मनोरंजन

रावण और राम के किरदार को लेकर मुकेश खन्ना ने जताई बड़ी आशंका

Ratna Netam
4 Sept 2026 4:59 PM IST
रावण और राम के किरदार को लेकर मुकेश खन्ना ने जताई बड़ी आशंका
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मनोरंजन : भारतीय सिनेमा में जब भी रामायण जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर फिल्म या सीरीज बनाने की बात होती है तो दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ जाती हैं। भगवान राम की कथा करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। ऐसे में आने वाली फिल्म **'रामायण 2026'** को लेकर भी लोगों में जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिल रही है। इसी बीच अभिनेता मुकेश खन्ना का एक बयान चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने अभी तक फिल्म का ट्रेलर नहीं देखा है।
मुकेश खन्ना ने कहा कि रामायण केवल एक कहानी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास का विषय है। इसलिए इस तरह के प्रोजेक्ट को लेकर बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी तरह से प्रस्तुति में गलती हुई तो लोगों की आस्था को चोट पहुंच सकती है।
रामायण को लेकर मुकेश खन्ना की चिंता
मुकेश खन्ना भारतीय टेलीविजन के लोकप्रिय कलाकारों में शामिल हैं। उन्हें खासतौर पर ‘शक्तिमान’ और पुराने दौर के पौराणिक धारावाहिकों से पहचान मिली। धार्मिक और ऐतिहासिक विषयों पर उनकी अपनी अलग राय रही है।
रामायण जैसे विषय पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं है। भगवान राम का चरित्र भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़ा हुआ है। इसलिए इसे पर्दे पर दिखाने के दौरान निर्माताओं को जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
ट्रेलर क्यों नहीं देखा?
मुकेश खन्ना ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर फिल्म का ट्रेलर नहीं देखा। उनका कहना है कि वह पहले से कोई राय बनाना नहीं चाहते और बिना पूरी जानकारी के किसी प्रोजेक्ट पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी प्रस्तुति में रामायण के मूल भाव, मर्यादा और धार्मिक भावना से छेड़छाड़ होती है तो यह लोगों की भावनाओं को प्रभावित कर सकती है।
बोले आस्था का ध्यान रखना जरूरी
मुकेश खन्ना का कहना है कि रामायण के पात्र केवल फिल्मी किरदार नहीं हैं। भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जैसे पात्र लोगों के जीवन में श्रद्धा का स्थान रखते हैं।
उन्होंने कहा कि फिल्म बनाने वालों को रचनात्मक स्वतंत्रता जरूर मिलनी चाहिए, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। किसी भी बदलाव या प्रस्तुति में यह ध्यान रखना चाहिए कि लोगों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
रामायण 2026 को लेकर बढ़ी उत्सुकता
रामायण 2026 को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। बड़े बजट और आधुनिक तकनीक के साथ बनाई जा रही इस फिल्म से लोगों को भारतीय संस्कृति और महाकाव्य की भव्य प्रस्तुति की उम्मीद है।
फिल्म में शानदार विजुअल इफेक्ट्स, बड़े सेट और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही वजह है कि रिलीज से पहले ही यह प्रोजेक्ट चर्चा में बना हुआ है।
धार्मिक फिल्मों में बढ़ी जिम्मेदारी
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सिनेमा में पौराणिक और ऐतिहासिक विषयों पर कई फिल्में बनी हैं। इनमें से कुछ फिल्मों को दर्शकों ने पसंद किया, जबकि कुछ को लेकर विवाद भी सामने आए।
ऐसे में रामायण जैसे विषय पर फिल्म बनाने वालों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि वे आधुनिक सिनेमा की जरूरतों और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखें।
दर्शकों की भी अलग-अलग राय
सोशल मीडिया पर रामायण 2026 को लेकर दर्शकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे भारतीय संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने का बड़ा अवसर मान रहे हैं।
वहीं, कुछ लोग चाहते हैं कि फिल्म में मूल कथा और पात्रों की गरिमा को पूरी तरह बनाए रखा जाए। लोगों का कहना है कि रामायण के साथ किसी भी तरह का प्रयोग सोच-समझकर किया जाना चाहिए।
मुकेश खन्ना पहले भी उठा चुके हैं धार्मिक मुद्दे
मुकेश खन्ना इससे पहले भी कई बार फिल्मों और टीवी कंटेंट में दिखाई जाने वाली चीजों को लेकर अपनी राय रखते रहे हैं। वह अक्सर कहते हैं कि मनोरंजन के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
उनका मानना है कि कलाकारों और निर्माताओं को ऐसे विषयों पर काम करते समय जनता की भावनाओं को समझना चाहिए।
रामायण की लोकप्रियता का इतिहास
भारत में रामायण की लोकप्रियता सदियों पुरानी है। टीवी पर प्रसारित हुई रामानंद सागर की ‘रामायण’ ने घर-घर में भगवान राम की कथा को पहुंचाया था।
आज भी उस धारावाहिक को लोग श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करते हैं। यही कारण है कि नई रामायण परियोजनाओं की तुलना अक्सर पुराने संस्करणों से की जाती है।
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