
मनोरंजन: दक्षिण भारतीय सिनेमा की मशहूर गायिका और अपनी मधुर आवाज के लिए जानी जाने वालीं एस. जानकी का निधन हो गया है। संगीत जगत में ‘जानकी अम्मा’ के नाम से लोकप्रिय एस. जानकी ने 88 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री और उनके करोड़ों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, एस. जानकी का निधन 11 जुलाई 2026 को मैसूर में हुआ। उनके परिवार ने इस दुखद खबर की पुष्टि की। गायिका की पोती अप्सरा वैदुला ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की जानकारी साझा की और भावुक श्रद्धांजलि दी।
अप्सरा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनकी प्यारी दादी और महान गायिका एस. जानकी ने अपने परिवार और प्रियजनों के बीच शांति से अंतिम सांस ली। उन्होंने कहा कि भले ही परिवार इस समय दुखी है, लेकिन उन्हें अपनी दादी के शानदार जीवन और उनके संगीत पर हमेशा गर्व रहेगा, जिसने लाखों लोगों को खुशी दी।
एस. जानकी भारतीय संगीत जगत की सबसे प्रतिष्ठित आवाजों में से एक थीं। उन्होंने अपने लंबे करियर में करीब 48 हजार से अधिक गाने रिकॉर्ड किए। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी समेत कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
अपनी सुरीली आवाज, भावनात्मक अभिव्यक्ति और अलग अंदाज के कारण एस. जानकी ने कई पीढ़ियों के संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह बनाई। उनके गाए गीतों ने दक्षिण भारतीय सिनेमा के संगीत को नई ऊंचाइयां दीं।
एस. जानकी का जन्म 23 अप्रैल 1938 को आंध्र प्रदेश में हुआ था। उन्होंने बहुत कम उम्र से ही संगीत में रुचि दिखाई और धीरे-धीरे अपनी पहचान एक बेहतरीन पार्श्व गायिका के रूप में बनाई। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई बड़े संगीतकारों और फिल्मी सितारों के साथ काम किया।
उनकी आवाज में भावनाओं की गहराई और विविधता थी। यही वजह थी कि वे रोमांटिक गीतों से लेकर भावुक और शास्त्रीय शैली के गीतों तक हर तरह के गानों में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहीं।
एस. जानकी को उनके योगदान के लिए कई बड़े पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। हालांकि उन्होंने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी पहचान उनके प्रशंसकों का प्यार रहा।
उनके निधन के बाद फिल्म जगत की कई हस्तियों और संगीत प्रेमियों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। लोगों ने उन्हें भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर बताते हुए उनके गीतों को हमेशा याद रखने की बात कही।
एस. जानकी का जाना भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत माना जा रहा है। उनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। उनके गाए हजारों गीत हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेंगे।





