्री ने अपनी निजी लड़ाई को भी एक प्रेरणा में बदल दिया है।
फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने भी नफीसा अली के संघर्ष और सकारात्मक सोच की तारीफ की है। उनके अनुसार, अभिनेत्री ने दिखाया है कि मुश्किल परिस्थितियों में भी इंसान अपने जुनून और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ सकता है।
नफीसा अली का यह सफर बीमारी से लड़ने के साथ-साथ जिंदगी को पूरी मजबूती से जीने का उदाहरण पेश करता है। उन्होंने साबित किया है कि कठिन समय में भी इंसान अपने सपनों, जिम्मेदारियों और समाज के प्रति अपने योगदान को जारी रख सकता है।





