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Met Gala 2026 में भारतीय शाही विरासत की झलक, राजघरानों की भव्य एंट्री ने खींचा ध्यान

Kavita2
5 May 2026 9:50 AM IST
Met Gala 2026 में भारतीय शाही विरासत की झलक, राजघरानों की भव्य एंट्री ने खींचा ध्यान
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Entertainment मनोरंजन : मेट गाला 2026 इस बार भारतीय प्रतिनिधित्व और शाही विरासत के कारण खास चर्चा में रहा। न्यूयॉर्क स्थित मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ आर्ट में आयोजित इस प्रतिष्ठित फैशन इवेंट में न केवल फिल्म निर्माता करण जौहर शामिल हुए, बल्कि भारतीय राजघरानों ने भी अपनी भव्य उपस्थिति से वैश्विक मंच पर खास पहचान बनाई।

इस बार पहली बार भारतीय शाही परिवार की ओर से राजकुमारी गौरवी कुमारी और जयपुर के महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह, जिन्हें स्नेह से ‘पाचो’ कहा जाता है, ने मेट गाला में शिरकत की। दोनों ने भारतीय राजसी परंपरा और आधुनिक फैशन का अनोखा संगम पेश करते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया।

राजकुमारी गौरवी कुमारी का लुक इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। उन्होंने अपनी दादी और प्रसिद्ध हस्ती गायत्री देवी की पुरानी साड़ी को पुनः डिजाइन कर पहनने का निर्णय लिया। इस साड़ी को प्रसिद्ध डिजाइनर प्रबल गुरुंग के सहयोग से एक आधुनिक फ्लोइंग गाउन में बदला गया। इस डिजाइन में मूल सॉफ्ट पिंक शिफॉन ड्रेप की भावना और उसकी पारंपरिक सुंदरता को बरकरार रखते हुए उसे रेड कार्पेट के अनुरूप एक संरचित (structured) सिल्हूट में ढाला गया।

गौरवी का यह लुक केवल फैशन स्टेटमेंट नहीं था, बल्कि यह भारतीय विरासत और पारिवारिक इतिहास को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक भावनात्मक प्रयास भी माना गया। साड़ी के पुनः उपयोग और उसे आधुनिक रूप देने के पीछे उद्देश्य यह था कि परंपरा और समकालीन फैशन के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।

दूसरी ओर, महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने भी अपने शाही अंदाज़ और क्लासिक भारतीय परिधान के साथ मेट गाला में उपस्थिति दर्ज कराई। उनका लुक भारतीय रॉयल्टी और आधुनिक वैश्विक फैशन के मेल का प्रतिनिधित्व करता दिखाई दिया।

इस बार मेट गाला में भारतीय शाही परिवार की भागीदारी को फैशन जगत में एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की भागीदारी भारतीय सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक मजबूती से स्थापित करती है।

फैशन समीक्षकों ने गौरवी कुमारी के लुक को “हेरिटेज रीइमेजिनेशन” का बेहतरीन उदाहरण बताया, जिसमें पारंपरिक वस्त्र को आधुनिक डिजाइन के साथ पुनः प्रस्तुत किया गया। वहीं, प्रबल गुरुंग के साथ उनका सहयोग भारतीय फैशन की वैश्विक पहचान को और मजबूत करता दिखाई दिया।

मेट गाला 2026 में भारतीय प्रतिनिधित्व ने यह भी साबित किया कि पारंपरिक विरासत और आधुनिक फैशन एक साथ मिलकर वैश्विक मंच पर प्रभावशाली छाप छोड़ सकते हैं। इस उपस्थिति ने भारतीय शाही परिवारों और डिजाइनरों के बीच सहयोग को भी नई दिशा दी है।

इस आयोजन के बाद सोशल मीडिया पर भी भारतीय शाही लुक्स की खूब चर्चा रही और उन्हें मेट गाला के सबसे यादगार फैशन मोमेंट्स में शामिल किया गया।

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